NRC पर सुप्रीम कोर्ट का नया आदेशः, कहा- अब 15 दिसंबर तक दाखिल कर सकते हैं दावे और आपत्तियां
असम NRC मामले में सुप्रीम कोर्ट ने NRC ड्राफ्ट में जगह न पा सके 40 लाख लोगों को दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए 15 दिसंबर तक का वक्त दे दिया है.

नई दिल्ली: असम NRC मामले में सुप्रीम कोर्ट ने NRC ड्राफ्ट में जगह न पा सके 40 लाख लोगों को दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए 15 दिसंबर तक का वक्त दे दिया है. पहले कोर्ट ने 25 नवंबर तक का समय दिया था. इसके साथ ही प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने असम राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के लिये दावा करने वालों को उन पांच दस्तावेजों का सहारा लेने की भी अनुमति दे दी जिन पर पहले आपत्ति की थी. इन पांच दस्तावेजों में 1951 की राष्ट्रीय नागरिक पंजी, 1966 की मतदाता सूची, 1971 की मतदाता सूची, 1971 तक का शरणार्थी पंजीकरण प्रमाणपत्र और 1971 तक जारी राशन कार्ड शामिल हैं.
बता दें कि असम में एनआरसी को नागरिकता से जुड़े 2003 के नियम (नागरिकों का पंजीकरण और उनको पहचान पत्र जारी किया जाना) के तहत अपडेट किया जा रहा है. साल 2015 में 3.29 करोड़ लोगों ने 6.63 करोड़ दस्तावेजों के साथ एनआरसी में अपना नाम शामिल करवाने के लिए आवेदन किया था. इनमें से 2.89 करोड़ को नागरिकता दी गई है. वहीं, 40 लाख के करीब लोग इसमें अपना नाम शामिल नहीं करवा पाए हैं. एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट 30 जुलाई 2018 को जारी हुआ.
इस लिस्ट की बड़ी बात ये है कि ये राज्य के हर नागरिक तक पहुंचा है. वहीं इसके सहारे सरकार को ये पता चला है कि कौन भारत का नागरिक है और कौन अवैध तरीके से भारत में रह रहा है. ये सारी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पूरी की गई है. देश का सबसे बड़ा कोर्ट लगातार इसकी मॉनिटरिंग करता रहा है. Source: IOCL

























