ट्रंप के टैरिफ से क्यों डर गए चंद्रबाबू नायडू? आंध्र CM ने केंद्र सरकार को लिख दी चिट्ठी; जानें क्या कहा
Andhra Pradesh CM Letter To Centre: केंद्र की एनडीए सरकार में सहयोगी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अमेरिकी टैरिफ को लेकर चिंता जाहिर की है.

N Chandrababu Naidu Letter To Centre: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ घोषणाओं के बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र को पत्र लिखकर राज्य के मछली पालन उत्पादों के लिए मदद मांगी है. नायडू ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि झींगा जैसे उत्पादों को अतिरिक्त शुल्क से छूट दी जाए.
आंध्र प्रदेश अमेरिका को झींगा और मछली का एक प्रमुख निर्यातक है. अधिकारियों के मुताबिक, एक्वा किसान और झींगा और मछली निर्यातक 5 से 6 प्रतिशत मार्जिन पर काम करते हैं. ट्रंप प्रशासन ने भारत से एक्वा निर्यात पर 27 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जो इस सप्ताह लागू होगा, इसके अलावा अमेरिकी वाणिज्य विभाग की ओर से 5.77% प्रतिपूरक शुल्क और 1.38% एंटी-डंपिंग शुल्क लगाया गया है. इससे निर्यात की लागत में भारी वृद्धि होगी.
चंद्रबाबू नायडू को सता रही इस बात की चिंता
दूसरी ओर, भारत के साथ प्रतिस्पर्धा करने वाले देशों, खासकर इक्वाडोर को कम टैरिफ का सामना करना पड़ता है, क्योंकि अमेरिका दक्षिण अमेरिकी देश पर केवल 10 प्रतिशत टैरिफ लगाता है. इससे भारतीय जलीय किसानों के हितों को नुकसान पहुंचेगा. नए टैरिफ की भरपाई के लिए, एक्वा उत्पाद निर्यातकों को कीमतें बढ़ानी होंगी. इससे इक्वाडोर, वियतनाम और ताइवान जैसे देशों की तुलना में भारत से झींगा और मछली अधिक महंगी हो जाएगी.
अगर निर्यात में गिरावट आती है, तो भारतीय किसानों को उत्पादन कम करना होगा. आंध्र प्रदेश में 5 लाख से अधिक एक्वा किसान काम करते हैं, जिनमें से अधिकांश पूर्व अविभाजित पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी जिलों में हैं. अगर राज्य को उत्पादन कम करने के लिए मजबूर किया जाता है, तो इन किसानों और उनके परिवारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
आंध्र प्रदेश उत्पादन में नंबर वन
झींगा और मछली की कीमतों में भारी गिरावट आएगी, जिससे किसानों के लाभ मार्जिन पर असर पड़ेगा. कोल्ड स्टोरेज, मछली प्रोसेसिंग और पैकेजिंग जैसे संबद्ध उद्योगों में नौकरियां भी प्रभावित होंगी. आंध्र प्रदेश एक्वा उत्पादन में देश में सबसे आगे है. 2023-24 में, इसने राष्ट्रीय 1.84 मिलियन टन उत्पादन में 0.94 मिलियन टन - 76% झींगा और 24% मछली - का योगदान दिया.


















