'चोरी राम मंदिर बनने के बाद शुरू नहीं हुई बल्कि...', कांग्रेस ने BJP पर किया हमला
Ram Mandir: राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के समय से ही भ्रष्टाचार शुरू हो गया था.

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए. प्रमोद तिवारी ने कहा कि चोरी मंदिर बनने के बाद शुरू नहीं हुई, बल्कि यह सिलसिला शिलापूजन के समय से ही शुरू हो गया था.
उन्होंने कहा कि साल 1985 से 1990 के बीच वह पर्यटन मंत्री थे और उस दौरान उन्होंने अयोध्या में कई काम कराए थे. उन्होंने कहा कि उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन को बहुत करीब से देखा है और उस दौरान होने वाले भ्रष्टाचार को भी देखा है. उन्होंने कहा कि उनकी बात से कुछ लोगों को नाराजगी हो सकती है, लेकिन वह पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं कि वह यह नहीं कह रहे कि बीजेपी में सभी लोग चंदा चोर हैं, लेकिन सारे चंदा चोर बीजेपी के ही हैं.
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केवल छोटी मछलियों को पकड़ा गया है- प्रमोद तिवारी
प्रमोद तिवारी ने कहा कि अभी केवल छोटी मछलियों को पकड़ा गया है, जबकि बड़े लोगों के नाम अब भी सामने नहीं आए हैं. उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे का नारा लगाया जाता था. उन्होंने बताया कि उन्होंने एक बार कल्याण सिंह से पूछा था कि मंदिर कब बनेगा. तब कल्याण सिंह ने कहा था कि जब केंद्र में बीजेपी की सरकार आएगी तब मंदिर बनेगा. उन्होंने कहा कि बाद में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार भी आ गई, लेकिन तब भी मंदिर नहीं बना. जब उन्होंने फिर पूछा तो जवाब मिला कि अभी इंतजार कीजिए. प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि बीजेपी कभी नहीं चाहती थी कि मंदिर का निर्माण हो. वह केवल राम मंदिर के मुद्दे को जिंदा रखना चाहती थी.
कल्याण सिंह की सरकार के दौरान विवादित ढांचा गिराया गया
प्रमोद तिवारी ने कहा कि 6 दिसंबर 1992 को कल्याण सिंह की सरकार के दौरान विवादित ढांचा गिराया गया. इसके बाद विधानसभा भंग हो गई और चुनाव में बीजेपी की सीटें 235 से घटकर 175 रह गईं. उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर का अधूरा निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा कराया, तब भी बीजेपी की सीटें 300 से घटकर 240 रह गईं. प्रमोद तिवारी ने कहा कि राम मंदिर बीजेपी ने नहीं बनाया, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मंदिर का निर्माण हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी को मंदिर से ज्यादा चुनाव की चिंता थी और उन्होंने मंदिर उद्घाटन के दौरान अशुभ काम किया.
राम मंदिर के पूजा उद्घाटन कार्यक्रम पर 112 करोड़ रुपये खर्च
प्रमोद तिवारी ने कहा कि राम मंदिर शिलान्यास के दौरान उन्होंने सीता माता की मूर्ति देखने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सीता माता दिखाई नहीं दीं. उन्होंने कहा कि उस समय राम की सीता थीं, लेकिन मोदी जी की सीता कौन हैं, यह भगवान ही जानते हैं. प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के पूजा और उद्घाटन कार्यक्रम पर 112 करोड़ रुपये खर्च किए गए. उन्होंने कहा कि फूलों को 6 से 7 गुना ज्यादा कीमत पर खरीदा गया. उन्होंने कहा कि मंदिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बन रहा था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पसंद के लोगों को वहां नियुक्त किया. उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरों और कर्मचारियों तक की नियुक्ति बीजेपी से जुड़े लोगों की हुई.
PM मोदी इससे अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते
प्रमोद तिवारी ने कहा कि अगर मंदिर में चोरी हुई है तो प्रधानमंत्री मोदी इससे अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आजकल प्रधानमंत्री मोदी को नींद नहीं आती, इसलिए वह रात में लोगों को माफ करते रहते हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी को इस मामले में जवाब देना होगा. प्रमोद तिवारी ने मांग की कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाए. उन्होंने कहा कि अभी केवल छोटे लोगों को पकड़ा गया है, लेकिन जिन लोगों ने अपनी तिजोरियां भर लीं, उन्हें भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष अब भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं.
कांग्रेस नेता ने लगाए बड़े आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि एक जमीन 2 करोड़ रुपये में खरीदी गई और केवल 10 मिनट बाद उसे 18 करोड़ रुपये में ट्रस्ट को बेच दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि एक दूसरी जमीन 20 लाख रुपये में खरीदी गई और बाद में उसे ढाई करोड़ रुपये में बेचा गया. प्रमोद तिवारी ने कहा कि मंदिर परिसर की सुरक्षा में बीजेपी के एक पूर्व विधायक से जुड़े लोगों को रखा गया है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब कोषाध्यक्ष यह कह रहे हैं कि 3 करोड़ रुपये की चोरी हुई है तो उन्होंने यह आंकड़ा कैसे तय कर लिया. उन्होंने कहा कि उनके अनुसार चोरी की रकम इससे कहीं ज्यादा है. उन्होंने दावा किया कि वर्ष 1989 से ही सैकड़ों करोड़ रुपये की चोरी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पैसे को शेयर बाजार में लगाया गया, उधार दिया गया और रिश्तेदारों के खातों में भी ट्रांसफर किया गया.
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