एक्सप्लोरर

Bihar Politics: बिहार में जेडीयू के झटके के साथ गई सत्ता लेकिन बीजेपी के पास है ये सियासी मौका!

जनता दल (यूनाईटेड) के नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीजेपी से नाता तोड़कर राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन में शामिल हो गए. नौ सालों में दूसरी बार उन्होंने बीजेपी का हाथ झटका है.

Bihar Politics: बिहार (Bihar) की सत्ता गंवाने से भले ही 2024 लोकसभा चुनाव (General Election) के दृष्टिकोण से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का समीकरण बिगड़ता दिख रहा हो, लेकिन पार्टी के नेताओं के एक वर्ग का मानना है कि यह उसके लिए इस राज्य में क्षेत्रीय दलों के प्रभुत्व को समाप्त करने का एक अवसर है, जैसा कि उत्तर प्रदेश में उसने कर दिखाया है.

जनता दल (यूनाईटेड) के नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीजेपी से नाता तोड़कर राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन में शामिल हो गए. नौ वर्ष में यह दूसरा मौक़ा है जब उन्होंने बीजेपी का हाथ झटका है. हाल के कुछ महीनों में बीजेपी और जद(यू) के बीच संबंधों में कई मुद्दों को लेकर कड़वाहट आ गई थी और इसके बाद कुमार ने यह कदम उठाया.

बीजेपी को 2024 में फायदा या नुकसान?
बिहार बीजेपी के नेताओं का एक वर्ग जद (यू) के साथ गठबंधन जारी रखने के पक्ष में नहीं था लेकिन पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का मानना रहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में उसकी (जदयू) मौजूदगी से उसकी 2024 की राह आसान हो जाएगी क्योंकि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में राज्य की 40 में से 39 सीटों पर राजग ने कब्जा जमाया था.

जद(यू) के एक विधायक ने कहा कि कुमार ने पार्टी सांसदों और विधायकों की बैठक में कहा कि उनके पास सोमवार को दिल्ली से एक फोन आया था लेकिन कुमार ने उनसे कहा था कि गठबंधन के बारे में कोई फैसला पार्टी नेताओं की बैठक में लिया जाएगा. कुमार ने उस नेता का नाम नहीं लिया लेकिन माना जा रहा है कि वह बीजेपी के कोई केंद्रीय नेता थे.

बीजेपी के साथ सहज नहीं थी जदयू?
बहारहाल, अगले चुनावों में राज्य में बीजेपी का मुकाबला महागठबंधन से होना तय है. वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में जद(यू) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के महागठबंधन ने बीजेपी को पूरी तरह धूल चटा दी थी. सेंटर फॉर स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटीज के प्रोफेसर संजय कुमार ने बीजेपी से जद(यू) के अलग होने पर कहा कि यह स्पष्ट संकेत है कि सहयोगी दल बीजेपी के साथ सहज नहीं हैं और एक-एक कर उससे अलग होते जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि लेकिन साथ ही इससे बीजेपी को एक अवसर भी मिलता है कि जिस राज्य की क्षेत्रीय पार्टी ने उसका साथ छोड़ा है, वहां वह अपनी स्थिति मजबूत कर सके. उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से बीजेपी को राज्य में अपने विस्तार का मौका मिल जाएगा. लेकिन मैं यह नहीं बता सकता कि 2024 में वह कितने सफल होंगे.

बीजेपी को बड़ी संख्या में दिया था वोट
बीजेपी के कई नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने पिछड़े और दलित मतदाताओं के बीच पिछले कुछ सालों में कई राज्यों में खासी पकड़ बनाई है और वह अकेले दम पर अपने प्रदर्शन का दोहरा सकती है. उन्होंने कहा कि अति पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं में जद(यू) का जनाधार माना जाता है लेकिन 2019 के लोकसभा और 2020 के विधानसभा चुनावों में दलितों के साथ ही उन्होंने भी बड़ी संख्या में बीजेपी को वोट दिया था.

महागठबंधन का क्या है संख्याबल?
पार्टी के एक नेता ने कहा कि बीजेपी राष्ट्रीय स्तर पर आज सबसे अधिक मजबूत है और यह सही अवसर है कि वह बिहार में क्षेत्रीय दलों के प्रभुत्व को समाप्त करे. ठीक उसी तरह जैसे उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के प्रभुत्व को समाप्त किया गया. राज्य विधानसभा में इस समय विधायकों की संख्या 242 है जबकि बहुमत के लिए 122 विधायकों की आवश्यकता है. राजद के पास सबसे अधिक 79 विधायक हैं, उसके बाद बीजेपी के पास 77 और जद(यू) के पास 44 विधायक हैं.

कितने निर्दलीय विधायक नीतीश कुमार के समर्थन में?
जद(यू) को पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के चार विधायकों और एक निर्दलीय का भी समर्थन प्राप्त है. कांग्रेस के पास 19 विधायक हैं जबकि भाकपा (माले) के 12 और भाकपा तथा माकपा के पास दो-दो विधायक हैं. इसके अलावा एक विधायक असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का है.

