एक्सप्लोरर

देश के चार्टड एकाउंटेंट को PM मोदी की खरी-खरी, कहा- 'अगर आप नहीं बचाएंगे तो कोई नहीं करेगा टैक्स चोरी'

नई दिल्ली: आईसीएआई के स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के चार्टड एकाउंटेंट को खरी-खरी सुनाई. पीएम मोदी ने कहा, अगर आप नहीं बचाएंगे तो कोई भी टैक्स चोरी नहीं करेगा. पीएम ने कहा कि नोटबंदी के बाद क्लाइंट का काला धन सफेद करने के लिए चार्टड एकाउंटेंट (सीए) छुट्टी छोड़कर लौटे थे. इस मौके पर उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद करीब 3 लाख कंपनियां शक के घेरे में हैं. गड़बड़ी करने वाली 1 लाख कंपनियों पर ताला लग गया है.

पीएम मोदी ने टैक्स चोरी के मामले में चार्टर्ड एकाउंटेंट पर सामाजिक सोच को खोलकर रख दिया. भारतीय कालेधन में आयी गिरावट को मोदी ने अपनी नीतियों की कामयाबी की तरह बताया है. आपको बता दें कि पीएम मोदी ने चुनावों से पहले विदेश गया कालाधन लौटाने का दावा किया था. जिसे लेकर वो विपक्ष के निशाने पर हैं. आज चार्टर्ड एकाउंटेंट के आयोजन में उन्हीं को चेतावनी देकर मोदी ने आने वाले भविष्य का चेहरा साफ कर दिया.

कालेधन को छुपाने में मदद करने वालों के खिलाफ सख्त कार्वाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टैक्स चोरी में लगी कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी 37,000 से अधिक कंपनियों की पहचान की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद एक लाख से अधिक कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद आंकड़ों की तह में जाने से दिखा है कि तीन लाख से अधिक कंपनियां संदिग्ध लेन-देन में लिप्त थीं.

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार कालेधन को छुपाने में मदद करने वालों के खिलाफ और भी कड़ी कार्वाई करने के लिए कटिबद्ध है और वह ऐसे सख्त कदमों के राजनीतिक नफे-नुकसान को लेकर कतई चिंतिंत नहीं हैं. मोदी ने आज यहां सनदी लेखाकारों की संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने सीए समुदाय से अपील की कि वह लोगों को कर के दायरे में लाने की शपथ लें, न कि यह बखान करें कि उन्होंने अपने कितने ग्राहकों को कर चुकाने से बचाया है.

सालों से लंबित हैं 1400 से अधिक मामले

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के साथ साथ उनकी सरकार भारतीय अर्थव्यवस्था को भी स्वच्छ करने में लगी हुई है और देश को लूटने वालों के खिलाफ सख्ती की जा रही है. उन्होंने सीए समुदाय को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि उन्होंने उनसे सवाल किया कि अबतक गड़बड़ी के मामले में समुदाय के केवल 25 सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई ही क्यों हुई है जबकि 1400 से अधिक मामले सालों से लंबित हैं.

मोदी ने कहा कि एक कड़वी सच्चाई है कि देश में केवल 32 लाख भारतीयों ने दर्शाया है कि उनकी आमदनी सलाना 10 लाख से ऊपर है जबकि करोड़ों लोग ऐसे हैं जो ऊंचे पेशों में लगे हैं. उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद की गयी कार्वाई का ब्योरा देते हुए कहा कि आंकड़ों की तह में जाने के बाद नजर आया है कि तीन लाख से अधिक कंपनियां संदिग्ध लेन-देन में लिप्त थीं. सरकार ने एक लाख से अधिक कंपनियों का पंजीकरण एक झटके में रद्द कर दिया है और 37,000 से अधिक खोखा कंपनियों की पहचान की गयी है जिनपर सख्त कार्वाई की जाएगी.

प्रधानमंत्री मोदी ने चार्टर्ड एकाउंटेंटों से कहा कि यदि कालाधन रखने वाले किसी को जानते हों तो वे उन्हें आगाह करें कि उन्हें नहीं बख्शा जाएगा. उन्होंने कहा कि कालाधन के खिलाफ सरकार के कदमों का असर स्विटरजरलैंड के बैंकों के ताजा आंकड़ों से स्पष्ट झलक रहा है, वहां जमा भारतीयों का धन घटकर रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर आ गया है.

