'जब पाक सेना बोली- साथी दिल्ली से हुक्म आएगा तो फायरिंग करोगे, हम तो यहीं से...', सेना प्रमुख ने बताए LOC के हालात
सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में लोकल टेरेरिस्ट की संख्या कम हुई है, आतंकी संगठनों में लोकल्स की भर्तियां कम हुई हैं.

सेना प्रमुख उपेंद्र द्वेवेदी ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर कहा है कि 2014 में हमने पाकिस्तान को साफ कर दिया था कि बात करोगे तो बात करेंगे, लेकिन अगर मजबूर किया तो आक्रामक तरीके से भी अपने इरादे बता सकते हैं. सेना प्रमुख ने कहा कि 2019 में आर्टिकल 370 हटाकर हमने बता दिया कि पूरा कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि 2014 से पाकिस्तान के साथ संवाद में भारत अपना रुख साफ कर दिया है कि अगर उकसाओगे तो मुंह तोड़ जवाब देंगे. सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि 2014 से पहले की चीजें देखेंगे तो लाइन ऑफ कंट्रोल पर भारतीय सेना का कंट्रोल बहुत ज्यादा था और पाकिस्तानी हमसे कहा करते थे कि साथी आपका ऑर्डर तो दिल्ली से आएगा हम यहीं से फायर करेंगे. उन्होंने कहा कि 2014 के बाद हमने बटालियन कमांडर्स और ब्रिगेडियर कमांडर्स के साथ इस तरह की पहल शुरू कीं. तो उससे आप देखोगे कि चीजें बदल गईं क्योंकि अब उन्हें दिल्ली नहीं आना पड़ता क्योंकि वहां डेलीगेशन है.
उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि भारत जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर साफ है और पाकिस्तान को साल 2019 में आर्टिकल 370 हटाए जाने के साथ स्पष्ट कर दिया है कि वह हमारा अभिन्न अंग है, जिसके साथ कोई कोम्प्राइज नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अब जम्मू-कश्मीर में लोकल टेरेरिस्ट की संख्या कम हुई है, आतंकी संगठनों में लोकल लोगों की भर्तियां कम हुई हैं, क्यों? क्योंकि अगस्त, 2019 के बाद भारत ने जम्मू-कश्मीर को लेकर अपने इरादे साफ कर दिए और बता दिया कि पूरा कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.
आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि 5 अगस्त 2019 के बाद कैसे हालात बदले हैं. उन्होंने बताया कि एक डिप्टी चीफ मिनिस्टर की पत्नी ने बताया कि जब पहले उनके बच्चों से स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर फ्लैग बनाकर लाए जाने के लिए कहा जाता था तो वह कंफ्यूज हो जाते थे कि कौन सा फ्लैग बनाना है, लेकिन 5 अगस्त, 2019 के बाद से उनके दिमाग में ऐसा कोई कंफ्यूजन नहीं है.
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने यह भी बताया कि अब इंटर एजेंसी, सिक्योरिटी फोर्स और लॉ एनफोर्सनेंट एजेंसी ने अवाम की मदद के लिए हाथ मिलाए हैं और अब वहां विकास किए जा रहे हैं. तो जब एक बार ये सब चीजें होती हैं तो निश्चितरूप से बड़े बदलाव देखने को मिलेते हैं और आतंकवाद को मिटाकर पर्यटन पर काम करने के सरकार के कदम को सफलता मिलती भी दिख रही हैं. अब पांच लाख से ज्यादा लोग अमरनाथ यात्रा के लिए आते हैं, जो कभी नहीं देखा गया.
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