Bihar New Government: बिहार में फिर महागठबंधन की सरकार, 8वीं बार CM पद की शपथ लेंगे नीतीश, BJP करेगी धरना प्रदर्शन | 10 बड़ी बातें

Bihar Politics: नीतीश कुमार ने राहुल गांधी से की बात, महागठबंधन ने किया है सरकार बनाने का दावा पेश

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

नए साल पर देशवासियों को लगा बड़ा झटका, 111 रुपये महंगा हो गया LPG गैस सिलेंडर, जानें अब कितने का मिलेगा
नए साल पर देशवासियों को लगा बड़ा झटका, 111 रुपये महंगा हो गया LPG गैस सिलेंडर, जानें अब कितने का मिलेगा
PMC Election: शिवसेना नेता का एबी फॉर्म छीनकर निगल गए एकनाथ शिंदे के ही उम्मीदवार, गजब है यह महानगरपालिका चुनाव
शिवसेना नेता का एबी फॉर्म छीन कर निगल गए एकनाथ शिंदे के ही उम्मीदवार, गजब है यह महानगरपालिका चुनाव
'यूक्रेन के साथ जंग रूस की जीत के साथ होगी खत्म...', नए साल पर राष्ट्रपति पुतिन ने किया बड़ा दावा
'यूक्रेन के साथ जंग रूस की जीत के साथ होगी खत्म...', नए साल पर राष्ट्रपति पुतिन ने किया बड़ा दावा
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अफगानिस्तान की कप्तानी कौन करेगा, हो गया फैसला, टीम में इस मिस्ट्री स्पिनर को नहीं मिली जगह
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अफगानिस्तान की कप्तानी कौन करेगा, हो गया फैसला, टीम में इस मिस्ट्री स्पिनर को नहीं मिली जगह

वीडियोज

New Year Celebration: नए साल की दस्तक..पार्टी ऑल नाइट | New Year
New Year Celebration: नए साल का आगाज..जश्न बेहिसाब | New Year | 2026
सदी का सफर..25 मील के पत्थर | Sandeep Chaudhary
हरियाणा की क्वीन...स्टेज पर धमाल | Sapna Chaudhary | New Year 2026
सदी का सफर..25 मील के पत्थर | Sandeep Chaudhary | Hindi News

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
नए साल पर देशवासियों को लगा बड़ा झटका, 111 रुपये महंगा हो गया LPG गैस सिलेंडर, जानें अब कितने का मिलेगा
नए साल पर देशवासियों को लगा बड़ा झटका, 111 रुपये महंगा हो गया LPG गैस सिलेंडर, जानें अब कितने का मिलेगा
PMC Election: शिवसेना नेता का एबी फॉर्म छीनकर निगल गए एकनाथ शिंदे के ही उम्मीदवार, गजब है यह महानगरपालिका चुनाव
शिवसेना नेता का एबी फॉर्म छीन कर निगल गए एकनाथ शिंदे के ही उम्मीदवार, गजब है यह महानगरपालिका चुनाव
'यूक्रेन के साथ जंग रूस की जीत के साथ होगी खत्म...', नए साल पर राष्ट्रपति पुतिन ने किया बड़ा दावा
'यूक्रेन के साथ जंग रूस की जीत के साथ होगी खत्म...', नए साल पर राष्ट्रपति पुतिन ने किया बड़ा दावा
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अफगानिस्तान की कप्तानी कौन करेगा, हो गया फैसला, टीम में इस मिस्ट्री स्पिनर को नहीं मिली जगह
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अफगानिस्तान की कप्तानी कौन करेगा, हो गया फैसला, टीम में इस मिस्ट्री स्पिनर को नहीं मिली जगह
Avatar Fire And Ash BO Day 13: 'अवतार: फायर एंड ऐश' ने दूसरे बुधवार दिखाया दम, 150 करोड़ के हुई पार, जानें- 13 दिनों का कुल कलेक्शन
'अवतार: फायर एंड ऐश' ने दूसरे बुधवार दिखाया दम, 150 करोड़ के हुई पार, जानें- 13 दिनों का कुल कलेक्शन
कौन था ताजमहल और लाल किले का मेन आर्किटेक्ट, नायाब इमारतों के बदले उसे कितनी मिली थी सैलरी?
कौन था ताजमहल और लाल किले का मेन आर्किटेक्ट, नायाब इमारतों के बदले उसे कितनी मिली थी सैलरी?
आलस को मानते हैं मानसिक बीमारी, जानें जापान की 7 आदतें जो लोगों को हमेशा रखती हैं एक्टिव
आलस को मानते हैं मानसिक बीमारी, जानें जापान की 7 आदतें जो लोगों को हमेशा रखती हैं एक्टिव
रात के वक्त बिना टिकट ट्रेन में चढ़ गए तो क्या होगा, क्या रास्ते में उतार सकता है टीटीई?
रात के वक्त बिना टिकट ट्रेन में चढ़ गए तो क्या होगा, क्या रास्ते में उतार सकता है टीटीई?
Embed widget