एक्सप्लोरर

विष्णु के 10 अवतार के पीछे श्राप या धर्म की स्थापना! जानिए इसके पीछे का चौंकाने वाला रहस्य?

Vishnu 10th incarnation curse: भगवान विष्णु ने समय-समय पर धरती को अधर्म से बचाने के लिए कई अवतार लिए, इनमें राम-कृष्ण अवतार प्रमुख माने जाते हैं. लेकिन 10 बार अवतार लेने के पीछे कोई श्राप तो नहीं है?

Lord Vishnu 10th incarnation curse story: हम सभी जानते हैं भगवान विष्णु के 10 अवतार हैं, जिसमें मत्सय, कूर्म, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध और अंतिम अवतार कल्कि है. आपने कभी सोचा है भगवान विष्णु बार-बार क्यों अवतरित हुए? क्या उन्होंने खुद को कोई श्राप दिया था? या इसके पीछे कोई गहरा रहस्य छिपा है? आइए जानते हैं इसके बारे में. 

पवित्र धार्मिक ग्रंथों में भगवान विष्णु कहते हैं,

"यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्।त्र परिणय साधूनां विनाशाय च दुष्कृतम् धर्मसं स्थापनार्थाय संभावनामि युगे युगे।"

भगवान विष्णु के अवतार के पीछे श्राप की कहानी कितनी सच!

विष्णु जी के दशावतारों से जुड़ी कई लोककथाएं प्रचलित हैं, जिन्में उन्हें अलग-अलग वजहों से श्राप दिए गए. इसमें सबसे मुख्य महर्षि भृगु का श्राप था, जिसकी वजह से उन्हें पृथ्वी पर जन्म लेकर कई तरह के कष्टों को सहना पड़ा, और यही कारण हैं कि, उन्होंने राम और कृष्ण जैसे मानव अवतार लिए, जिन्में उन्हें पत्नी वियोग (सीता) और कई तरह के सांसारिक दुखों को भोगना पड़ा. वृंदा के श्राप से ही राम को सीता का वियोग का सामना करना पड़ा.

विष्णु जी के दशावतारों से जुड़ी कई लोककथाएं प्रचलित हैं, जिन्में उन्हें अलग-अलग वजहों से श्राप दिए गए. इसमें सबसे मुख्य महर्षि भृगु का श्राप था, जिसकी वजह से उन्हें पृथ्वी पर जन्म लेकर कई तरह के कष्टों को सहना पड़ा, और यही कारण हैं कि, उन्होंने राम और कृष्ण जैसे मानव अवतार लिए, जिन्में उन्हें पत्नी वियोग (सीता) और कई तरह के सांसारिक दुखों को भोगना पड़ा. वृंदा के श्राप से ही राम को सीता का वियोग का सामना करना पड़ा.

भगवान विष्णु कहते हैं कि, जब भी धर्म का पतन और अधर्म का राज होता है, तब मैं अवतरित लेता हूं अच्छे लोगों की रक्षा करने, दुष्टों को मिटाने और धर्म की स्थापना करने के लिए मैं प्रकट होता हूं. सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि, विष्णु के जन्म लेने के पीछे कोई विवशता या शापित की कहानी नहीं है?

बल्कि अवतरित होना उनकी खुद की प्राथमिकता है क्योंकि संसार की व्यवस्था और धर्म स्थापना के लिए उनका अवतार लेना जरूरी है. 

भगवान विष्णु ने दस अवतार ही क्यों लिए उससे ज्यादा या कम क्यों नहीं? सबसे पहले इसकी एक वजह दस अंक पूर्णता का अंक है. भारतीय चिंतन में दस आमतौर पर एक चक्र, एक संपूर्ण मानचित्र का संकेत दर्शाता है. अवतरण का चरण देखा जाए तो सबसे पहले मछली से कछुए, फिर सूअर, इसके बाद अर्ध सिंह, मानव योद्धा और राजनेता, भगवान श्री विष्णु का अवतार न केवल अस्तित्व को दर्शाता है, बल्कि  दुख, चुनौती, जिम्मेदारी और चेतना से जुड़े कई भावों को भी चित्रित करता है. 

