दीवाली के दो दिन बाद भी दिल्ली की एयर क्वालिटी में नहीं हुआ सुधार, प्रदूषण का स्तर ‘बेहद गंभीर’
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर दीवाली के बाद दूसरे दिन भी ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में बना रहा. राष्ट्रीय राजधानी में धुंध की मोटी परत छायी रही. हालांकि अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार की तुलना में एयर क्वालिटी में कुछ सुधार नजर आया.

नई दिल्ली: दिल्ली में प्रदूषण का स्तर दीवाली के बाद दूसरे दिन भी ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में बना रहा. राष्ट्रीय राजधानी में धुंध की मोटी परत छायी रही. हालांकि अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार की तुलना में एयर क्वालिटी में कुछ सुधार नजर आया. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार कुल एयर क्वालिटी सूचकांक (एक्यूआई) 426 दर्ज किया गया जो ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में आता है.
केंद्र संचालित एयर क्वालिटी और मौसम पूर्वानुमान, अनुसंधान प्रणाली (सफर) ने कहा कि गुरुवार से शहर की एयर क्वालिटी में ‘उल्लेखनीय सुधार’ देखा गया है, हालांकि हवा की धीमी गति के कारण हालात में सुधार की गति भी बेहद धीमी रही.
सफर ने कहा, ‘‘वर्तमान में यह अब भी बेहद गंभीर बना हुआ है, हालांकि इसमें आगे सुधार की संभावना है. दोपहर तक यह ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच जायेगा और शनिवार तक इसमें और सुधार देखा जायेगा. हवा में घुले सूक्ष्म कण पीएम 10 में पीएम 2.5 की मात्रा गुरुवार को 75 प्रतिशत (सामान्य 55 प्रतिशत की तुलना में) थी, जिसमें धीरे-धीरे कमी आ रही है.’’
इसने यह भी बताया कि पराली जलाने के मामलों में कमी से इनसे निकलने वाले धुएं के कारण हवा में पीएम 2.5 प्रदूषकों की मात्रा मामूली रही. सीपीसीबी के आंकड़े के अनुसार दिल्ली में 28 इलाकों में एयर क्वालिटी ‘बेहद गंभीर’ दर्ज की गयी, जबकि चार इलाकों में एयर क्वालिटी ‘बेहद खराब’ दर्ज की गयी.
शुक्रवार को पीएम 2.5 (हवा में 2.5 माइक्रोमीटर से कम व्यास वाले कणों की मौजूदगी) का स्तर 272 माइक्रोग्राम-3 दर्ज किया गया. सफर के अनुसार पीएम 10 (हवा में 10 माइक्रोमीटर से कम व्यास वाले कणों की मौजूदगी) का स्तर स्वीकार्य सीमा से छह गुणा अधिक यानि 422 माइक्रोग्राम-3 दर्ज किया गया.
एयर क्वालिटी सूचकांक पर शून्य से 50 अंक तक हवा की गुणवत्ता को अच्छा, 51 से 100 तक संतोषजनक, 101 से 200 तक सामान्य, 201 से 300 के स्तर को खराब, 301 से 400 के स्तर को बहुत खराब और 401 से 500 के स्तर को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 से ऊपर पहुंचने पर यह ‘‘अत्यंत गंभीर और आपात’’ श्रेणी में माना जाता है. सफर के आंकड़े के अनुसार दीवाली पर आतिशबाजी के कारण राष्ट्रीय राजधानी में एयर क्वालिटी गुरुवार को ‘अत्यंत गंभीर और आपात’ स्तर को पार गया था.
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