डीटीएए समझौते का मकसद विदेश में कालेधन पर अंकुश लगाना: अमित शाह

नई दिल्ली: बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने दोहरे कराधान से बचाव की संधि (डीटीएए) में संशोधन के लिए सिंगापुर के साथ भारत द्वारा किये गए समझौते की तारीफ की और कहा कि देश में कालेधन पर नियंत्रण के लिए नोटबंदी जैसे कदम के बाद यह विदेश में कालेधन पर अंकुश की खातिर मोदी सरकार की कोशिशों को दिखाता है.
शाह ने कहा कि ऐसे में जब 2016 समाप्त होने को है, यह वर्ष कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के मामले में कई तरह से ऐतिहासिक रहा है. उन्होंने डीटीएए संशोधित करने के लिए मॉरिशस और साइप्रस के साथ किए गए ऐसे ही समझौतों का उल्लेख किया.
उन्होंने कहा, ‘‘स्विस बैंकों में रखे कालेधन के बारे में सूचना साझा करने के उद्देश्य से मोदी सरकार ने स्विट्जरलैंड के साथ संशोधित डीटीएए लागू करने का प्रयास किया और कई देशों के साथ ऐसे समझौते किए.’’
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरूण जेटली के अथक प्रयासों के चलते हुआ है कि भारत को भारतीयों और भारतीय संस्थानों द्वारा किए गए निवेशों के बारे में वास्तविक समय पर सूचना 2019 से मिलनी शुरू हो जाएगी.’’
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