Traveling Tips: फर्स्ट टाइम मॉम्स के लिए ट्रैवलिंग टिप्स, बच्चे के साथ बिना स्ट्रेस सफर करें
Traveling Tips: अगर आप थोड़ी सी तैयारी पहले से कर लें, सही जानकारी लें और पेशंस के साथ सफर की शुरुआत करें तो यह सफर आपके लिए और आपके बच्चे के लिए एक खूबसूरत एक्सपीरियंस बन सकता है.

जब एक महिला पहली बार अपने बच्चे के साथ कहीं बाहर निकलती है, चाहे वो किसी फैमिली ट्रिप के लिए हो, रिश्तेदारों से मिलने के लिए, या किसी जरूरी काम से, तो मन में बहुत सारे सवाल और स्ट्रेस रहता है. जैसे कि बच्चा ठीक रहेगा, अगर रास्ते में कुछ गड़बड़ हो गई तो क्या करूंगी? ये सभी सवाल बहुत ही आम हैं और लगभग हर नई महिला की यही स्थिति होती है.
हालांकि, अगर आप थोड़ी सी तैयारी पहले से कर लें, सही जानकारी लें और पेशंस के साथ सफर की शुरुआत करें तो यह सफर आपके लिए और आपके बच्चे के लिए एक खूबसूरत एक्सपीरियंस बन सकता है. तो चलिए आज हम फर्स्ट टाइम मॉम्स के लिए कुछ ट्रैवलिंग टिप्स के बारे में बताते हैं जो आपको अपने न्यू बॉर्न बेबी के साथ पहली बार यात्रा करते समय ध्यान में रखनी चाहिए.
1. सबसे पहले डॉक्टर से सलाह लें - जैसे ही आप सफर का प्लान बनाएं तो सबसे पहला स्टेप अपने बच्चे के डॉक्टर से बात करना है. डॉक्टर से पूछें कि क्या आपका बच्चा सफर के लिए तैयार है. आमतौर पर जब तक बच्चा 6 से 8 हफ्ते का नहीं हो जाता तब तक लंबी यात्रा टालने की सलाह दी जाती है, जब तक बहुत जरूरी न हो. ऐसे में डॉक्टर से कंफर्म करें कि बच्चा हेल्दी हो और जरूरी वैक्सीन लग चुके हों. अगर आपका बच्चा किसी दवा पर है तो दवाइयां साथ रखना न भूलें.
2. क्या-क्या पैक करें - जब न्यू बोर्न बेबी के साथ सफर की बात आती है, तो पैकिंग को और भी अच्छे से करना जरूरी हो जाता है. हर छोटी चीज की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए बच्चे की सभी जरूरी चीजें जैसे डायपर, वाइप्स और चेंजिंग मैट, मौसम के हिसाब से कपड़े,बोतल, फॉर्मूला, नर्सिंग कवर, बर्प क्लॉथ, पैसिफायर, बच्चे की दवाइयां, थर्मामीटर, सैनिटाइजर, टिश्यू, वेट वाइप्स. इनमें सबसे जरूरी चीजों को एक छोटे बैग में रखें, जिसे आप सफर के दौरान आसानी से निकाल सकें.
3. यात्रा के तरीके के हिसाब से रखें सावधानियां - अगर फ्लाइट से जा रहे हैं तो बुकिंग करते समय एयरलाइन से बेबी बास्केट की रिक्वेस्ट करें. उड़ान के दौरान बच्चे के कान में प्रेशर न बने, इसके लिए टेक ऑफ और लैंडिंग के समय ज्यादा ध्यान रखें. बच्चे को लेयर में कपड़े पहनाएं ताकि ठंड या गर्मी के हिसाब से आसानी से बदल सकें. अगर कार से यात्रा कर रहे हैं तो बच्चे के लिए सेफ्टी कार सीट जरूर लगवाए. हर 2-3 घंटे में दूध पिलाने, डायपर बदलने और स्ट्रेच करने के लिए रुकें .
4. दूध पिलाने का सही प्लान बनाएं - सफर में दूध पिलाना थोड़ा परेशानी वाला हो सकता है, लेकिन प्लानिंग से ये आसान हो सकता है. अगर आप ब्रेस्टफीडिंग करवा रही हैं, तो नर्सिंग कवर साथ रखें. अगर फॉर्मूला दे रही हैं, तो पहले से उबला पानी, स्टरलाइज बोतलें और फॉर्मूला पैक कर लें. कोशिश करें कि आप सफर का समय बच्चे के सोने के समय से मिला लें. साथ ही बच्चा जिस कंबल या टॉइ के साथ सोता है, वो जरूर साथ रखें.
5. खुद को शांत रखें - यात्रा के दौरान हो सकता है बच्चा रो दे, भूख लगे, या कोई परेशानी हो तो घबराने की जरूरत नहीं ये सब आम है. ऐसे में जरूरी टिप्स को फॉलो करते हुए अपने सफर को पूरा करें.
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Source: IOCL






















