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देश में पहली बार ड्रोन के इस्तेमाल के लिए नीति की घोषणा, इन पहलुओं पर करना होगा गौर
किसी ऐसे जगह में ड्रोन उड़ाने की इजाजत नहीं होगी, जिससे किसी की निजता का हनन हो. इस खबर में जानिए कि ड्रोन नीति के मुख्य पहलू क्या-क्या हैं?

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने देश में पहली बार ड्रोन के इस्तेमाल के लिए एक नीति की घोषणा की है. फिलहाल ड्रोन के जरिये फ़ूड या अन्य सामानों की डिलिवरी करने की इजाजत नहीं होगी. इतना ही नहीं किसी ऐसे जगह में ड्रोन उड़ाने की इजाजत नहीं होगी, जिससे किसी की निजता का हनन हो. इस खबर में जानिए कि ड्रोन नीति के मुख्य पहलू क्या-क्या हैं? ड्रोन नीति के मुख्य पहलू क्या हैं?
- ड्रोन के मालिक और पायलट्स को ग्रह मंत्रालय से लेना होगा सिक्युरिटी क्लीयरेन्स.
- रिमोट पायलट की न्यूनतम उम्र 18 साल होनी चाहिए.
- एयरपोर्ट और उसके आसपास, अंतरास्ट्रीय बॉर्डर, कोस्टल लाइन, विजय चौक दिल्ली में, राज्यों के सचिवालय, स्ट्रेटजिक लोकेशन, महत्वपूर्ण मिलिट्री लोकेशन के ड्रोन का उड़ाना प्रतिबंधित होगा.
- ड्रोन केवल सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले उड़ाने की इजाजत होगी.
- सिक्योरिटी क्लीयरेंस के लिए आवेदन कर्ता को पासपोर्ट,आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस में से दो दस्तावेज स्वप्रमाणित देना होगा.
- भारतीय कंपनियों और कॉर्पोरेट को ड्रोन संचालन के लिए गृह मंत्रालय से इजाज़त लेनी होगी.
- छोटे और उससे अधिक के श्रेणी के ड्रोन के इस्तेमाल करने वालों को डीजीसीए से मंजूरी मिली फ्लाइंग ट्रेनिग आर्गेनाइजेशन से प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लेना होगा.
- रेगुलेशन provisions का उल्लंघन करने पर यूआईएन/यूएओपी को रद्द किया जाएगा.
- आईपीसी की धारा 287,336,337,338 और संबंधित धाराओं के तहत आरोपी पर कारवाई की जाएगी.
- एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 और एयरक्राफ्ट रूल्स 1937 के तहत भी करवाई जाएगी.
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