12 घंटे से भी कम समय में हुईं चार रेल दुर्घटनाएं, दो बार इंजन से अलग हुई अर्चना एक्सप्रेस
दुर्घटना का सिलसिला तब शुरू हुआ, जब उत्तरप्रदेश में अमेठी के पास मानव रहित क्रॉसिंग पर एक स्थानीय ट्रेन बोलेरो गाड़ी से टकरा गयी.

नयी दिल्ली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश और ओडिशा में 12 घंटे से भी कम समय में हुई चार रेल दुर्घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गयी और कम से कम 11 लोग घायल हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. तीन दुर्घटनाएं उत्तर प्रदेश में हुईं, जबकि एक दुर्घटना ओडिशा में दर्ज की गई.
पटरी से उतरने की दो घटनाओं में से एक में उत्तरप्रदेश के चित्रकूट जिले में तीन लोगों की मौत हो गयी. एक घटना में इंजन डिब्बे से अलग हो गया जबकि दूसरी में ट्रेन मानवरहित क्रॉसिंग पर एक कार से टकरा गयी.

यूपी से शुरू हुआ हादसों का तांडव
दुर्घटना का सिलसिला तब शुरू हुआ, जब उत्तरप्रदेश में अमेठी के पास मानव रहित क्रॉसिंग पर एक स्थानीय ट्रेन बोलेरो गाड़ी से टकरा गयी. इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए. एक अधिकारी ने बताया कि मुसाफिरखाना थाना अंतर्गत माठा भुसुंडा गांव में विवाह समारोह में जा रहे लोगों की गाड़ी ट्रेन से टकरा गयी.
इसके बाद, उत्तर प्रदेश में मानिकपुर रेलवे स्टेशन के पास वास्को डी गामा-पटना एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरी से उतर गये. हादसे में छह साल के बच्चे और उसके पिता सहित तीन लोगों की मौत हो गयी, जबकि नौ अन्य घायल हो गये.
एडीजी (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार के मुताबिक एक टूटी हुई रेल पटरी दुर्घटना की वजह बनी. उन्होंने बताया कि यूपी सरकार ने ट्रेन दुर्घटना की जांच के लिए आतंक रोधी दस्ते को लगाया है.
ट्रेन के पटरी से उतरने के बाद पटना-इलाहाबाद मार्ग पर कई घंटों तक ट्रेनों का आवागमन बाधित रहा. मानिकपुर में ट्रेन के पटरी से उतरने के दो घंटे के भीतर ही ओडिशा में गोरखनाथ और रघुनाथपुर के बीच पारादीप-कटक मालगाड़ी पटरी से उतर गयी. पूर्वी तटीय रेलवे के प्रवक्ता जे पी मिश्रा ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. उन्होंने बताया कि मालगाड़ी पारादीप से कोयला ले कर कटक जा रही थी कि तभी कटक से 45 किलोमीटर और पारादीप से 38 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बनबिहारी ग्वालिपुर पीएच रेलवे स्टेशन के निकट डाउन लाइन पर मालगाड़ी के करीब 14 खुले डिब्बे पटरी से उतर गये. चौथी घटना में, जम्मू-पटना अर्चना एक्सप्रेस का इंजन उत्तरप्रदेश में सहारनपुर के निकट ट्रेन से अलग हो गया. यह दो बार हुआ. उत्तर मध्य रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘‘कर्मचारियों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा फिर से जांच कर फैसला किया गया कि ट्रेन में नया इंजन लगाया जाना चाहिए ताकि ऐसी समस्या फिर ना हो.’’ आखिरकार, सारी सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन रवाना हुयी.
जारी है दुख जताने और मुआवजों का सिलसिला
रेलवे में मौजूद सूत्रों ने बताया कि टूटी हुई पटरी ट्रेन के बेपटरी होने की वहज हो सकती है. इससे पहले दिन में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दुर्घटनाओं पर दुख प्रकट किया और एक जांच का आदेश दिया.
उन्होंने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी को मौके पर पर फौरने पहुंचने का निर्देश भी दिया था. रेलवे ने मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को एक लाख रुपया और मामूली रूप से घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये और मामूली रूप से घायल को 25000 रुपये देने की घोषणा की.
























