Iran War: 'मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा...' मिडिल ईस्ट की जंग पर पायलटों को अलर्ट, एडवाइजरी जारी
Iran War: ALPA India ने मिडिल ईस्ट के हवाई क्षेत्र में बढ़ते खतरे को लेकर पायलटों को चेतावनी दी है. उन्होंने इंश्योरेंस और वॉर रिस्क कवरेज पर भी चिंता जताई है.

एयरलाइन पायलट एसोशिएशन ऑफ इंडिया (ALPA India) ने एक एडवाइजरी सर्कुलर जारी कर भारतीय लाइसेंस पर उड़ान भरने वाले सभी पायलटों को मिडिल ईस्ट के हवाई क्षेत्र में बढ़ते खतरों को लेकर सतर्क किया है. ALPA India के अनुसार, क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात और जारी जंग के कारण सिविल एविएशन के लिए जोखिम काफी बढ़ गया है.
एडवाइजरी में बताया गया है कि कई जगह एयरस्पेस अचानक बंद हो सकता है. मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बना हुआ है. इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर का जोखिम बना हुआ है. सिविल एयरक्राफ्ट की गलत पहचान (misidentification) की आशंका भी बढ़ गई है
ALPA India issues an advisory highlighting operational risks and insurance considerations associated with current developments in Middle East airspace.
— ALPA INDIA (@In_Alpa) March 17, 2026
We are also formally addressing the DGCA regarding the scheduling of flights to known conflict zones. pic.twitter.com/fu8pec3jFY
इंश्योरेंस को लेकर बड़ी चेतावनी
ALPA India ने खास तौर पर इंश्योरेंस को लेकर गंभीर चिंता जताई है. एडवाइजरी में कहा गया है कि युद्ध क्षेत्र या हाई रिस्क एयरस्पेस में उड़ान भरने पर बीमा कंपनियां वॉर रिस्क नियमों के तहत कवरेज सीमित कर सकती हैं या पूरी तरह वापस भी ले सकती हैं. इससे पायलटों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा और बीमा सुरक्षा (insurance protection) प्रभावित हो सकती है.
पायलटों को सख्त निर्देश
ALPA India ने पायलटों को निर्देश दिया है कि वे हर उड़ान से पहले NOTAMs (Notice to Airmen) को ध्यान से पढ़ें. ऑपरेशनल ब्रीफिंग और कंपनी एडवाइजरी का पालन करें. अपनी एयरलाइन से इंश्योरेंस और war-risk कवरेज की जानकारी लें. यह सुनिश्चित करें कि संबंधित रूट के लिए जोखिम आकलन (risk assessment) किया गया है
वैश्विक तनाव का असर
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब सिविल एविएशन पर भी साफ दिखने लगा है. ऐसे में यह एडवाइजरी पायलटों के लिए सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है.
























