दिल्ली एयरपोर्ट पर लगा देश का पहला स्मार्ट मौसम सिस्टम, उड़ान से पहले मिलेगी खतरे की चेतावनी
Delhi IGI Airport: अब तक पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को मौसम की जानकारी थोड़ी देर बाद मिलती थी. SKYCAST यह काम रियल टाइम में करेगा यानी हर पांच मिनट पर ताजा अपडेट मिलेगा.

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर भारत का पहला स्मार्ट मौसम सिस्टम लगा है, जो आसमान में मौसम की हर हरकत पर नजर रखेगा. इसका नाम स्काईकास्ट (SkyCast) है. केंद्र सरकार के विज्ञान मंत्रालय और एयरपोर्ट चलाने वाली कंपनी DIAL ने मिलकर शुक्रवार (29 मई 2026) को इसे शुरू किया.
क्या करेगा यह सिस्टम
अब तक पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को मौसम की जानकारी थोड़ी देर बाद मिलती थी. SKYCAST यह काम रियल टाइम में करेगा यानी हर पांच मिनट पर ताजा अपडेट मिलेगा. यह सिस्टम जमीन से करीब दस किलोमीटर ऊपर तक हवा की रफ्तार, तापमान, नमी और कोहरे जैसी हर चीज को लगातार देखता रहता है.
उड़ान से पहले मिलेगी खतरे की चेतावनी
अगर रनवे के पास अचानक तेज हवा चलने लगे, कोहरा आ जाए या बिजली गिरने का खतरा हो तो SKYCAST तुरंत अलर्ट भेजेगा. इससे पायलट और कंट्रोल रूम दोनों को पहले से पता चल जाएगा और वो सही फैसला ले सकेंगे. इससे उड़ानें कैंसिल होने या दूसरे शहर डायवर्ट होने के मामले कम होंगे.
दुनिया के टॉप एयरपोर्ट भी करते हैं यही काम
सीधा मतलब यह है कि खराब मौसम में भी फ्लाइट समय पर उड़ेगी और लैंड करेगी. कोहरे की वजह से जो घंटों की देरी होती थी वो अब कम होगी. यात्रियों को एयरपोर्ट पर बैठकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा. लंदन का हीथ्रो, सिंगापुर का चांगी और न्यूयॉर्क का JFK एयरपोर्ट पहले से ऐसे सिस्टम इस्तेमाल कर रहे हैं. अब दिल्ली भी उस लिस्ट में आ गया है. पूरे भारत में अभी सिर्फ दिल्ली एयरपोर्ट के पास यह सुविधा है.
दिल्ली में मौसम कभी भी बदल सकता है और सही वक्त पर सही जानकारी मिलना बहुत जरूरी है. SKYCAST से यात्रियों का सफर और ज्यादा सुरक्षित और आसान होगा. दिल्ली में गुरुवार (28 मई 2026) शाम को हुई बारिश के कारण लोगों को भीषण गर्मी से शुक्रवार सुबह कुछ राहत मिली और न्यूनतम तापमान एक दिन पहले दर्ज 28.4 डिग्री सेल्सियस से घटकर 25.3 डिग्री सेल्सियस रह गया.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. मौसम विभाग ने दोपहर और शाम के समय बारिश होने, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है.
Source: IOCL


























