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अयोध्या विवाद: विवादित ज़मीन पर सिर्फ राम मंदिर बनाने का सुझाव देने वाले सलमान नदवी AIMPLB से बाहर
अयोध्या विवाद पर बयान देने वाले मौलाना सलमान नदवी को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. सलमान नदवी ने आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की थी और मंदिर बनाने को लेकर नया फॉर्मूला दिया था.

हैदराबाद: अयोध्या विवाद पर बयान देने वाले मौलाना सलमान नदवी को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. सलमान नदवी ने आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की थी और मंदिर बनाने को लेकर नया फॉर्मूला दिया था. सलमान नदवी को बाहर निकालने का फैसला हैदराबाद में किया गया, जहां मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एग्जिक्यूटिव कमेटी की मीटिंग चल रही है. जब बीते 8 फरवरी को सलमान नदवी ने बेंगलुरू में श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की थी और राम मंदिर के लिए विवादित जमीन छोड़ने पर सहमति दिखाई थी. सलमान नदवी ने ये भी कहा था कि मस्जिद किसी दूसरी जगह बनाई जाएगी. सलमान नदवी के इस बयान से खफा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने उन पर कार्रवाई की जाए या नहीं, इसे लेकर 4 सदस्यीय कमेटी का गठन किया, जिसने सलमान नदवी को मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से निकालने का सुझाव दिया, जिसपर अमल करते हुए उन्हें मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से बाहर निकाल दिया है. दरअसल, सलमान नदवी ने श्री श्री रविशंकर से ऐसे वक़्त मुलाकात की थी जब मार्च महीने में अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होनी है, जबकि दूसरी तरफ हैदराबाद में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक चल रही है. क्या है मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की राय अयोध्या विवाद पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सलमान नवदी के ताज़ा बयान के बीच साफ किया है कि इस विवाद को लेकर वो अपने पुराने स्टैंड पर खड़े हैं और विवादित जमीन पर अपना दावा नहीं छोड़ रहे हैं और इस मामले में अदालत के फैसले को मानेंगे. आपको बता दें कि अयोध्या विवाद पर साल 2010 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने विवादित जमीन को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला दिया था, जिसे अदालत में चुनौती दी गई. अब 14 मार्च से इस केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हो रही है, जिसके बाद देश में सियासी हलचल तेज़ हो गई है.
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Source: IOCL
























