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Vaishakh Amavasya 2026: वैशाख अमावस्या पर जल से भरा घड़ा दान करने से क्या होता है ?

Vaishakh Amavasya 2026: वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल को है. इस तिथि पर मिट्टी का कलश दान करने की परंपरा है, इसके धार्मिक से साथ ज्योतिष लाभ भी मिलते हैं. जानें मिट्टी का घड़ा दान करने का महत्व.

Vaishakh Amavasya 2026: आज वैशाख अमावस्या शाम 5.22 तक रहेगी. है. ये तिथि स्नान और दान के लिए सबसे अधिक पुण्यदायी मानी जाती है. अमावस्या पर लोग पितरों की ऋर्ण मुक्ति के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं.

स्कंद पुराण के अनुसार इस दिन किए गए धार्मिक कार्य व्यक्ति के पापों का नाश करते हैं साथ ही मृत्यु के बाद उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. वैशाख में अक्षय तृतीया के अलावा वैशाख अमावस्या ही वो खास दिन है जब जल से भरा कलश दान करने की परंपरा निभाई जाती है, इसके धार्मिक और ज्योतिष में क्या लाभ मिलते हैं आइए जानते हैं.

वैशाख अमावस्या पर मिट्टी का घड़ा दान का महत्व

  • एस्ट्रोलॉजर अनीष व्यास के अनुसार वैशाख का महीना भीषण गर्मी का होता है, ऐसे में जल का दान “महादान” माना गया है. प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य कार्य बताया गया है इसलिए इस दिन जल से भरा मिट्टी का घड़ा दान किया जाता है.
  • शास्त्रों के अनुसार इस दिन किया गया जल दान पितरों को तृप्त करता है. उनकी आत्मा को शांति मिलती है, व्यक्ति पितृ दोष से मुक्ति पाता है.
  • यह दान व्यक्ति के भीतर सेवा, करुणा और परोपकार की भावना को भी बढ़ाता है. उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव होते हैं. दुर्भाग्य दूर रहता है, सुख समृद्धि का आगमन होता है.

नहीं परेशान करते ये ग्रह

  • ज्योतिष के अनुसार जल तत्व चंद्रमा और मन से जुड़ा होता है. जल दान करने से चंद्रमा मजबूत होता है और मानसिक शांति मिलती है. जीवन में चल रहा तनाव कम होने लगता है.
  • जिन लोगों की कुंडली में चंद्र दोष, पितृ दोष या शनि से संबंधित समस्याएं होती हैं, उनके लिए यह उपाय विशेष लाभकारी माना जाता है.

कैसे दान करें जल से भरा घड़ा

  • मिट्टी या तांबे का घड़ा लें और उसमें साफ जल भरें
  • उसमें थोड़ा सा गुड़ या शक्कर डाल सकते हैं. एक रुपए का सिक्का डाल दें.
  • इस घड़े को किसी जरूरतमंद, मंदिर या सार्वजनिक स्थान पर दान करें
  • दान करते समय मन में पितरों और देवताओं का स्मरण करें.
  • वैशाख अमावस्या पर सार्वजनिक स्थान पर पियाऊ लगवाना सबसे अधिक पुण्य देता है या फिर अपने घर के बाहर मिट्टी का जल से भरा मटका राहगीरों के लिए रख दें. इससे बड़ा पुण्य कोई नहीं.

वैशाख अमावस्या उपाय

  • इस दिन रात में जलाशय में दीपदान करना चाहिए, मान्यता है कि इससे पितरों को सद्गति प्राप्त होती है.
  • घर में दक्षिण दिशा में दीपक जलाएं. साथ ही ईशान कोण में घी का दीपक प्रज्वलित करें. मां लक्ष्मी का घर में आगमन होता है.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

जागृति सोनी बरसले (Jagriti Soni Bursle)

धर्म, ज्योतिष और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं पर शोध आधारित लेखन करने वाली डिजिटल पत्रकार

जागृति सोनी बर्सले धर्म, ज्योतिष, वास्तु और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों की अनुभवी डिजिटल पत्रकार और लेखिका हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में वह ABP Live (Abplive.com) में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं, जहां वह व्रत-त्योहार जैसे नवरात्रि, करवा चौथ, दिवाली, होली, एकादशी, प्रदोष व्रत, हरियाली तीज आदि, धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय घटनाओं, शुभ मुहूर्त, वास्तु और फेंगशुई, पंचांग जैसे विषयों पर शोध आधारित और प्रमाणिक लेख लिखती हैं.

विशेषज्ञता (Expertise)

जागृति सोनी बर्सले विशेष रूप से इन विषयों पर लेखन करती हैं:

  • व्रत-त्योहार और भारतीय धार्मिक परंपराएं
  • वैदिक ज्योतिष और ग्रह-नक्षत्र आधारित घटनाएं
  • शुभ मुहूर्त और धार्मिक विधि-विधान
  • वास्तु शास्त्र और फेंगशुई
  • आध्यात्मिक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं

उनके लेखों में धार्मिक विषयों को केवल आस्था के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शास्त्रीय स्रोतों और प्रमाणिक ग्रंथों के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है.

शिक्षा और पृष्ठभूमि

जागृति सोनी बर्सले ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से की है.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर डॉट कॉम से की, जहां डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने धर्म, समाज और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लेख लिखे.

डिजिटल मीडिया में काम करते हुए उन्होंने टेक्स्ट और वीडियो दोनों फॉर्मेट में काम किया है और वीडियो सेक्शन में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में भी लंबे समय तक योगदान दिया है. इस अनुभव ने उन्हें आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न फॉर्मेट को समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता दी है.

शास्त्रीय अध्ययन और शोध

जागृति सोनी बर्सले की विशेष रुचि धर्म और ज्योतिष के शास्त्रीय अध्ययन में है.

उन्हें प्राचीन धार्मिक ग्रंथों जैसे:

  • धर्म सिंधु
  • मुहूर्त चिंतामणि

का अच्छा ज्ञान है. इन ग्रंथों के आधार पर वह व्रत-त्योहार, पूजा-विधि, ज्योतिषीय घटनाओं और मुहूर्त से जुड़े विषयों को सरल, प्रमाणिक और शोधपरक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं.

योगदान

जागृति सोनी बर्सले एक फ्रीलांस लेखक के रूप में भी कई मंचों पर आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं.

उनका उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा में विश्वसनीय जानकारी के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक इन विषयों को समझ सकें और सही जानकारी प्राप्त कर सकें.

व्यक्तिगत रुचियां

अध्यात्म और भारतीय परंपराओं के अध्ययन के प्रति उनकी गहरी रुचि है. खाली समय में उन्हें आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ना पसंद है. यह अध्ययन उनके लेखन को और अधिक गहन, तथ्यपूर्ण और संदर्भ आधारित बनाता है.

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