और बढ़ेगी कालाधन रखने वालों की मुसीबत

प्रधानमंत्री ने कहा कि आश्चर्य की बात है कि 2013 में इस तरह का धन तेजी से बढ़ा था. उस समय कांग्रेस नीत यूपीए सरकार सत्ता में थी. मोदी ने कहा कि स्विटरजरलैंड से सूचनाओं के आदान-प्रदान की स्वचालित व्यवस्था शुरु हो जाने पर कालाधन रखने वालों की मुसीबत और बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि सनदी लेखाकारों को समाज के आथर्कि स्वास्थ्य की रक्षा करनी चाहिए. इस मामले में उनकी जिम्मेदारी बड़ी है.

उन्होंने सीए समुदाय से अपील की कि वह अपने ग्राहकों को ईमानदारी के रास्ते पर लाएं. उन्होंने कहा कि एक भी गलत ऑडिट मासूम निवेशकों के जीवन को प्रभावित कर सकता है क्योंकि वे कंपनियों की ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ही पूंजी लगाने का फैसला करते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, समाज के आथर्कि स्वास्थ्य को ठीक रखने में चार्टर्ड एकाउंटेंट समाज की बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत के साथ ही हम भारत की अर्थव्यवस्था की भी सफाई कर रहे हैं, हमने उन लोगों के खिलाफ सख्त रख अपनाया है जिन्होंने देश को लूटा है. मोदी ने चार्टर्ड एकाउंटेंटों से अपील की कि वे अपने ग्राहकों को ईमानदारी की राह पर लाने की जिम्मेदारी लें, उन्होंने कहा कि एक गलत ऑडिट भोलेभाले निवेशकों की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है.

'प्रधानमंत्री चाहते हैं कि भारत में चार विश्वस्तरीय लेखा फर्मे खड़ी हों'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि भारत में चार ऐसी बड़ी एकाउंटिंग कंपनियां होनी चाहिए जो अपने क्षेत्र की दुनिया की आठ बड़ी फर्मो में गिनी जाएं. साथ ही उन्होंने सीए समुदाय से अपने ताकत भरे हस्ताक्षर के दुरुपयोग के प्रति आगाह भी किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सीए का हस्ताक्षर प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर से भी ज्यादा ताकतवर होता है. सरकार भी सीए के हस्ताक्षर के खातों पर भरोसा करती है.

मोदी ने संस्थान के सदस्यों से समाज के आथर्कि स्वास्थ्य की हिफाजत करने का आहवान करते हुए कहा, ''आपके हस्ताक्षर का बहुत ज्यादा भरोसा किया जाता है. कृपया उस भरोसे को न तोड़ें.'' उन्होंने कहा कि वृद्ध महिलाएं एवं अन्य लोग ऑडिटरों के हस्ताक्षर वाली रिपोर्टो पर भरोसा करके म्यूचुअल फंड एवं अन्य योजनाओं में पैसा लगाते हैं.

'दुनिया की 4 बड़ी फर्मों में भारत की कोई फर्म नहीं'

भारत में चार बड़ी लेखा फर्मों के विचार के बारे में उन्होंने कहा , ''लोग चार बड़ी एकाउंटिंग फर्मों की बात करते हैं लेकिन दुर्भाग्य से उनमें भारत की कोई फर्म नहीं है. हमें 2022 तक दुनिया की आठ बड़ी फर्मों में चार भारतीय फर्मों को स्थान दिलाने का प्रयास करना चाहिए.'' चार बड़ी वैश्विक फर्मों में पीडब्ल्यूसी, डेलॉयट, ईवाई और केपीएमजी हैं.

मोदी ने कहा कि जीएसटी को लागू करवाने और नये दिवालिया कानून में भी सीए की बड़ी भूमिका है. नए भारत के निर्माण में सीए समुदाय की बड़ी जिम्मेदारी है क्योंकि वे भारतीय अर्थव्यवस्था के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं. उन्होंने कहा, ''जिस तरह वकीलों ने स्वाधीनता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभायी, उसी तरह की भूमिका सीए समुदाय को भारतीय अर्थव्यवस्था को वृद्धि के पथ पर ले जाने में निभाना चाहिए. मैं इसकी अपील करता हूं.''

