जैसे ही मंच से बोला गया प्रधान ने दिया इस्तीफा, मंच से गिरे अभिजीत दीपके- Video
CJP Protests: अभिजीत दिपके ने कहा कि डरने की कोई जरूरत नहीं है. यह लोकतंत्र है. उन्होंने (धर्मेंद्र प्रधान ने) इस्तीफा दे दिया है, लेकिन हमारी दो मांगों और भी हैं. हम ऐसे ही यहां से नहीं जाएंगे.

- पीड़ित छात्रों को मुआवजा, पुलिस कार्रवाई मुख्य मांगें हैं।
नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में जारी प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई, 2026) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे और लगातार शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई. इस बीच सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें जैसे ही वे धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे की बात सुनते हैं, वो मंच पर गिरते नजर आ रहे हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी के मंच पर गिरे अभिजीत दीपके
यह घटना जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के मंच पर घटी, जब सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके प्रदर्शनकारियों को मंच से संबोधित कर रहे थे. जब वे मंच से बोल रहे थे, इस बीच अभिजीत को अपने साथियों से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने की बात पता चली और वे खुशी से मंच पर घुटनों के बल बैठ गए और भावनाओं के आवेश में मंच पर बार-बार अपने हाथ पटककर जीत की खुशी जाहिर करने लगे. अभिजीते दिपके के इस भावनात्मक पल को वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है.
The golden day for Indian democracy. Today Abhijit Dipke and Indian youth Cockroach Janta Party made it happened 🙏 Dharmendra Pradhan resigned 🎉👍🥳 Hamare government me resignation "hote hai" . 😂 pic.twitter.com/gT9EEw99lw
— Crescent 🌙🌘 (@ultrapromax100) July 25, 2026
इस दौरान सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके ने प्रतिक्रिया देते हुए मंच से कहा कि हमारी जीत हुई है. धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया है, लेकिन अभी सिर्फ पहली मांग पूरी हुई है, अभी हमारी दो मांगें और भी है और जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं, तब तक हमारा विरोध जारी रहेगा.
प्रधान के इस्तीफे के बाद क्या बोले अभिजीत दिपके?
दिपके ने आगे कहा, ‘डरने की कोई जरूरत नहीं है. यह लोकतंत्र है. उन्होंने (धर्मेंद्र प्रधान ने) इस्तीफा दे दिया है, लेकिन हमारी दो मांगों और भी हैं. हम ऐसे ही यहां नहीं जाएंगे. धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन जिन छात्रों ने आत्महत्या कर ली है, उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए. उन्हें मिलना ही चाहिए और दूसरा कि जिन पुलिस के गुंडों ने 20 जुलाई के मार्च के दौरान छात्रों के ऊपर बर्बरता की, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए.’
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