पोप के बाद कैथोलिक ईसाई में दूसरा सबसे बड़ा स्पिरिचुअल लीडर कौन होता है
Pope Francis Death: पोप फ्रांसिस कैथोलिक ईसाई में दुनिया के सबसे बड़े धर्मगुरु थे. उनके निधन की खबर के बाद दुनियाभर के कैथोलिक अनुयायी शोक में डूबे हैं.

Pope Francis Death: कैथोलिक ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया. वेटिकन के अनुसार, आज 21 अप्रैल को सुबह पोप ने आखिरी सांस ली. वे इतिहास के पहले लैटिन पोप थे. पोप फ्रांसिस के निधन की खबर के बाद दुनियाभर के कैथोलिक अनुयायी शोक में डूबे हैं.
जानकारी के मुताबिक पोप फ्रांसिस पिछले कुछ महीनों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और बीते 14 फरवरी को ही रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती हुए थे. एक महीने बाद यानि 14 मार्च को उन्हें डिस्चार्ज भी कर दिया गया. लेकिन अब उनके निधन की खबर सामने आई है.
किसे कहते हैं ‘पोप’
यीशु के बाद ईसाई धर्म या रोमन कैथोलिक के सर्वोच्च पद को पोप कहते हैं. पोप का अर्थ ‘पिता’ से होता है. इसलिए इन्हें होली फादर भी कहते हैं. पोप वेटिकन सिटी के राष्ट्राध्यक्ष होने के साथ ही दुनियाभर के कैथोलिक ईसाईयो के सर्वोच्च नेता माने जाते हैं.
कैथोलिक पोप को ईसाई धर्म का पृथ्वी पर चरम अध्यक्ष मानते हैं. इस धार्मिक संगठन में हरेक पादरी के ऊपर एक उससे भी उच्च कोटि का पादरी होता है. लेकिन सभी के ऊपर पोप होता है. पोप आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं, इन्हें विवाह की अनुमित नहीं होती है.
कैसे बनते हैं पोप
कोई भी कैथोलिक जिसका बपतिस्मा हो चुका हो, वह पोप बन सकता है. बता दें कि बपतिस्मा एक ईसाई धर्म में एक संस्कार है, जो पानी के साथ एक की जानी वाली धार्मिक पंरपरा होती है. जिसमें किसी व्यक्ति को चर्च की सदस्या दी जाती है.
पोप बनने के लिए किसी भी कार्डिनल को दुनियाभर के कार्डिनल्स के दो तिहाई मत की जरूरत होती है. गुप्त मतदान होने के बाद वोट (मत) की गिनती होती है. वोट के बाद एक विशेष तरह के रसायन को भट्टी में डाला जाता है. इस भट्टी की चिमनी से काला या फिर सफेद रंग का धुंआ निकलता है. अगर चिमनी से काला धुंआ निकले तो चुनाव प्रकिया अधूरी मानी जात है. वहीं अगर सफेद धुंआ निकले तो यह संकेत होता है कि पोप चुन लिया गया है.
कैथोलिक ईसाई में दूसरा सबसे बड़ा स्पिरिचुअल लीडर कौन ?
कैथोलिक ईसाई में पोप सबसे बड़ा धार्मिक गुरु है. पोप के बाद कैथोलिक ईसाई धर्म में, दूसरा सबसे बड़ा स्पिरिचुअल लीडर रोम के कार्डिनल्स होते हैं, जोकि पोप के सलाहकार और उत्तराधिकारी के रूप में काम करते हैं. ये पोप की अनुपस्थिति में सलाह देते हैं और उनकी जिम्मेदारियां निभाते हैं.
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Source: IOCL






















