Coronavirus: भारत के 30 एयरपोर्ट पर की जा रही है यूनिवर्सल स्कैनिंग
कोरोना वायरस थ्रेट को लेकर भारत हर जरूरी कदम उठा रहा है. इसी के चलते भारत के 30 एयरपोर्ट पर संदिग्धों की पहचान के लिए यूनिवर्सल स्कैनिंग की व्यवस्था की गई है. अन्य जरूरी उपाय भी किए जा रहे हैं.

नई दिल्ली: कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार कई एहतियात बरत रही है. इसी के चलते भारत के 30 एयरपोर्ट पर यूनिवर्सल स्कैनिंग की जा रही है. इसके अलावा एविएशन सेक्टर का विंग्स कार्यक्रम जो इस महीने हैदराबाद में होने वाला था, उसे रद्द करने की बजाय कई एहतियात बरते जा रहे हैं. वहीं बुहान की तरह ईरान में फंसे भारतीयों को लाने की तैयारी की जा रही है.
कोरोना वायरस की चपेट में कई देशों चुके हैं. ऐसे में उन देशों से भारत आने वाले नागरिक और सैलानियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. इसी के चलते भारत के 30 एयरपोर्ट पर यूनिवर्सल स्कैनिंग की जा रही है. एयरपोर्ट पर आने पर उनकी जांच की जा रही है कि वह स्वस्थ है या नहीं. उनमें कोई वायरल बुखार के लक्षण तो नहीं हैं. अब तक कुल 649452 यात्रियों की स्कैनिंग की जा चुकी है. कोई यात्री देश वापस लौट रहा है या फिर विदेश से कोई सैलानी आ रहा सबकी स्क्रीनिंग की जा रही है. रोजाना भारत में 70000 लोग भारत के हवाई अड्डों पर आते हैं.
भारत के प्रमुख हवाई अड्डों पर थर्मल स्कैनिंग भी की जा रही है. सभी एयरपोर्ट पर आने वाले हर यात्री किसी भी देश का क्यों ना हो उसकी स्क्रीनिंग की जा रही है और उससे फॉर्म भराया जा रहा है. सभी एयरपोर्ट पर इसे करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़ी एजेंसियां तैनात की गई है. वहीं अगर किसी यात्री में लक्षण पाए जाते हैं तो उसके सैंपल पुणे पहुंचाने के लिए भी तैयारी की गई.
वहीं नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि चीन के वुहान प्रांत से अब तक 654 लोगों को लाया जा चुका है. इसके अलावा जापान से 124 लोगों को भी लाया गया जिसमें कुछ विदेशी मूल के नागरिक भी शामिल हैं. इसी तरह ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को लाने की तैयारी की जा रही है. ईरान से जल्दी ही भारतीय नागरिकों को निकालने की तैयारी है. नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप को रुलाने बताया, ''25 फरवरी से बंद ईरान की हवाई सेवाओं पर कुछ दिनों के लिए रोक हटेगी. जो पहली फ्लाइट आएगी उसमें ईरान में फंसे भारतीयों के सैंपल लाए जाएंगे. सैंपल फिट पाए जाने पर उन भारतीयों को यहां लाया जाएगा.''
जो फ्लाइट सैंपल ला रही है उसी फ्लाइट से ईरान के नागरिकों को उनके देश भेजा जाएगा. इसको लेकर दोनों देशों के विदेश मंत्रालय स्वास्थ्य मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बीच में चर्चा हो चुकी है. वहीं भारत सरकार कोशिश कर रही है कि भारतीय वैज्ञानिक ईरान में एक लैब बनाएं ताकि वहां फंसे भारतीयों की चेकिंग और स्क्रीनिंग करके उन्हें यहां भेज सकें.
इसके अलावा इस महीने 12 मार्च से 15 मार्च तक एविएशन सेक्टर के विंग्स कार्यक्रम को लेकर भी मंत्रालय काफी एहतियात बरत रहा है. नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने बताया, "कार्यक्रम रद्द तो नहीं किया जा रहा है लेकिन कई सावधानियां बरती जा रही हैं. इसमें एविएशन से जुड़ी कंपनियों से आग्रह किया गया है कि भारत में उनके प्रतिनिधि जो पहले से मौजूद हैं, वही इस कार्यक्रम में हिस्सा लें. वहीं कोशिश की जाएगी कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से इस कार्यक्रम में हिस्सा लें." नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने साफ किया कि कोरोना वायरस को लेकर काफी एहतियात बरते जा रहे हैं. इसको लेकर बने मंत्रियों के समूह और केबिनेट सचिव की कमेटी भी नजर बनाए हुए हैं.
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