एक्सप्लोरर

Ramayan: क्या ये सच है, अकबर ने कराया था रामायण का फारसी में अनुवाद? जानें

Ramayana: महर्षि वाल्मीकि की रामायण को मुगल सम्राट अकबर ने फारसी में अनुवाद कराया था. जानते हैं हिंदू धार्मिक ग्रंथ रामायण में कैसे हुई अकबर की रुचि और फारसी में कितनी बार हुआ रामायण का अनुवाद,

Ramayana: रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि हैं. रामजी के वनवास से लौटने के बाद रामायण की रचना हुई. इसमें 2400 श्लोक, 500 सर्ग और 7 काण्ड हैं. इसलिए यह कहा जा सकता है कि, रामायण रूपी भगीरथ को पृथ्वी पर उतारने का काम वाल्मीकि द्वारा किया गया.

वहीं तुलसीदास द्वारा लिखित रामायण का नाम रामचरित मानस है. इसकी रचना 17वीं शताब्दी के अंत में हुई. गोस्वामी तुलसीदास जी ने अवधि में इसकी रचना की. वहीं वाल्मीकि रामायण संस्कृत में लिखी गई थी. इसके रचयिता वाल्मीकि को आदि कवि भी कहा जाता है. इसके बाद अलग-अलग काल में और विभिन्न भाषाओं में रामायण की रचना हुई. 12वीं सदी में तमिल भाषा में कम्पण रामायण, तेरहवीं सदी में थाई भाषा में लिखी रामकीयन और कम्बोडियाई रामायण, 15वीं और 16वीं सदी में उड़िया रामायण और कृतिबास की बंगला रामायण भी प्रसिद्ध है..

‘मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना’

भारत ऐसा मुल्क है जो गंगा-जमुनी तहजीब कि मिसाल पेश करता है. यहां लोग मजहब के नाम पर मतभेद करने के बजाय एकजुट होते हैं. अल्लामा इकबाल की पंक्ति ‘मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना’ को भारत चरितार्थ करता है. इसलिए भारत को राम-रहीम का मुल्क और मजहबों का गुलदस्ता कहा जाता है. यहां हिंदू गुरु गोविंद की वंदना भी करते हैं, सिख मोहम्मद के बारे में भी जानते हैं और मुसलमान भगवान श्रीराम की जीवनगाथा भी जानते हैं. तभी तो विभिन्न भाषाओं के साथ ही रामायण का तर्जुमा (अनुवाद) फारसी में भी किया गया है. मुगल सम्राट अकबर के आदेश पर 'मुल्ला अब्दुल कादिर बदायुनी' ने पहली बार रामायण का 1591 में फारसी भाषा में अनुवाद किया. ये फारसी, अरबी और उर्दू भाषा के साथ संस्कृत के भी प्रकांड विद्वान थे.

हिंदू साहित्यों में थी मुगलों की रुचि

मुगल कला और साहित्य के संरक्षक थे. मुगलकाल में मुगलों की रुचि न सिर्फ मुगल साहित्यों में थी बल्कि हिंदू साहित्य में भी थी और वे हिंदू साहित्य को काफी महत्व भी देते थे. इसका उदाहरण है ‘रामायण’ का फारसी में अनुवाद कराना. रामायण महाकाव्य का फारसी में अनुवाद का श्रेय मुगलकाल सम्राट अकबर को जाता है. अकबर भारतीय साहित्य और संस्कृति के कायल थे.

अकबर ने क्यों कराया रामायण का फारसी का अनुवाद

मुगलकाल सम्राट अकबर (1542-1602) को भारतीय साहित्य और संस्कृति से काफी प्रेम था. इसलिए उन्होंने भारतीय साहित्यों को फारसी में जानने वालों और विशेषरूप से मुस्लिमों के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए रामायण का फारसी में अनुवाद कराया. सम्राट अकबर के समय फारसी मुगल भारत की दरबारी भाषा थी. आपको बता दें कि, संस्कृत ग्रंथों जैसे रामायण और महाभारत आदि के अनुवाद की शुरुआत कराने वाले अकबर पहले मुस्लिम शासक नहीं थे. लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि, अकबर के निर्देशन में ही हिंदू विश्व के महत्वपूर्ण साहित्यिक और धर्मशास्त्रीय ग्रंथों में मुगलों की रुचि जागी और इनके अनुवादन के लिए एक मतलबखाना फतेहपुर-सीकरी में स्थापित किया गया, जिसमें महाभारत, रामायण और योगवाशिष्ट समेत कई खास हिंदू ग्रंथों के अनुवाद किए गए.

किसने किया रामायण का फारसी अनुवाद

1584 में मुगल सम्राट अकबर के आदेश से मुल्ला अब्दुल कादिर बदायुनी ने पहली बार फारसी में रामायण का अनुवाद किया. बदायुनी एक रूढ़िवादी मुस्लिम थे. लेकिन अकबर का आदेश पाकर उन्हें इसके लिए मानना पड़ा और रामायण का अनुवादन करना पड़ा. बदायुनी द्वारा पहली बार वाल्मीकि रामायण का फारसी में अनुवाद किया गया था. इसके लिए उन्हें चार साल लग गए. रामायण को फारसी में लिखने के दौरान अब्दुल बदायुनी ने एक ब्राह्मण देबी मिश्र को भी नियुक्त किया था. इसमें एक विशेष बात यह थी कि, संस्कृत रामायण में कभी चित्रण नहीं किया गया. लेकिन फारसी अनुवाद वाले रामायण में चित्रकारों द्वारा लघु चित्रों के साथ इसमें चित्रण भी किया गया.

