Karnataka: 15 साल से 'प्यासे' थे 110 गांव, अब पीने के पानी के लिए जारी हुए पैसे
Water Crisis: बीबीएमपी 110 गांवों को ड्रिंकिंग वॉटर उपलब्ध कराने के लिए 14.2 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी है.

Karnataka Water Crisis: बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) ने 110 गांवों को ड्रिंकिंग वॉटर उपलब्ध कराने के लिए 14.2 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी है. इन गावों को 15 सालों से भी ज्यादा समय पहले पालिका सीमा में शामिल किया गया था.
बीबीएमपी प्रशासक राकेश सिंह ने 16 अगस्त को इंजीनियरों की तैयार की गई चार कार्य योजनाओं को मंजूरी दी है. ये गांव बोम्मनहल्ली, येलहंका, साउथ और आरआर नगर जोन में आते हैं.
यशवन्तपुर के लिए 7.63 करोड़ रुपये मंजूर
यशवन्तपुर में योजना के लिए 7.63 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. अधिकारियों ने दावा किया कि इसका मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है, जिसमें सोमशेखर के कांग्रेस में लौटने की चर्चा भी शामिल है.
यशवंतपुर में पानी की किल्लत
अधिकारियों ने कहा कि राजाराजेश्वरीनगर क्षेत्र से संबंधित यशवंतपुर विधानसभा क्षेत्र के गांवों को पीने के पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. बीबीएमपी ने 50 बोरवेल खोदने के लिए 4 करोड़ रुपये, मेंटेनेंस के लिए 2 करोड़ रुपये और चार महीने तक पीने के पानी की आपूर्ति के लिए 1.63 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.
110 गांवों में पानी का संकट
द हिंदू की न्यूज के मुताबिक इस साल मानसून के देरी से आने के कारण 110 गांवों में गंभीर पेयजल संकट पैदा हो गया था और हाल की बारिश से भी भूजल का स्तर नहीं बढ़ा. इसके चलते इन गांवों में कई बोरवेल सूख गए थे.
पानी के टैंकर पर निर्भर हैं लोग
वरथुर गांव के जगदीश रेड्डी ने द हिंदू को बताया,"इन गांवों में अधिकांश लोग पेयजल के लिए टैंकरों पर निर्भर हैं. इन टैंकरों की कीमत काफी ज्यादा है, जिसके चलते गरीब लोग टैंकर के पानी का खर्च वहन नहीं कर पा रहे हैं. बीबीएमपी स्थिति को बेहतर बनाने में के लिए न मात्र प्रयास कर रही है."
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