राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं पर FIR के बाद भड़की कांग्रेस, BJP को घेरा
राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर संसद में विरोध प्रदर्शन करने पर साधुओं ने राहुल गांधी और अन्य कई विपक्षी सांसदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, जिसे लेकर अब पवन खेड़ा भड़क गए हैं.

राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य सांसदों पर राम मंदिर चंदे के कथित दुरुपयोग से जुड़े विरोध प्रदर्शन को लेकर FIR दर्ज की गई है. इसे लेकर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि BJP के नेतृत्व वाली सरकार आरोपों पर ध्यान देने के बजाय असली मुद्दे को नजरअंदाज कर रही है.
वाराणसी पुलिस ने संसद परिसर में किए गए एक नाटक को लेकर साधुओं की शिकायत पर राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ FIR दर्ज की, जिसके बाद उन्होंने ये बातें कहीं. पत्रकारों से बात करते हुए खेड़ा ने कहा कि सरकार मंदिर दान से जुड़े आरोपों को नजरअंदाज करते हुए विपक्षी नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज करने पर ध्यान दे रही है.
खेड़ा ने कहा, "सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही हैं, लेकिन सरकार यह भूल जाती है कि जब दान की चोरी होती है, तो इससे भक्तों की भावनाएं भी आहत होती हैं." यह विवाद संसद में हुए एक प्रदर्शन से शुरू हुआ, जिसमें पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने मंदिर के पुजारी का वेश धारण किया और अन्य विपक्षी सांसदों के साथ मिलकर राम मंदिर के दान में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दान पेटी को लेकर एक सांकेतिक प्रदर्शन किया.
दिल्ली में भी शिकायतें दर्ज
इस विरोध-प्रदर्शन को लेकर बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज समेत बीजेपी नेताओं ने दिल्ली में शिकायतें दर्ज कराईं और विपक्षी नेताओं पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया. वाराणसी में दर्ज FIR के अलावा, दिल्ली में भी पप्पू यादव के खिलाफ एक और पुलिस शिकायत दर्ज कराई गई है.
पवन खेड़ा ने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का विरोध करने वाले राहुल गांधी के हालिया बयानों का भी समर्थन किया. उन्होंने कहा कि जिन राज्यों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व कम हो सकता है, उन्हें इस कदम का विरोध करना चाहिए. खेड़ा ने कहा कि जो लोग अपने राज्यों को लेकर चिंतित हैं, उन्हें परिसीमन का विरोध करना चाहिए. उनके ये बयान प्रस्तावित परिसीमन बिल को लेकर फिर से शुरू हुई राजनीतिक बहस के बीच आए हैं.
परिसीमन को लेकर राहुल गांधी का बयान
हाल ही में तमिलनाडु दौरे के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परिसीमन राज्य के राजनीतिक प्रभाव को कम करने की एक कोशिश है. राहुल गांधी ने कहा, "बीजेपी परिसीमन करने की कोशिश कर रही है. परिसीमन का मकसद लोगों को उनके अधिकारों से वंचित करना और तमिलनाडु के लोगों की राजनीतिक ताकत छीनना है. यह बीजेपी की साजिश है जो कोई भी परिसीमन का समर्थन करता है, वह तमिलनाडु के साथ धोखा कर रहा है."
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