अलवर लिंचिंग: 'नफरत के सौदागर' से 'गिद्ध राजनीति' तक, राहुल पर बीजेपी का चौतरफा हमला
पीयूष गोयल ने ट्वीट किया, अब अपराध होता है तो हर्ष के लिए बीच में मत कूदिए. बहुत हो गया. आप नफरत के सौदागर हैं. चुनावी फायदे के लिए आप समाज को बांटने की हर संभव कोशिश करते हैं. घड़ियाली आंसू बहाते हैं.

नई दिल्ली: राजस्थान के अलवर में गोरक्षकों की पिटाई से हुई रकबर उर्फ अकबर की मौत के बाद राहुल गांधी के द्वारा इसे ‘मोदी का क्रूर न्यू इंडिया’ बताने पर बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष पर बड़ा हमला किया है. रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने जहां इसे लेकर राहुल गांधी को नफरत का सौदागर बताया है वहीं स्मृति ईरानी ने इसे गिद्ध राजनीति करार दिया है.
पीयूष गोयल ने ट्वीट किया, अब अपराध होता है तो हर्ष के लिए बीच में मत कूदिए. बहुत हो गया. आप नफरत के सौदागर हैं. चुनावी फायदे के लिए आप समाज को बांटने की हर संभव कोशिश करते हैं. घड़ियाली आंसू बहाते हैं.
Stop jumping with joy every time a crime happens, Mr Rahul Gandhi.
The state has already assured strict & prompt action. You divide the society in every manner possible for electoral gains & then shed crocodile tears. Enough is Enough. You are a MERCHANT OF HATE. https://t.co/4thsyNL3nx — Piyush Goyal (@PiyushGoyal) July 23, 2018
इसके साथ ही स्मृति ईरानी ने भी राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है और उनके बयान को गिद्ध राजनीति करार दिया है. उन्होंने कहा, राहुल चुनावी फायदा लेने का एक मौका नहीं छोड़ते. राहुल की राजनीति गिद्ध राजनीति है.
Rahul Gandhi’s family presided over the worst form of hate in 1984, Bhagalpur & Nellie & many other instances.
It is shameful that he is doing the same through VULTURE POLITICS. Not a single instance goes by where he doesn't attempt to rupture social bonds for electoral gains. https://t.co/kpX3n1Kcc0 — Smriti Z Irani (@smritiirani) July 23, 2018
आपको बता दें कि अलवर लिंचिंग पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने मोदी पर निशाना साधा था. राहुल ने ट्वीट में लिखा कि जब मौका-ए-वारदात से अस्पताल सिर्फ 6 किमी. की दूरी पर ही था तो पुलिस को रकबर को वहां ले जाने में 3 घंटे क्यों लगे.
राहुल ने ट्वीट कर कहा, ''अलवर में पुलिसकर्मियों को घायल रकबर खान (अकबर खान) को छह किलोमीटर दूर अस्पताल ले जाने में तीन घंटे लग गए, क्यों? उन्होंने रास्ते में चाय भी पी. ये मोदी का क्रूर न्यू इंडिया है जहां नफरत ने मानवता की जगह ले ली है और लोग कुचले जा रहे हैं और मरने के लिए छोड़ दिये जा रहे हैं.''
Policemen in #Alwar took 3 hrs to get a dying Rakbar Khan, the victim of a lynch mob, to a hospital just 6 KM away.
Why? They took a tea-break enroute. This is Modi’s brutal “New India” where humanity is replaced with hatred and people are crushed and left to die. https://t.co/sNdzX6eVSU — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 23, 2018
आपको बता दें कि 20 जुलाई की रात को अकबर खान अन्य व्यक्ति के साथ पशुओं को ले जा रहा था, तभी अलवर में लालावंडी गांव के समीप ग्रामीणों के एक समूह ने उसे रोक लिया और गो तस्करी का आरोप लगाते हुए उसकी बेरहमी से कथित तौर पर पिटाई कर दी. जिसमें उसकी मौत हो गई.
अलवर लिंचिंग: अकबर को 4KM दूर अस्पताल ले जाने में पुलिस ने लगाए 3 घंटे कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पुलिस को जब घटना की सूचना दी गई तो करीब एक बजे रात में घटनास्थल पर पहुंची. जिसके बाद वह पीड़ित अकबर खान को अस्पताल ले जाने के बजाय थाने ले गई. इस दौरान पुलिस ने रास्ते में चाय भी पी. पुलिस जब अकबर खान को ले जा रही थी तब वह जिंदा था. दावा किया जा रहा है कि पुलिस सुबह करीब चार बजे अकबर खान को अस्पताल लेकर पहुंची.
रामगढ़ जिला अस्पताल के डॉक्टर हसन ने कहा कि पुलिस जब सुबह पीड़ित को लेकर पहुंची तो वह मर चुका था. जिसके बाद उसे पोस्टमॉर्टम के लिए अलवर भेज दिया गया. चश्मदीदों का आरोप है कि पुलिस ने भी अकबर खान की पिटाई की थी. अगर पुलिस चाहती तो अकबर खान की जान बच सकती थी.























