'मस्जिद नहीं, वहां सिर्फ ईंटें रखी हैं', मुर्शिदाबाद में बाबरी निर्माण को लेकर अभिषेक बनर्जी का हुमायूं कबीर पर तंज
टीेएमसी नेता अभिषेक बनर्जी अब पूरी तरह राजनीतिक मूड में नजर आ रहे हैं. उन्होंने एसआईआर के मुद्दे पर चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया है, साथ ही मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद को लेकर अपनी बात रखी.

TMC के नेता अभिषेक बनर्जी ने मुर्शिदाबाद में निर्माणाधीन बाबरी मस्जिद को लेकर जारी राजनीति पर बड़ा बयान दिया है. साथ ही उन्होंने एसआईआर के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने इसको लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. अभिषेक ने कहा कि मस्जिद या मंदिर जैसे धार्मिक स्थल का उपयोग राजनीतिक रोटियां सेंकने का विषय नहीं होना चाहिए. उन्होंने इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाने से बचने की हिदायत दी है.
मुर्शिदाबाद में मस्जिद की ईंटे रखी हैं: अभिषेक बनर्जी
अभिषेक ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर कहा कि वहां केवल ईंटें रखी हैं. कुछ नेता सांप्रदायिक राजनीति को हवा दे रहे हैं. साथ ही उन्होंने अपनी पार्टी के नेता रहे हुमायूं कबीर को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि जो नेता कभी बीजेपी का उम्मीदवार रह चुका, उन्हें कभी बाबरी मस्जिद तोड़ने पर आपत्ति क्यों नहीं हुई.
अभिषेक ने पुलवामा हमले का जिक्र भी छेड़ते हुए कहा कि उस समय भी राजनीतिक पोस्टर लगाए गए. बनर्जी ने गृहमंत्री अमित शाह से बांग्लादेश में हुई हिंसा को लेकर जवाब मांगा. साथ ही इस पर प्रधानमंत्री की तरफ से सार्वजनिक प्रतिक्रिया न देने पर हैरानी जताई.
चुनाव आयोग पर साधा निशाना
एसआईआर के मुद्दे पर बोलते हुए अभिषेक ने बीएलओ पर दबाव की बात कही. साथ ही कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान 58 मौतें हुई हैं और 29 बीएलओ ने सुसाइड कर लिया. चुनाव आयोग ने उनके सवालों का अबतक कोई जवाब नहीं दिया है. गुजरात, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और केरल में लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए. बंगाल में सबसे कम नाम हटाए गए, लेकिन बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है.
1.36 करोड़ मतदाताओं की सूची सार्वजनिक करने की मांग
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग से अपील की है कि 1.36 करोड़ मतदाताओं की सूची को सार्वजनिक किया जाए. यह कथित रूप से गलत मतदाता बताए गए हैं. इसमें रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं. उन्होंने कहा कि अगर लिस्ट जारी नहीं की गई, तो चुनाव आयोग को माफी मांगनी चाहिए. कई जिंदा लोगों को मृत बताया गया है. जिला स्तर के प्रमाण उनके पास है.
उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि 31 दिसंबर को दिल्ली में चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. बैठक का लाइव टेलिकास्ट करेंगे. साथ ही कहा कि अगर लिस्ट जारी नहीं हुई तो चुनाव आयोग का घेराव भी किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वो 1 जनवरी से एक्टिव होंगे और 2 जनवरी से सड़कों पर उतरेंगे. वह जिलों में रैलियां करेंगे और जनसभा में हिस्सा लेंगे. 15 साल का ममता सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने रखेंगे.
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