फारसी में कितनी बार हुआ रामायण का अनुवाद

मुगल सम्राट अकबर के बाद भी फारसी भाषा में रामायण का अनुवादन किया गया. शाहजहां के शासनकाल में फारसी में रामायण के दो अनुवाद मुल्ला शेख सादुल्लाह और गुलामदास द्वारा किए गए. फारसी में लिखी रामायण की एक प्रति आज भी रामपुर रजा लाइब्रेरी में मौजूद है.

रामायण का एक अन्य दुर्लभ फारसी अनुवाद शाहजहां के बेटे दारा शिकोह द्वारा किया गया. फिलहाल ये पांडुलिपि जम्मू के व्यापारी शाम लाल अंगारा के पास मौजूद है. इस रामायण की शुरुआत ‘बिस्मिल्लाह रहमान एक रहीम’ से होती है. कहा जाता है कि अब तक भारत-फारसी साहित्य में 23 से अधिक बार रामायण लिखी जा चुकी है.

ये भी पढ़ें: Ayodhya Ram Mandir: चंपत राय कौन हैं, जो सरकारी नौकरी छोड़ बने रामलला के पटवारी, नहीं जानते तो यहां देखें इनकी पूरी प्रोफाइल

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'कर्नाटक को यूपी वाले रास्ते पर...', गृहमंत्री जी परमेश्वर के बुलडोजर एक्शन वाले बयान पर क्या बोले पी. चिदंबरम?
'कर्नाटक को यूपी वाले रास्ते पर...', गृहमंत्री जी परमेश्वर के बुलडोजर एक्शन वाले बयान पर क्या बोले पी. चिदंबरम?
बिहार में सरकार बनते ही जीतन राम मांझी ने शराबबंदी कानून पर कर दी बड़ी मांग, CM मान जाएंगे?
बिहार में सरकार बनते ही जीतन राम मांझी ने शराबबंदी कानून पर कर दी बड़ी मांग, CM मान जाएंगे?
'सोचना भी नहीं कोई मुझे डरा-धमका सकता है', पूर्व सांसद की याचिका पर सुनवाई करते हुए क्यों CJI को कहनी पड़ी यह बात?
'सोचना भी नहीं कोई मुझे डरा-धमका सकता है', पूर्व सांसद की याचिका पर सुनवाई करते हुए क्यों CJI को कहनी पड़ी यह बात?
जब बॉलीवुड ने पर्दे पर उतारे असली गैंगस्टर्स, अक्षय खन्ना से विवेक ओबेरॉय तक दिखें दमदार रोल
जब बॉलीवुड ने पर्दे पर उतारे असली गैंगस्टर्स, अक्षय खन्ना से विवेक ओबेरॉय तक दिखें दमदार रोल

वीडियोज

Triumph Thruxton 400 Review | Auto Live #triumph
Royal Enfield Goan Classic 350 Review | Auto Live #royalenfield
Hero Glamour X First Ride Review | Auto Live #herobikes #heroglamour
जानलेवा बॉयफ्रेंड की दिलरूबा !
Toyota Land Cruiser 300 GR-S India review | Auto Live #toyota

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'कर्नाटक को यूपी वाले रास्ते पर...', गृहमंत्री जी परमेश्वर के बुलडोजर एक्शन वाले बयान पर क्या बोले पी. चिदंबरम?
'कर्नाटक को यूपी वाले रास्ते पर...', गृहमंत्री जी परमेश्वर के बुलडोजर एक्शन वाले बयान पर क्या बोले पी. चिदंबरम?
बिहार में सरकार बनते ही जीतन राम मांझी ने शराबबंदी कानून पर कर दी बड़ी मांग, CM मान जाएंगे?
बिहार में सरकार बनते ही जीतन राम मांझी ने शराबबंदी कानून पर कर दी बड़ी मांग, CM मान जाएंगे?
'सोचना भी नहीं कोई मुझे डरा-धमका सकता है', पूर्व सांसद की याचिका पर सुनवाई करते हुए क्यों CJI को कहनी पड़ी यह बात?
'सोचना भी नहीं कोई मुझे डरा-धमका सकता है', पूर्व सांसद की याचिका पर सुनवाई करते हुए क्यों CJI को कहनी पड़ी यह बात?
जब बॉलीवुड ने पर्दे पर उतारे असली गैंगस्टर्स, अक्षय खन्ना से विवेक ओबेरॉय तक दिखें दमदार रोल
जब बॉलीवुड ने पर्दे पर उतारे असली गैंगस्टर्स, अक्षय खन्ना से विवेक ओबेरॉय तक दिखें दमदार रोल
शुभमन गिल को टी20 टीम में होना चाहिए या नहीं? ये क्या कह गए गुजरात टाइटंस के कोच आशीष नेहरा; जानें क्या बोले
शुभमन गिल को टी20 टीम में होना चाहिए या नहीं? ये क्या कह गए गुजरात टाइटंस के कोच आशीष नेहरा; जानें क्या बोले
सुबह उठते ही सिर में होता है तेज दर्द, एक्सपर्ट से जानें इसका कारण
सुबह उठते ही सिर में होता है तेज दर्द, एक्सपर्ट से जानें इसका कारण
फर्जीवाड़ा कर तो नहीं लिया लाडकी बहिन योजना का लाभ, वापस करना पड़ेगा पैसा; कहीं आपका नाम भी लिस्ट में तो नहीं?
फर्जीवाड़ा कर तो नहीं लिया लाडकी बहिन योजना का लाभ, वापस करना पड़ेगा पैसा; कहीं आपका नाम भी लिस्ट में तो नहीं?
BCCI का अंपायर बनने के लिए कौन-सा कोर्स जरूरी, कम से कम कितनी मिलती है सैलरी?
BCCI का अंपायर बनने के लिए कौन-सा कोर्स जरूरी, कम से कम कितनी मिलती है सैलरी?
Embed widget