ये संकेत बताते हैं कि आपको एंग्जायटी अटैक आने वाला है, इन्हें इग्नोर न करें
एंग्जायटी अटैक के कई ऐसे संकेत और लक्षण होते हैं जो इस ओर इशारा करते हैं कि अटैक आने वाला है. यदि इन संकेतों की अनदेखी की गई तो गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है. आइए जानते हैं इसके बारे में ...

एंग्जायटी अटैक एक बहुत ही परेशान करने वाली स्थिति है जिसमें अचानक से ही डर, चिंता और तनाव का एक भारी दौरा पड़ता है. लेकिन कई बार इस अटैक के आने से पहले कुछ संकेत मिल जाते हैं. यदि हम इन संकेतों को समझें और पहचानें तो हम इस भयावह अनुभव को कुछ हद तक कम कर सकते हैं या टाल सकते हैं. एंग्जायटी अटैक किसी न किसी वजह से ही आता है कुछ लोगों को तनाव की स्थिति में या फिर डरावनी चीजों को देखकर या सोचकर एंग्जाइटी अटैक आ जाता है. लेकिन हम कुछ संकेतों को पहचानकर इस दौरे को आने से पहले ही रोक सकते हैं. ऐसे 10 संकेत हैं जो दिखाते हैं कि अब एंग्जाइटी अटैक होने वाला है.
एंग्जायटी अटैक आने के 10 संकेत:
- अचानक तेज़ी से धड़कने लगता है दिल
- सांसे तेज हो जाती हैं या सांस लेने में परेशानी होती है
- चक्कर आना या बेचैनी महसूस होना
- पसीना आना या हाथ-पैर ठंडे पड़ जाना
- उल्टी या दस्त की समस्या होना
- छाती में दर्द या जकड़न होना
- डर या खतरे की भावना महसूस होना
- कंपकंपी या हाथों-पैरों में झुनझुनी सी होना
- वास्तविकता की भावना खोना
- असहनीय मानसिक तनाव की स्थिति
एंग्जायटी अटैक के मुख्य रूप से 4 स्टेज होते हैं.
- प्रोड्रोमल स्टेज (Prodromal stage): इस स्टेज में शरीर में हल्की उदासी, घबराहट या चिंता का अनुभव होता है. मनुष्य को लगता है कि कुछ गड़बड़ है लेकिन वह ठीक से पहचान नहीं पाता.
- एक्यूट फेज (Acute phase): इसमें अचानक तीव्र लक्षण दिखाई देते हैं जैसे तेज दिल की धड़कन, सांस की तकलीफ, चक्कर आना, मतली आदि. यह 15 से 30 मिनट तक रह सकता है.
- रिकवरी स्टेज (Recovery stage): लक्षण कम होने लगते हैं और शरीर सामान्य स्थिति में आने लगता है. यह एक्यूट फेज के बाद 30 से 90 मिनट में होता है.
- पोस्ट-एटैक फेज (Post-attack phase): यह रिकवरी के बाद की अवस्था है जिसमें थकान महसूस हो सकती है. कुछ लोगों को एंग्जायटी अटैक का डर बना रहता है.
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.
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Source: IOCL

























