एक्सप्लोरर

दिल्लीः शीतलहर ने तोड़ा 13 साल का रिकॉर्ड, इस बार जनवरी में सबसे अधिक दिन रहा असर

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने जानकारी दी है कि दिल्ली में जनवरी में सात दिन शीतलहर चली जो कि 2008 के बाद सर्वाधिक दिन हैं. वर्ष 2019 और 2020 में जनवरी में शीतलहर का केवल एक दिन रहा था. वहीं, 2013 में शीतलहर वाले छह दिन थे.

नई दिल्लीः भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज जानकारी दी है कि दिल्ली में जनवरी में सात दिन शीतलहर चली जो 2008 के बाद इस महीने में सर्वाधिक ऐसे दिन हैं. मैदानी भाग में जब न्यूनतम तापमान चार डिग्री तक गिर जाता है तो आईएमडी शीतलहर की घोषणा करता है जब मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान दो डिग्री या उससे भी नीचे चला जाता है तो वह भयंकर शीतलहर की स्थिति होती है.

आईएमडी के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा,‘‘ इस साल जनवरी में शीतलहर वाले दिन 2008 के बाद से सर्वाधिक रहे, 2008 में जनवरी में शीतलहर वाले दिन 12 थे.’’

वर्ष 2019 और 2020 में जनवरी में सिर्फ एक दिन चली शीतलहर वर्ष 2019 और 2020 में इस महीने में शीतलहर का केवल एक दिन रहा था. दिल्ली में जनवरी, 2013 में शीतलहर वाले छह दिन थे. श्रीवास्तव ने बताया कि केवल एक पश्चिमी विक्षोभ ने इस जनवरी में पश्चिमोत्तर के मैदानी भागों को प्रभावित किया. फलस्वरूप अधिकतर दिनों में रात में बादल नहीं रहे और अधिक ‘शीतलहर वाले’ दिन रहे.

दरअसल, बादल वायुमंडल से लौटने वाली कुछ अवरक्त (इंफ्रारेड) किरणों को अवशोषित कर लेते हैं , फलस्वरूप धरातल गर्म रहता है. बादलों के अभाव में न्यूनतम तापमान गिर जाता है.

सुबह पारा 3.1 डिग्री सेल्सियस तक लुढका रविवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी में शीतलहर चलती रही और पारा 3.1 डिग्री सेल्सियस तक लुढक गया. पिछले एक सप्ताह में शीतलहर का यह चौथा दिन है.आईएमडी के अनुसार मंगलवार और गुरुवार को मैदानी भागों में सर्द और शुष्क उत्तरी -पश्चिमी हवा चलने के कारण पारा क्रमश: 2.1 और 3.8 डिग्री तक लुढक गया था.

नए साल पर सबसे कम रहा तापमान शुक्रवार को भी दिल्ली में शीतलहर चलती रही और न्यूनतम तापमान चार डिग्री दर्ज किया गया था. यह सामान्य से पांच डिग्री कम था. नये साल के पहले दिन शहर में पारा 1.1 डिग्री तक लुढक गया था जो पिछले 15 सालों में जनवरी का सबसे कम न्यूनतम तापमान था.

यह भी पढ़ें

क्रिप्टोकरेंसी पर लगेगा बैन? बजट सत्र में नया बिल ला सकती है सरकार

प्रधानमंत्री के बयान पर संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा- बातचीत के रास्ते खुले लेकिन तीनों कानून रद्द करे सरकार

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

‘जॉब नहीं मिलेगा तो सिंहासन हिलेगा’, BJP की शिकस्त के बीच राहुल का ट्वीट
‘जॉब नहीं मिलेगा तो सिंहासन हिलेगा’, BJP की शिकस्त के बीच राहुल का ट्वीट
डिजिटल हो रही भारत की सांस्कृतिक विरासत! सरकार ने संसद में क्यों कहा?
डिजिटल हो रही भारत की सांस्कृतिक विरासत! सरकार ने संसद में क्यों कहा?
तेलंगाना में वन विभाग के जुल्म पर आदिवासियों का गुस्सा, किया प्रदर्शन
तेलंगाना में वन विभाग के जुल्म पर आदिवासियों का गुस्सा, किया प्रदर्शन
कर्नाटक कैबिनेट में नहीं मिली जगह, नाराज दो विधायकों ने दिया इस्तीफा
कर्नाटक कैबिनेट में नहीं मिली जगह, नाराज दो विधायकों ने दिया इस्तीफा

वीडियोज

Triggered Insaan ने 50 घंटे की Live Stream से Assam Flood Relief के लिए जुटाए ₹70 लाख
Ram Gopal Varma-Urmila Matondkar की सीक्रेट शादी का दावा, पुराने किस्से फिर चर्चा में
Salman Khan ने SVC63 के लिए घटाई फीस? 120 करोड़ से 70 करोड़ लेने की चर्चा
हम सालों से घुटने के दर्द से बेवजह डर रहे थे? जो बात डॉक्टर भी छुपाते हैं, वो आज बाहर आ गई!
Baba Bageshwar: जमीन की 'लूट'...क्या बाबा बागेश्वर ने दी छूट ? | Dhirendra Shashtri

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
बांकीपुर रिजल्ट: PK की जीत पर अरविंद केजरीवाल बोले, 'BJP की...'
बांकीपुर रिजल्ट: PK की जीत पर अरविंद केजरीवाल बोले, 'BJP की...'
युवाओं पर लाठी-पैलेट गन चलाने के लिए…, खरगे का PM मोदी पर हमला
युवाओं पर लाठी-पैलेट गन चलाने के लिए…, खरगे का PM मोदी पर हमला
'कुछ भी नहीं बचा...', असम बाढ़ में फंसीं गोपी बहू की मां, छलका दर्द, नहीं रोक पाईं आंसू
'कुछ भी नहीं बचा...', असम बाढ़ में फंसीं गोपी बहू की मां, छलका दर्द, नहीं रोक पाईं आंसू
बुमराह की जगह टीम इंडिया में आए आकिब नबी की टोटल नेटवर्थ कितनी है?
बुमराह की जगह टीम इंडिया में आए आकिब नबी की टोटल नेटवर्थ कितनी है?
बांकीपुर रिजल्ट: प्रशांत किशोर की पहली प्रतिक्रिया, 'मेरे विधायक बनने से…'
बांकीपुर रिजल्ट: प्रशांत किशोर की पहली प्रतिक्रिया, 'मेरे विधायक बनने से…'
दतिया में नरोत्तम मिश्रा नहीं बीजेपी की हार की ये हैं 5 बड़ी वजहें, पढ़ें यहां
दतिया में नरोत्तम मिश्रा नहीं बीजेपी की हार की ये हैं 5 बड़ी वजहें, पढ़ें यहां
कर्नाटक के साथ कावेरी विवाद, CM विजय ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
कर्नाटक के साथ कावेरी विवाद, CM विजय ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
आपराधिक बैकग्राउंड वालों को नहीं राहत, प्रदर्शन पर जानें SC ने क्या कहा
आपराधिक बैकग्राउंड वालों को नहीं राहत, प्रदर्शन पर जानें SC ने क्या कहा
Embed widget