अरुणाचल में बांध के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान बवाल, NHPC ऑफिस-थाना फूंका
अरुणाचल प्रदेश के पासिघाट में सियांग अपर मल्टीपर्पज परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया. NHPC कार्यालय, पुलिस स्टेशन और 7 पुलिस वाहनों में आग लगाए जाने की खबर है.

अरुणाचल प्रदेश के पासिघाट में शुक्रवार (23 अक्टूबर 2026) को प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (SUMP) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (NHPC) के एक कार्यालय और पुलिस स्टेशन में आग लगा दी.
इस दौरान सात पुलिस वाहनों को भी आग के हवाले किए जाने की खबर है. हिंसा के दौरान एक पत्रकार के घायल होने की भी सूचना है. प्रस्तावित 11,000 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना को लेकर क्षेत्र में पहले से ही तनाव बना हुआ था.
शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई, सियांग क्षेत्र से सुरक्षा बलों को हटाने और परियोजना से संबंधित प्रारंभिक व्यवहार्यता रिपोर्ट (PFR) के सर्वेक्षण कार्य को तुरंत रोकने की मांग की.
तनाव बढ़ने के बाद स्थिति बिगड़ी
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा कर्मियों के बीच तनाव बढ़ने के बाद स्थिति बिगड़ गई. भीड़ को नियंत्रित करने और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा आंसू गैस के इस्तेमाल किए जाने की भी खबर है. हिंसा के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पासिघाट में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई.
NHPC की तरफ विकसित की जा रही सियांग अपर मल्टीपर्पज परियोजना को लेकर स्थानीय समुदायों के एक वर्ग में विरोध जारी है. प्रदर्शनकारियों को आशंका है कि इतनी बड़ी जलविद्युत परियोजना का स्थानीय लोगों की जमीन, आजीविका, पर्यावरण और नदी की प्राकृतिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई, सियांग क्षेत्र से सुरक्षा बलों की वापसी और परियोजना से जुड़े सर्वेक्षण कार्य पर तत्काल रोक लगाना शामिल है. क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती और सर्वेक्षण गतिविधियों को लेकर भी असंतोष बना हुआ है.
इस ताजा हिंसा ने पासिघाट में तनाव और बढ़ा दिया है और अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना के खिलाफ जारी विरोध को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है. हालांकि, आगजनी की घटनाओं में हुए कुल नुकसान और हिंसा के पीछे की परिस्थितियों को लेकर अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई थी.






















