'बेहद चिंताजनक...' , बांग्लादेश में शेख हसीना को मौत की सजा सुनाए जानें पर बोले शशि थरूर, जानिए और क्या कहा
Shashi Tharoor: बांग्लादेश के ICT ने शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को पिछले साल छात्र आंदोलनों के दौरान 'मानवता के खिलाफ अपराध' के आरोप में गैरहाजिरी में मौत की सजा सुनाई है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सुनाई गई मौत की सजा को बेहद चिंताजनक बताया है. हसीना को ढाका की एक विशेष अदालत ने सोमवार को गैरहाजिरी में 'मानवता के खिलाफ अपराध' के मामले में दोषी ठहराया.
थरूर बोले-मौत की सजा और गैरहाजिरी में ट्रायल चिंताजनक
शशि थरूर ने कहा कि वह भारत में या विदेश में कहीं भी मौत की सजा के पक्ष में नहीं हैं. उन्होंने कहा, 'गैरहाजिर शख्स पर बिना बचाव का मौका दिए मौत की सजा सुनाना परेशान करने वाला है. किसी दूसरे देश की अदालत पर टिप्पणी करना सही नहीं, लेकिन यह फैसला बिल्कुल सकारात्मक नहीं कहा जा सकता.'
#WATCH | Delhi | On ousted Bangladeshi Prime Minister Sheikh Hasina being convicted by a Bangladeshi Court, Congress MP Shashi Tharoor says, "Both domestically and abroad, I don't believe in the death penalty... Trial in absentia, when somebody doesn't get a chance to defend… pic.twitter.com/vksxisNrMK
— ANI (@ANI) November 17, 2025
ढाका की अदालत ने हसीना को दोषी ठहराया
बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को पिछले साल छात्र आंदोलनों के दौरान 'मानवता के खिलाफ अपराध' के आरोप में गैरहाजिरी में मौत की सजा सुनाई है. हसीना पिछले साल अगस्त में सत्ता से हटाए जाने के बाद से भारत में रह रही हैं.
शेख हसीना ने कहा-यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई
दिल्ली में रह रहीं 78 वर्षीय शेख हसीना ने अदालत के फैसले को 'पक्षपाती और राजनीतिक रूप से प्रेरित' बताया. उन्होंने कहा कि यह फैसला एक 'धांधली वाली न्यायिक प्रक्रिया' का नतीजा है, जिसे एक 'गैर-निर्वाचित सरकार' चला रही है. उन्होंने कहा, 'मौत की सजा की मांग करके अंतरिम सरकार के चरमपंथी चेहरे बेनकाब हो गए हैं. उनका मकसद मुझे राजनीति से खत्म करना और अवामी लीग को कमजोर करना है.'
हसीना ने ICC में मामले की सुनवाई की चुनौती दी
हसीना ने कहा कि वह आरोपों का सामना करने से नहीं डरतीं, बस निष्पक्ष मंच चाहिए. उन्होंने कहा, 'मैं चाहती हूं कि मामला हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) में ले जाया जाए, जहां सबूतों की सही तरीके से जांच हो सके.' उनकी अवामी लीग पार्टी को फरवरी में होने वाले चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है.
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Source: IOCL






















