NALSAR पर दीपके के अल्टीमेटम पर मनन कुमार मिश्रा बोले, 'मैं उन्हें एक्सप्लेन करूंगा कि...'
नालसर लॉ यूनिवर्सिटी पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपना आदेश वापस ले लिया है. इसके बाद सीजेपी ने युवाओं की जीत बताया. बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने फैसला बदलने पर सफाई दी है.

नालसर लॉ यूनिवर्सिटी (NALSAR) को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के फैसले और फिर उसपर यूटर्न ने नया बवाल खड़ा कर दिया है. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके बीसीआई के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ मोर्चा खोलने के संकेत दिए.
पूरे विवाद पर मनन मिश्रा ने कहा है कि जरूरत होगी तो मैं सीजेपी के नेताओं से बात करूंगा. जो बातें हैं, उसको मैं एक्सप्लेन करूंगा. कहीं कोई बात नहीं थी कि स्टूडेंट को आघात पहुंचे. निर्णय हुआ, काउंसिल में बात चली. हमलोगों ने इसे वापस ले लिया.
उन्होंने कहा कहा, ''अभिजीत दीपके और सौरव दास से कहता चाहता हूं कि छात्रों के इंट्रेस्ट में कहीं कोई दिक्कत नहीं है. स्टूडेंट्स को प्रोटेक्ट करने के लिए, मैं हूं. कहीं कोई कम्यूनिकेशन में दिक्कत हुई है, कोई दिक्कत हुई है तो मैं क्लियर करना चाहता हूं कि छात्र ही सर्वोपरि है. जो अभिजीत दीपके चाहते हैं, युवाओं के इंट्रेस्ट को प्रोटेक्ट करना, वही हमारा भी उद्देश्य है.''
#WATCH | Delhi | Chairman, Bar Council of India and MP, Manan Kumar Mishra says, "The Bar Council of India aims to protect the interests of the youth of India. I want to communicate to Abhijeet Dipke and Das (Sourav Das) that our interests are the same as theirs, to protect the… pic.twitter.com/NEFQCwij6g
— ANI (@ANI) August 14, 2026
मनन मिश्रा ने कहा, ''यंग लॉयर्स के हितों की रक्षा करना बार काउंसिल का काम है. जो आदेश आया, आनन-फानन में रोका गया. जुडिशरी और स्टूडेंट्स में कोई क्लैश न हो, इंटर्नशिप में दिक्कत नहीं हो, उसमें कोई बाधा नहीं पहुंचे. यही मंशा है.''
कैसे शुरू हुआ विवाद?
नालसर लॉ यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत के शामिल होने के विरोध पर बार काउंसिल आफ इंडिया ने सख्ती दिखाई थी. अपने आदेश में कहा था कि NALSAR हैदराबाद के 2026 बैच के छात्रों के बतौर वकील नामांकन न हो. यूनिवर्सिटी से 3 दिन में रिपोर्ट मांगी. साथ ही विरोध अभियान के आयोजकों की भी सूची मांगी. रिपोर्ट मिलने के बाद 19 अगस्त को आगे की कार्रवाई की बात कही. BCI ने कहा कि न्यायपालिका के सर्वोच्च पद का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता.
इसी के बाद भारी विवाद खड़ा हो गया. कॉकरोच जनता पार्टी ने इसका विरोध किया और मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी. इस बीच बीसीआई ने अपना फैसला वापस ले लिया. इसके बाद सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, ''युवाओं की एक और बड़ी जीत! लेकिन जवाबदेही की लड़ाई जारी रहेगी।''























