प्रियंका गांधी और बीजेपी सांसद में बहस, कहा- राहुल गांधी छात्रों से मिले थे
प्रियंका गांधी के सामने बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी शर्म करो, शर्म करो के नारे लगाए. इसपर प्रियंका गांधी ने टोका और कहा कि राहुल गांधी झारखंड के छात्रों से मिले थे.

संसद के मानसून सत्र के आखिरी हफ्ते में भी सरकार और विपक्ष में गतिरोध बरकरार है. मंगलवार को संसद परिसर में विपक्ष और सत्तापक्ष के सांसदों के बीच बहस देखने को मिली. एक मौका ऐसा आया जब प्रियंका गांधी और बीजेपी सांसद मुकेश दलाल का आमना-सामना हुआ.
प्रियंका गांधी जब संसद की तरफ बढ़ीं तो बीजेपी सांसद मुकेश दलाल ने 'राहुल गांधी शर्म करो, शर्म करो' के नारे लगाए. उनके हाथों में 'झारखंड में छात्रों पर हुई निर्दयता पर राहुल गांधी जवाब दो' के पोस्टर थे. इस दौरान प्रियंका गांधी ने सांसद से कहा कि राहुल गांधी ने झारखंड के छात्रों से मुलाकात की और मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गईं.
#WATCH | Delhi: Congress MP Priyanka Gandhi Vadra arrives at the Parliament amid NDA MPs' protest against the Opposition, alleging them of running away from discussion in Parliament.
— ANI (@ANI) August 11, 2026
Priyanka Gandhi Vadra says, "Rahul Gandhi has met the students from Jharkhand." pic.twitter.com/CwcSA96x4P
इसके बाद BJP सांसद मुकेश दलाल ने कहा कि "राहुल गांधी ने झारखंड का दौरा कब किया? राहुल गांधी और केजरीवाल झारखंड जाने की हिम्मत क्यों नहीं करते? प्रियंका (गांधी वाड्रा) ने मुझे बताया कि राहुल गांधी इस पर काम कर रहे हैं. इसलिए, मैंने उनसे पूछा कि राहुल गांधी झारखंड क्यों नहीं गए."
क्यों संसद में है गतिरोध?
दरअसल, दिल्ली में Gen Z के आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज और राम मंदिर चंदा चोरी के मसले पर विपक्ष अमित शाह से जवाब की मांग कर रहा है. सदन में हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही नहीं हो पा रही है.
वहीं सरकार ने सोमवार (10 अगस्त) को कहा कि अमित शाह जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष को सुनना पड़ेगा. चर्चा में रहना होगा. इसके बाद भी गतिरोध खत्म नहीं हुआ.
बीजेपी के नेता अब झारखंड में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर विपक्ष को घेर रहे हैं. उनका कहना है कि विपक्ष के नेता इसपर चुप क्यों हैं. वो जवाब दें. एनडीए के सांसदों ने आज संसद परिसर में मार्च निकाला.
इसको लेकर प्रियंका गांधी ने कहा कि मैंने पहली बार सरकार के सांसदों को प्रदर्शन करते हुए देखा है. इतना तो हमने इन्हें मजबूर कर ही दिया है. अब ये सदन में आएं और जवाब दें.