यदि कोई विष्णु के बार-बार अवतार लेने के लिए श्राप वाली थ्योरी की बात करता है, तो यह कहना कोई गलत नहीं होगा कि, श्राप खुद धर्म का पतन है. जब नैतिक व्यवहार खत्म होने लगते हैं, लोभ, क्रूरता, स्वार्थ और कर्तव्य का विध्वंस होता है तो प्रत्येक व्यक्ति का जीवन प्रभावित होता है. 

विष्णु के हर अवतार क्या संदेश देते हैं?

विष्णु के प्रत्येक अवतार जीवन में कुछ न कुछ संदेश देते हैं-

मत्सय (मछली)- जड़ता से जागने का समय, जीवन के ज्ञान और आंतरिक शक्ति को जागृति का उदय होता है. 

कछुआ- जब जीवन में चीजें उथल पुथल से भरी हो तो खुद को स्थिर करना बेहद जरूरी है. 

वराह (सूअर)- आप उस गहराई में गोता लगाते हैं, जहां व्यक्तिगत विफलता और नैतिक मूल्यों का पतन क्यों न हो? लेकिन आप खोई हुई चीजों को वापस पाने की इच्छा रखते हैं.

नरसिंह- चीजें काफी जटिल अपने पुराने रूप से स्थिति संभल नहीं सकती, तुम्हें अपनी बौद्धिक क्षमता से नए रूप को जन्म देना ही होगा. 

वामन (बौना ब्राह्माण)- हमेशा विनम्रता की जीत होती है. अंहकार पतन की ओर ले जाता है. 

परशुराम (योद्धा ऋषि)- जब व्यवस्था चरमरा जाए तो नवीनीकरण व्यवस्था के लिए लड़ना जरूरी होता है. 

राम और कृष्ण- हमेशा अपने कर्तव्य, ज्ञान और समर्पण की भावना को भूलना नहीं चाहिए.

बुद्ध/बलराम- अंतर्मुखी जो मुक्ति, स्वरूपों और करुणा का त्याग करना जानता है. 

कल्कि (भविष्य का योद्ध)- आखिरी बदलाव, पुराना ध्वस्त होगा तभी तो नए का उदय होगा. न केवल किसी व्यक्ति के लिए बल्कि पुरे जगत के लिए.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

अंकुर अग्निहोत्री ज्योतिष और धार्मिक विषय के जानकर हैं, ये बीते एक साल से abplive.com से जुड़े हुए हैं और विभिन्न विषयों पर लेखन कार्य कर रहे हैं. इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी भोपाल से पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है. दिल्ली में जन्मे अंकुर अग्निहोत्री को अंक शास्त्र, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, स्वप्न शास्त्र में विशेष रुचि रखते हैं. ये डिजीटल प्लेट फॉर्म पर ज्योतिष को लोकप्रिय और इसकी विश्वनीयता को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं, इनका मकसद नई पीढ़ी को ज्योतिष, धर्म और आध्यत्म की शक्ति से रूबरू कराना है. ज्योतिष व धर्म के साथ इनको साहित्य पढ़ने और फिल्में देखने का भी शौक है.

Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

नजर लगने से कैसे बचें? इस्लाम में बचाव के आसान तरीके, जानें दुआएं और तारीफ का सही तरीका!
नजर लगने से कैसे बचें? इस्लाम में बचाव के आसान तरीके, जानें दुआएं और तारीफ का सही तरीका!
Sankashti Chaturthi 2026: भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी कब ? नोट करें डेट, पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय समय
भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी कब ? नोट करें डेट, पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय समय
Holi 2026: महादेव की होली में रंगा पूरा सीहोर, ब्रज की तर्ज पर यहां मनाते हैं त्योहार
महादेव की होली में रंगा पूरा सीहोर, ब्रज की तर्ज पर यहां मनाते हैं त्योहार
नींबू-मिर्च को फ्रिज में साथ रखने से क्यों बचना चाहिए? देवकीनंदन ठाकुर ने बताया कारण?
नींबू-मिर्च को फ्रिज में साथ रखने से क्यों बचना चाहिए? देवकीनंदन ठाकुर ने बताया कारण?
Advertisement