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'ये वो बांग्लादेश नहीं, जिसके लिए दी लाखों शहादत', फफक कर रोती हुई बोलीं शेख हसीना
'ये वो बांग्लादेश नहीं, जिसके लिए दी लाखों शहादत', फफक कर रोती हुई बोलीं शेख हसीना
‘जंतर-मंतर पर नहीं हुई फायरिंग, झारखंड की तकलीफ समझें राहुल’, संबित पात्रा का पलटवार
‘जंतर-मंतर पर नहीं हुई फायरिंग, झारखंड की तकलीफ समझें राहुल’, BJP का पलटवार
कैबिनेट सचिव, केन्द्रीय गृह सचिव के कार्यकाल में सालभर का किया गया विस्तार
कैबिनेट सचिव, केन्द्रीय गृह सचिव के कार्यकाल में सालभर का किया गया विस्तार
YSR कांग्रेस नेता मल्ला विजय प्रसाद पर ED का बड़ा एक्शन, 5 ठिकानों पर छापेमारी
YSR कांग्रेस नेता मल्ला विजय प्रसाद पर ED का बड़ा एक्शन, 5 ठिकानों पर छापेमारी

वीडियोज

Pati Brahmachari:💔Isha-Suraj के बीच फिर आई Avni, तकरार के बीच पनपने लगा प्यार। #sbs
Bollywood News: बिग बॉस के टीज़र से मचा तहलका: क्या टीवी पर फिर दिखेगी 'करण-अर्जुन' की जोड़ी? ( 05.08.26 )
Jharkhand Job Protest: झारखंड नौकरी आंदोलन से घिरी सरकार! इस्तीफा देंगे हेमंत सोरेन? ABPLIVE
Mannat: Dhairya का खतरनाक खेल फेल, Mannat ने बचा लिया Vikrant को मौत के मुंह से!
Bollywood News: सोहेल को सपोर्ट करने पहुंचे सलमान खान, जेल के दिनों और 16 किलो वेट लॉस पर किया खुलासा (04.08.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘जंतर-मंतर पर नहीं हुई फायरिंग, झारखंड की तकलीफ समझें राहुल’, संबित पात्रा का पलटवार
‘जंतर-मंतर पर नहीं हुई फायरिंग, झारखंड की तकलीफ समझें राहुल’, BJP का पलटवार
'पेपर लीक सिर्फ झारखंड का मुद्दा...', छात्रों के प्रदर्शन पर बोले CM सोरेन
'पेपर लीक सिर्फ झारखंड का मुद्दा...', छात्रों के प्रदर्शन पर बोले CM सोरेन
इस साल कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच? क्या विराट-रोहित दिखेंगे एक्शन में?
इस साल कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच? क्या विराट-रोहित दिखेंगे एक्शन में?
ऋषभ पंत, संजू सैमसन या ईशान किशन, किसे मिलना चाहिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप में मौका? 
ऋषभ पंत, संजू सैमसन या ईशान किशन, किसे मिलना चाहिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप में मौका? 
राहुल गांधी का दावा, 'महिला प्रदर्शनकारियों के घर भेजे गए गुंडे, माफी की जरूरत नहीं'
राहुल गांधी का दावा, 'महिला प्रदर्शनकारियों के घर भेजे गए गुंडे, माफी की जरूरत नहीं'
ताबड़तोड़ हमलों के बीच सीजफायर के लिए गिड़गिड़ा रहा था पाक, ऑपरेशन Sindoor पर खुलासा
ताबड़तोड़ हमलों के बीच सीजफायर के लिए गिड़गिड़ा रहा था पाक, ऑपरेशन Sindoor पर खुलासा
बंगाल: उगाही के आरोप में BJP के 22 कार्यकर्ता सस्पेंड, 250 को शो कॉज नोटिस
बंगाल: उगाही के आरोप में BJP के 22 कार्यकर्ता सस्पेंड, 250 को शो कॉज नोटिस
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का रास्ता साफ, राज्यसभा से भी बिल पारित
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का रास्ता साफ, राज्यसभा से भी बिल पारित
Embed widget