तेलंगाना: कलह के बीच मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और विधायकों के साथ की बैठक
तेलंगाना कांग्रेस में आंतरिक कलह की ख़बरों के बीच गुरुवार (6 फरवरी, 2025) को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने आपात बैठक बुलाई. सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी इस बैठक के बाद दिल्ली जाएंगे.

तेलंगाना कांग्रेस में आंतरिक कलह की ख़बरों के बीच गुरुवार (6 फरवरी,2025) को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, उप मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क, पार्टी के राज्य मामलों के प्रभारी दीपादास मुंशी और पीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए एक आपात बैठक बुलाई. सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी इस बैठक के बाद दिल्ली जाएंगे, जहां वो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे.
कांग्रेस पार्टी की तरफ से आधिकारिक रूप से इस यात्रा को लेकर कहा गया, "मुख्यमंत्री तेलंगाना में हाल ही में हुई जाति जनगणना का विवरण प्रस्तुत करेंगे और पार्टी के शीर्ष नेताओं को एक विशाल जनसभा के लिए आमंत्रित करेंगे. वहीं, सूत्रों के मुताबिक रेवंत रेड्डी राज्य में पार्टी की आंतरिक उथल-पुथल पर आलाकमान को अवगत कराएंगे.
नेताओं को अनुशासन बनाए रखने का निर्देश
बता दें कि इस घटनाक्रम के बीच, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मंत्रियों और विधायकों को अनुशासन बनाए रखने का निर्देश दिया है. पार्टी के अंदरूनी असंतोष को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान स्थानीय निकाय और एमएलसी चुनावों से पहले किसी भी संभावित बगावत से बचने के लिए सक्रिय हो गया है. बैठक के दौरान, राज्य के दलित और ओबीसी विधायकों ने मुख्यमंत्री को सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए बधाई दी. साथ ही, कुछ विधायकों की नाराजगी और सार्वजनिक बयानबाजी पर भी चर्चा की गई.
'दूसरी पार्टी से आए नेताओं को ज्यादा तरजीह'
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं को (जिनमें राजस्व मंत्री पोंगलेटी श्रीनिवास रेड्डी सहित कुछ अन्य नेता हैं जो बीआरएस छोड़ पार्टी में शामिल हुए) सरकार में ज्यादा तरजीह दी जा रही है. इससे पुराने कांग्रेसी नेताओं में असंतोष बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी जो खुद टीडीपी से कांग्रेस में शामिल हुए थे, उन्होंने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए जल्द ही बड़े फैसले लेने के संकेत दिए हैं.
कांग्रेस में पुराने नेताओं और नए नेताओं के बीच मतभेद उत्पन्न हो गए हैं. ये मतभेद करीब 10 कांग्रेस विधायकों की एक गुप्त बैठक के जरिए उजागर हुए. इस संदर्भ में, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का दिल्ली दौरा महत्वपूर्ण हो गया है. शीर्ष नेताओं के साथ उनकी बैठक पार्टी के आंतरिक मतभेदों को सुलझाने में महत्वपूर्ण हो सकती है.
अब ये देखना होगा कि कांग्रेस आलाकमान इस संकट से कैसे निपटता है, और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी अपनी सरकार को एकजुट रखने के लिए क्या रणनीति अपनाते हैं.
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Source: IOCL























