फाल्टा उपचुनाव: TMC उम्मीदवार जहांगीर खान के लड़ने से इनकार पर सपा ने कहा, 'अब तो...'
Falta Re Poll 2026: पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के चुनाव मैदान से हटने पर सपा नेता एस. टी. हसन ने कहा कि अब इस चुनाव का कोई औचित्य बचा नहीं है.

पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर फिर से 21 मई को मतदान है. इस बीच टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव से किनारा कर लिया है. अब इस पर समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जहांगीर खान ने जो भी किया है वो सही है. सपा नेता ने चुनाव आयोग को भी घेरा और साथ ही देश की सभी विपक्षी पार्टियों से चुनाव का बहिष्कार करने की अपील की.
फाल्टा सीट से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के नामांकन वापस लेने पर सपा नेता एस. टी. हसन ने कहा, "अब तो ऐसा लगता है कि देश की सभी राजनीतिक पार्टियों को चुनाव का बहिष्कार कर देना चाहिए. जिस तरह से चुनाव में धांधली हो रही है, अब इस चुनाव का कोई औचित्य बचा नहीं है.''
Moradabad, Uttar Pradesh: On TMC candidate Jahangir Khan withdrawing his nomination from the Falta re-polls, Samajwadi Party leader S. T. Hasan says, "Now it feels that all political parties in the country should boycott elections. There is no relevance of elections left… pic.twitter.com/SAh70kC31H
— IANS (@ians_india) May 19, 2026
चुनाव आयोग खुद पार्टी बन गया है- एसटी हसन
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ''किसी की बात को कोई सुनने वाला नहीं है. चुनाव आयोग खुद पार्टी बन गया है तो इलेक्शन से फायदा क्या है? चुनाव न हो और बीजेपी वाले अपने आप को घोषित कर लें. जहांगीर खान ने जो भी किया है वो सही है क्योंकि वहां पर उपचुनाव में उन्हें निश्चित तौर पर हरा दिया जाता.''
जहांगीर खान ने क्या कहा?
टीएमसी नेता जहांगीर खान ने कहा, "मैं फाल्टा का बेटा हूं और मैं चाहता हूं कि फाल्टा में शांति बनी रहे और यह विकास करे. हमारे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी फाल्टा के विकास के लिए विशेष पैकेज दे रहे हैं, इसीलिए मैं इस निर्वाचन क्षेत्र में फिर से कराए जा रहे मतदान से खुद को अलग कर रहा हूं."
नमाज पर सीएम योगी के बयान पर क्या बोले एसटी हसन?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज़ पढ़ने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के नेता एस. टी. हसन ने कहा, "इस बयान का औचित्य क्या है? उत्तर प्रदेश में तो वैसे भी लोग अब सालों से सड़कों पर नमाज़ नहीं पढ़ रहे हैं. मुरादाबाद में दो शिफ्ट में नमाज होती है. ईद की नमाज भी दो शिफ्ट में हुई. दो साल से हो रही हैं. जब नमाज पढ़ते ही नहीं हैं तो बयान का क्या मतलब है? मैं समझता हूं कि हिंदू भाइयों को पोलराइज करने के लिए सियासी बयान है.''
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