BRICS में पीएम मोदी ने रखे कौन से 10 प्रस्ताव? जानें
पीएम मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत करते हुए सभी सदस्य देशों से ग्लोबल गवर्नेंस के विषय पर जोर देते हुए अगले 20 सालों के लिए एक नया महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार करने की अपील की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (12 सितंबर, 2026) को आधिकारिक रूप से ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की शुरुआत करने के बाद समिट को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों के समक्ष 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी पेश किया. उन्होंने कहा कि पिछले 20 सालों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाई है और हमें अगले 20 सालों के लिए एक नया और बेहद महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार करना होगा.
पीएम मोदी ने ब्रिक्स मंच पर रखे ये प्रस्ताव?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘ब्रिक्स की अध्यक्षता हम साल बदलती रहती है, लेकिन इससे हमारी संस्थागत गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए. इसलिए मैं ब्रिक्स के लिए कंटिन्यूटी और इंप्लीमेंटेशन मेकेनिज्म स्थापित करने का रखता हूं. इससे ट्रोइका के माध्यम से सभी पहलों और नतीजों का फॉलो-अप सुनिश्चित की जा सकेगी.’
उन्होंने कहा, ‘हम एक सिक्योर डिजिटल रिपॉजिटरी भी बना सकते हैं. इसमें हर एक फैसले से जुड़े नोडल पाइंट्स, समय-सीमा और इंप्लीमेंटेशन स्टेटस दर्ज किया जा सकता है.’
नाविकों की सुरक्षा और UN को लेकर रखे प्रस्ताव
पीएम मोदी ने कहा, ‘ग्लोबल ट्रेड में नाविकों का बहुत बड़ा योगदान है, लेकिन अक्सर मुश्किल समय में उन्हें सहारे की कमी महसूस होती है. इसलिए मेरा प्रस्ताव है कि हम ‘सीफेर्रस इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क’ बना सकते हैं. इसके माध्यम से संबंधित देशों की मैरिटाइम अथॉरिटीज और कूटनीटिक मिशनों को जोड़ा जाएगा. इससे डिस्ट्रेस अलर्ट, मेडिकल असिस्टेंस, परिवारों को सूचना और सुरक्षित निकासी की सुविधा में सहयोग दिया जा सकता है.’
#WATCH | Delhi: During the BRICS Summit 2026, Prime Minister Narendra Modi says, "... Seafarers make a massive contribution to global trade, yet they often find themselves lacking support during difficult times. I propose that we establish a 'Seafarers' Emergency Support… pic.twitter.com/VWcWqNuQbv
— ANI (@ANI) September 12, 2026
इसके साथ ही, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) के सुरक्षा परिषद में रिफॉर्म्स करने का भी प्रस्ताव रखा. पीएम ने कहा, ‘यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में रिफॉर्म को अब और अधिक समय के लिए टाला नहीं जा सकता है.’
वित्तीय संस्थानों में वोटिंग पॉवर और रूल मेकिंग पर पीएम का प्रस्ताव
उन्होंने कहा, ‘वित्तीय संस्थानों में वोटिंग पॉवर, लीडरशिप पोजिशन्स और नीतिगत प्राथमिकता आज की आर्थिक वास्तविकता के अनुरूप होनी चाहिए, जो देश वैश्विक आर्थिक विकास को गति दे रहे हैं, उन्हें वैश्विक आर्थिक शासन की दिशा और स्वरूप तय करने में उचित भूमिका भी मिलनी चाहिए.’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘रूल मेकिंग के संबंध में मैं कहना चाहता हूं कि भविष्य के ग्लोबल गोल्स तय करने में समान भागीदारी सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है. AI, साइबर स्पेस, आउटर स्पेस, बायो टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल टेक्नोलॉजिज भविष्य के अवसरों के साथ भविष्य के नियम भी तय रहे हैं. हमे ग्लोबल साउथ को रूल टेकर से रूल शेपर बनाने के लिए प्रयास करने होंगे. ब्रिक्स के माध्यम से हम ग्लोबल साउथ के देशों के युवा डिप्लोमेट्स और पॉलिसी मेकर्स को नेगोशिएशन स्किल्स, प्रैक्टिल ट्रेनिंग और लीगल एक्सपर्टीज प्रदान कर सकते है.’
उन्होंने कहा, ‘आज ब्रिक्स भी कमिंग ऑफ एज के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गया है. हम एक-दूसरे के नजरिए का सम्मान करते हैं और आम सहमति के जरिए आगे बढ़ते हैं. हमारी कोशिश किसी का विरोध करना नहीं, बल्कि सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का है. अब समय आ गया है कि हम ब्रिक्स के भीतर अपनी एकता और आम सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस नतीजों में बदलें.’
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