47 दिन पहले संसद सत्र की घोषणा क्यों? सरकार ने बुलाया मानसून सत्र तो जयराम रमेश ने उठाए सवाल
Parliament Monsoon Session 2025: कांग्रेस ने कहा कि मानसून सत्र में भी पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर का मुद्दा उठाया जाएगा. जयराम रमेश ने कहा कि छह सप्ताह बाद मोदी सरकार को जवाब देना होगा.

Parliament Monsoon Session 2025: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार (4 जून 2025) को जानकारी दी कि संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा. इसे लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आम तौर पर संसद सत्र की तारीखों की घोषणा कुछ दिन पहले की जाती है. उन्होंने कहा कि सत्र शुरू होने से 47 दिन पहले कभी तारीखों की घोषणा नहीं की गई. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर, सीजफायर को लेकर ट्रंप के दावे समेत कई मुद्दों पर केंद्र की मोदी सरकार से सवाल पूछे.
'ऑपरेशन सिंदूर पर जवाब नहीं देना चाहती सरकार'
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि सरकार ने ऐसा इसलिए किया ताकि उनसे पहलगाम आतंकी हमले और हत्याओं को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को न्याय के कटघरे में लाने में विफलता के बारे में सवाल न हो. उन्होंने कहा, "यह केवल कांग्रेस और दूसरी पार्टियों की ओर से ऑपरेशन सिंदूर के प्रभाव और इसके स्पष्ट राजनीतिकरण से बचने के लिए किया गया है."
'क्यों विशेष सत्र बुलाए जाने से बच रही केंद्र सरकार'
उन्होंने कहा, "मोदी सरकार सिंगापुर में सीडीएस के खुलासे, भारत और पाकिस्तान को एक साथ जोड़ना, पाकिस्तान वायु सेना में चीन को शामिल करना, मध्यस्थता पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे और कूटनीतिक जुड़ाव की असंख्य विफलताओं पर चर्चा करने के लिए तत्काल विशेष सत्र बुलाए जाने की मांग से बचना चाहती है इसलिए इतने दिन पहले संसद के मानसून सत्र की तारीखों का ऐलान किया गया."
'छह हफ्ते बाद सरकार को देना होगा जवाब'
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, "मानसून सत्र में भी सर्वोच्च राष्ट्रीय महत्व के इन मुद्दों का बोलबाला रहेगा. प्रधानमंत्री विशेष सत्र से भाग गए हैं, लेकिन अब से छह हफ्ते बाद उन्हें बहुत कठिन सवालों का जवाब देना होगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति ने इन तारीखों की सिफारिश की है. उन्होंने कहा, "मानसून सत्र में नियमों के तहत सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है."
उन्होंने कहा कि इन सिफारिशों को राष्ट्रपति को भेजा जाएगा. रिजिजू ने मानसून सत्र की घोषणा ऐसे समय में की है जब विपक्षी दलों के नेता ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करने के लिए सरकार से विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारे लिए हर सत्र विशेष सत्र है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















