लॉकडाउन में इन बेजुबानों की बढ़ी मुसीबत, नहीं नसीब हो पा रहा है खाना
देश में जारी 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान ज़रूरी वस्तुओं को छोड़ हर प्रकार के व्यापार और दुकानें खोलने पर प्रतिबंध है और इसी प्रतिबंध के चलते जम्मू में मछलियों और पक्षियों के व्यापार से जुड़े लोग खासे परेशान है.

जम्मू: कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश भर में जारी लॉकडाउन का व्यापक असर जम्मू में भी दिख रहा है, लेकिन इस लॉकडाउन से शहर में एक्वेरियम यानि मछलीघर और पक्षियों के व्यापार से जुड़े लोग खासे परेशान है. लॉकडाउन के चलते दुकाने बंद होने की वजह से इन व्यापारियों को दुकानों में पड़ी मछलियों और पक्षियों को खिलाने में दिक्कते आ रही है.
देश में जारी 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान ज़रूरी वस्तुओं को छोड़ हर प्रकार के व्यापार और दुकानें खोलने पर प्रतिबंध है और इसी प्रतिबंध के चलते जम्मू में मछलियों और पक्षियों के व्यापार से जुड़े लोग खासे परेशान है. इन व्यापारियों का दावा है कि सरकार ने ज़रूरी वस्तुओं की लिस्ट में किराना, दवाई, राशन, फल, सब्ज़ियों की दुकाने रखी है लेकिन बेज़ुबान पक्षियों और मछलियों के व्यापार से जुड़े लोगों को इस लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है.
जम्मू में गांधी नगर इलाके में एक्वेरियम के व्यापार से जुड़े एक दुकानदार का दावा है कि उनकी दुकान में दर्जनों मछलियां हैं जिन्हें वे एक्वेरियम में डालते हैं. लेकिन पिछले करीब एक सप्ताह से उनकी दुकान बंद है और उन्हें अपनी दुकान में पड़ी मछलियों की कोई खबर नहीं है. उन्होंने दावा किया कि वो अपनी मछलियों को पिछले एक सप्ताह से फीड नहीं डाल पाए है.
वहीं, जम्मू के इसी गांधी नगर इलाके में पक्षियों के व्यापार से जुड़े राहुल कहते हैं कि उनकी दुकान में कई तरह के पक्षी हैं जिन्हे उन्हें दिन में एक बार खिलाना पड़ता है लेकिन पिछले एक सप्ताह से वह दुकान नहीं खोल पाए हैं. उन्हें अब इस बात की चिंता सत्ता रही है कि 21 दिन तक अगर उनकी दुकान में बंद पड़े पक्षियों को दाना नहीं मिला तो उनका क्या होगा.
इन सभी छोटे व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें भी अपनी दुकानें थोड़ी देर खोलने की इजाज़त दी जाए ताकि वो इन बेज़ुबान पक्षियों और मछलियों का ध्यान रख सके.
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Source: IOCL

























