राहुल गांधी के 'वोट चोरी' आरोप के बाद कांग्रेस का मोर्चा तेज, प्रियंका गांधी ने चलाया 'हस्ताक्षर अभियान'
राहुल गांधी के 'वोट चोरी' आरोपों के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक वीडियो के जरिए लोगों को 'वोट चोरी हस्ताक्षर अभियान' में शामिल होने का निवेदन किया है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' के आरोपों के एक दिन बाद ही कांग्रेस महासचिव और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किए गए एक वीडियो के जरिए 'वोट चोरी हस्ताक्षर अभियान' में शामिल होने का निवेदन किया है.
INC इंडिया की ओर से पोस्ट किए गए एक वीडियो में कांग्रेस महासचिव ने कहा, 'जैसे हर वोट मायने रखता है, वैसे ही हर हस्ताक्षर भी मायने रखता है. लोकतंत्र के लिए, हमारे संवैधानिक अधिकारों के लिए खड़े होने वाले आप सभी का योगदान महत्वपूर्ण है.'
संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए लड़ रही पार्टी
उन्होंने आगे कहा, 'हमारे साथ जुड़ें और 'एक व्यक्ति, एक वोट' के हमारे लोकतांत्रिक सिद्धांत की रक्षा के लिए अपना समर्थन दिखाएं.' उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक व्यक्ति के मतदान के अधिकार के लिए और अपने संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं, जो हमें एक जीवंत लोकतंत्र बनाते हैं.
Congress General Secretary & Wayanad MP Smt. @priyankagandhi ji urges everyone to join the 'Vote Chori Signature' campaign.
— Congress (@INCIndia) September 19, 2025
Every signature is as important as every vote. Join us and show your support to defend our democratic principle of 'one man, one vote'.
We are fighting… pic.twitter.com/Q5d8c0FfUl
दरअसल कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार (18 सितंबर, 2025) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर 'वोट चोरी' में शामिल होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार वोट चोरों को बचा रहे हैं और यह बिल्कुल साफ सबूत है, इसमें कोई संदेह नहीं है. यह कोई ऐसी बात नहीं है, जो मैं हल्के में कह रहा हूं. मैं लोकसभा में विपक्ष का नेता हूं. यह बात मैं ठोस सबूत के बाद कह रहा हूं.'
राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
वहीं राहुल गांधी के इन आरोपों को लेकर चुनाव आयोग ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गांधी का आरोप गलत और निराधार है. चुनाव आयोग ने कहा, 'किसी भी वोट को ऑनलाइन नहीं हटाया जा सकता, जैसा कि श्री राहुल गांधी ने गलत धारणा बना रखी है. प्रभावित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए बिना वोट नहीं हटाया जा सकता.'
आयोग ने कहा, '2023 में, अलंद विधानसभा क्षेत्र में वोट हटाने के कुछ असफल प्रयास किए गए थे और मामले की जांच के लिए चुनाव आयोग के ही अधिकारियों ने एक प्राथमिकी दर्ज की थी. रिकॉर्ड के अनुसार, अलंद विधानसभा क्षेत्र से 2018 में सुभाध गुट्टेदार (भाजपा) और 2023 में बीआर पाटिल (कांग्रेस) ने जीत हासिल की थी.'
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Source: IOCL






















