पाकिस्तान-सऊदी के बीच रक्षा समझौते पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा- पीएम मोदी की...
पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रक्षा समझौते को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और पीएम मोदी पर निशाना साधा और उनकी विदेशी यात्रा को विफल बताया. दरअसल पहलगाम हमले के दिन पीएम मोदी सऊदी अरब की यात्रा पर थे.

कांग्रेस ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक रणनीतिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर के एक दिन बाद बुधवार (17 सितंबर, 2025) को दावा किया कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बहुप्रचारित व्यक्ति-केंद्रित कूटनीति के लिए एक और झटका है.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाल के कुछ घटनाक्रम भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं. पाकिस्तान-सऊदी अरब के एक संयुक्त बयान के अनुसार, समझौते में कहा गया है कि दोनों देशों में से किसी के भी विरुद्ध किसी भी तरह के हमले को दोनों के विरुद्ध आक्रमण माना जाएगा.
चीन के बाद अब सऊदी अरब से पाकिस्तान की दोस्ती
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोकने के एक महीने बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में लंच पर फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की मेजबानी की. मुनीर वही व्यक्ति है, जिसके भड़काऊ, उकसावे भरे और साम्प्रदायिक जहर घोलने वाले बयानों ने 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए क्रूरतम आतंकी हमलों को ऑक्सीजन प्रदान की.’
उन्होंने कहा, ‘हमारे प्रधानमंत्री की बहुचर्चित चीन यात्रा के कुछ ही दिनों बाद, राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के लिए चीन के गुप्त सैन्य परिसर के दरवाजे खोल दिए. अब सऊदी अरब, जहां 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमलों के समय प्रधानमंत्री मौजूद थे, ने पाकिस्तान के साथ एक ‘रणनीतिक पारस्परिक रक्षा’ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.’
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता
रमेश ने कहा कि यह सब निश्चित रूप से भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है. उनका कहना है, ‘कांग्रेस इस पर गहरी चिंता व्यक्त करती है और इसे हमारे प्रधानमंत्री की बहुप्रचारित व्यक्ति-केंद्रित कूटनीति के लिए एक और झटका मानती है.’
दरअसल 22 अप्रैल 2025 को जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भीषण आतंकी हमला हुआ, उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब के आधिकारिक दौरे पर थे. यह यात्रा पहले से तय थी और दोनों देशों के बीच आर्थिक, ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी को लेकर कई महत्वपूर्ण बैठकों का कार्यक्रम था. हमले के दिन पीएम मोदी रियाद में थे और सऊदी नेतृत्व के साथ उच्च-स्तरीय वार्ताएं कर रहे थे.
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