FIR, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और सजा… अयोध्या चंदा चोरी केस में VHP ने योगी सरकार से की ये चार मांगें
Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या राम मंदिर में कथित तौर पर चढ़ावा चोरी के मामले में विश्व हिंदू परिषद ने एफआईआर दर्ज करने सहित कई मांगें की है.

अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर चंदा से जुड़े एक मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कड़ा रुख अपनाया है. संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने सार्वजनिक रूप से मांग की है कि मामले में तत्काल FIR दर्ज की जाए, जांच में तेजी लाई जाए और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में रोजाना सुनवाई कराई जाए.
राम जन्मभूमि आंदोलन और उसके बाद मंदिर निर्माण की पूरी प्रक्रिया करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी रही है. ऐसे में मंदिर से संबंधित किसी भी विवाद या आरोप पर स्वाभाविक रूप से व्यापक चर्चा शुरू हो जाती है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में आलोक कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मामले को अब कानूनी स्तर पर गंभीरता से आगे बढ़ाया जाना चाहिए. उन्होंने लिखा, "FIR should now be filed", यानी अब प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए.
Ayodhya Ram Janmabhoomi Mandir
— Alok Kumar Sr. Advocate (@AlokKumarLIVE) June 24, 2026
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अयोध्या चंदा चोरी केस में VHP ने रखी ये चार मांगें
उन्होंने आगे कहा, "Investigation be expedited", अर्थात जांच प्रक्रिया को तेज किया जाए ताकि तथ्यों को जल्द सामने लाया जा सके. इसके साथ ही उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाने की मांग की.
आलोक कुमार ने कहा, "फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला जाना चाहिए", यानी फास्ट ट्रैक कोर्ट इस मामले की सुनवाई प्रतिदिन के आधार पर करे. उनका मानना है कि संवेदनशील मामलों में लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचते हुए त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए उन्होंने कहा, "दोषियो तो दंडित करने की मांग", यानी जो भी व्यक्ति दोषी पाए जाएं, उन्हें कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए.
अखिलेश ने भी FIR दर्ज न होने पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को अयोध्या दान मामले में अभी तक FIR दर्ज न होने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि उसके बिना एसआईटी ‘बिना तीर की कमान’ है. उन्होंने कहा कि एसआईटी का मतलब ‘शेयर इन थेफ्ट’ यानी चोरी में हिस्सेदारी है. अखिलेश ने कहा, ‘‘यह घोर पाप है और आस्था के साथ छेड़छाड़ की गई है.
यह चढ़ावा पूरे राज्य और देश का था और योगदान अंतरराष्ट्रीय स्तर से भी आया था. यह बहुत संवेदनशील मुद्दा है.’’ इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच के उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए, यादव ने कहा, 'एसआईटी का क्या मतलब है? क्या इसका मतलब चोरी में हिस्सा है या कुछ और? क्या हमें इसे 'चोरी में हिस्सेदारी' या 'सेंध (विश्वास में सेंध)' कहना चाहिए? ’’ उन्होंने कहा कि एसआईटी का मतलब ‘शेयर इन थेफ्ट’ मतलब चोरी में हिस्सेदारी है.
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