वीडियोज

Vasudha: 😧Hanumant का License जब्त गाड़ी और नौकरी दोनों गए हाथ से, अब क्या करेगी Vasudha?
Israel Iran War: खामेनेई की मौत से जल उठा Pakistan ! | Khamenei | Trump । Iraq Protest | Breaking
Israel Iran War: Beirut में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना का बड़ा हमला| Netanyahu | Trump
Israel Iran War: Khamenei को इजरायली फोर्स IDF ने बताया आतंकी | Netanyahu | Trump
Israel Iran War: B2 बॉम्बर की एंट्री..तबाह हो जाएगा ईरान! | Khamenei | Trump | Netanyahu | Breaking
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
US Israel Iran War Live: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग पर PM मोदी ने तोड़ी चुप्पी, बोले- 'मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट से समाधान नहीं...'
Live: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग पर PM मोदी ने तोड़ी चुप्पी, बोले- 'मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट से समाधान...'
Bihar CM Nitish Kumar Live: नीतीश का कार्यकाल ऐतिहासिक, दामन पर कोई दाग नहीं, राज्यसभा के लिए सीएम के नामांकन के बाद बोले गृह मंत्री अमित शाह
Live: नीतीश का कार्यकाल ऐतिहासिक, दामन पर कोई दाग नहीं, राज्यसभा के लिए सीएम के नामांकन के बाद बोले गृह मंत्री अमित शाह
Doomsday Missile Test: जंग के बीच अमेरिका ने टेस्ट की भयंकर तबाही वाली डूम्सडे मिसाइल, हिरोशिमा परमाणु बम से 20 गुना ज्यादा घातक
जंग के बीच अमेरिका ने टेस्ट की भयंकर तबाही वाली डूम्सडे मिसाइल, हिरोशिमा परमाणु बम से 20 गुना ज्यादा घातक
IND vs ENG: भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल पर बारिश का खतरा! मैच रद्द हुआ तो किसे मिलेगा फाइनल का टिकट?
भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल पर बारिश का खतरा! मैच रद्द हुआ तो किसे मिलेगा फाइनल का टिकट?
भव्य अंदाज में सेलीब्रेट हुई अर्जुन तेंदुलकर की मेहंदी सेरेमनी, जानिए मेहमानों से लेकर मेन्यू तक सारी जानकारी
भव्य अंदाज में सेलीब्रेट हुई अर्जुन तेंदुलकर की मेहंदी सेरेमनी, जानिए मेहमानों से लेकर मेन्यू तक सारी जानकारी
'तनु वेड्स मनु' से 'सिमरन' तक, 7 फिल्में जिनमें हीरोइन नहीं थी बेचारी या अबला नारी
'तनु वेड्स मनु' से 'सिमरन' तक, 7 फिल्में जिनमें हीरोइन नहीं थी बेचारी या अबला नारी
चोरी का अड्डा बनी ट्रेन की साइड अपर बर्थ, गरीब वेंडर्स को बनाया निशाना, वीडियो देख खौलेगा खून
चोरी का अड्डा बनी ट्रेन की साइड अपर बर्थ, गरीब वेंडर्स को बनाया निशाना, वीडियो देख खौलेगा खून
UPSC CSE Final Result 2025 जल्द होगा जारी,  upsc.gov.in पर ऐसे चेक करें कटऑफ और टॉपर लिस्ट
UPSC CSE Final Result 2025 जल्द होगा जारी,  upsc.gov.in पर ऐसे चेक करें कटऑफ और टॉपर लिस्ट
Embed widget