एक्सप्लोरर

Amarnath Yatra 2026: बर्फ का शिवलिंग लुप्त होने के बाद भी नहीं डगमगाई आस्था, 86 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

Amarnath Yatra 2026:बर्फ का प्राकृतिक शिवलिंग लुप्त होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था बरकरार है. अब तक 86 हजार से ज्यादा भक्त दर्शन कर चुके हैं, जबकि रिकॉर्ड संख्या में नए जत्थे भी रवाना हो रहे हैं.

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा आस्था, विश्वास और सनातन परंपरा का सबसे बड़ा प्रतीक मानी जाती है. इस बार यात्रा शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग लुप्त हो गया. इसके बावजूद श्रद्धालुओं की श्रद्धा और उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिली. 

देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए लगातार पहुंच रहे हैं. यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था इस बात का प्रमाण है कि आस्था किसी एक प्रतीक तक सीमित नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास का नाम है.

बर्फ का शिवलिंग लुप्त, लेकिन श्रद्धालुओं का जोश बरकरार:

अमरनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत 3 जुलाई से हुई थी. यात्रा शुरू होने के पहले पांच दिनों के भीतर ही पवित्र गुफा में मौजूद प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग पूरी तरह लुप्त हो गया. आमतौर पर बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक विशेष आकर्षण होता है, लेकिन इस बार इसके समाप्त होने के बाद भी भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती रही.

श्रद्धालुओं का कहना है कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण भगवान शिव के धाम में पहुंचकर दर्शन करना और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करना है. यही कारण है कि यात्रा पहले की तरह ही पूरे उत्साह के साथ जारी है.

86 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन:

मंगलवार सुबह तक 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर में 86 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं.

यात्रा के शुरुआती तीन दिनों में ही 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे. वहीं सोमवार शाम तक कुल दर्शनार्थियों की संख्या 85,779 पहुंच गई थी. इनमें से केवल सोमवार को ही 28,818 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जो इस यात्रा सीजन के शुरुआती दिनों में सबसे अधिक दैनिक संख्या मानी जा रही है.

लगातार बढ़ती यह संख्या इस बात का संकेत है कि श्रद्धालुओं का विश्वास किसी परिस्थिति से प्रभावित नहीं हुआ है.

छठे जत्थे के साथ रिकॉर्ड 8,815 श्रद्धालु रवाना:

मंगलवार को अमरनाथ यात्रा के छठे जत्थे के रूप में जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से 8,815 तीर्थयात्री रवाना हुए. यह इस वर्ष यात्रा के दौरान एक ही दिन में रवाना होने वाले यात्रियों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है.

यात्रियों को सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच अलग-अलग वाहनों के काफिले में बालटाल और पहलगाम के बेस कैंपों के लिए भेजा गया.

बालटाल मार्ग: 181 वाहनों में सवार 3,989 श्रद्धालु सुबह 3:35 बजे रवाना हुए.
पहलगाम मार्ग: 182 वाहनों में सवार 4,826 श्रद्धालु सुबह 4:08 बजे पारंपरिक मार्ग से निकले.

दोनों मार्गों पर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष निगरानी व्यवस्था बनाई हुई है ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से जारी रह सके.

देश-विदेश से पहुंच रहे हैं श्रद्धालु:

अमरनाथ यात्रा 2026 में इस बार हर आयु वर्ग और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है. मंगलवार को रवाना हुए छठे जत्थे में 5,831 पुरुष, 2,193 महिलाएं, 30 बच्चे, 598 साधु, 131 साध्वियां, एक बाल साधु और 31 विदेशी पुरुष तीर्थयात्री शामिल थे. 

यह आंकड़ा दर्शाता है कि बाबा बर्फानी के प्रति आस्था केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं. विविध पृष्ठभूमि से आए श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या अमरनाथ यात्रा की वैश्विक पहचान और इसकी गहरी आध्यात्मिक महत्ता को भी रेखांकित करती है.

363 वाहनों के काफिले के साथ रवाना हुए श्रद्धालु:

प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए इस बार व्यापक स्तर पर परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था की है. मंगलवार को रवाना हुए श्रद्धालुओं के जत्थे के लिए कुल 363 वाहनों का काफिला तैयार किया गया, जिसमें 172 बसें, 58 मीडियम मोटर व्हीकल (MMV), 130 लाइट मोटर व्हीकल (LMV) और 3 दोपहिया वाहन शामिल थे. 

पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बलों की विशेष तैनाती की गई है, जबकि मेडिकल टीमों, एंबुलेंस, ट्रैफिक प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को भी पूरी तरह सक्रिय रखा गया है. प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के सुरक्षित और सुगम तरीके से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें.

आस्था का सबसे बड़ा संदेश:

अमरनाथ यात्रा 2026 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि श्रद्धा किसी एक दृश्य या प्रतीक तक सीमित नहीं होती. प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग लुप्त होने के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं का बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए लगातार पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि भगवान शिव के प्रति विश्वास आज भी उतना ही अटूट है.

जिस गति से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में भी यात्रा में बड़ी संख्या में भक्त शामिल होंगे. प्रशासन भी सुरक्षा और सुविधाओं को मजबूत बनाकर यात्रा को सफल बनाने में जुटा हुआ है.

यह भी पढ़े- Amarnath Yatra 2026: बिना एडवांस रजिस्ट्रेशन न जाएं जम्मू-कश्मीर, जानिए यात्रा से जुड़े नए नियम और प्रशासन की अहम अपील

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Sawan Pradosh Vrat 2026: सावन का अंतिम प्रदोष व्रत सोमवार या मंगलवार कब ? बन रहा खास संयोग, पूजा मुहूर्त देखें
सावन का अंतिम प्रदोष व्रत सोमवार या मंगलवार कब ? बन रहा खास संयोग, पूजा मुहूर्त देखें
Weekly Rashifal 23-29 August 2026: रक्षाबंधन से पहले 5 राशियों की होगी अच्छी कमाई, बस इन चुनौतियों से होगा सामना
रक्षाबंधन से पहले 5 राशियों की होगी अच्छी कमाई, बस इन चुनौतियों से होगा सामना
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर देर तक मत सोइएगा! सुबह इतने बजे खत्म हो जाएगा राखी बांधने का शुभ समय
रक्षाबंधन पर देर तक मत सोइएगा! सुबह इतने बजे खत्म हो जाएगा राखी बांधने का शुभ समय
Sawan Putrada Ekadashi 2026: 23 अगस्त की पूजा के लिए आज ही रख लें तुलसी, एकादशी पर पत्ता तोड़ने की क्यों है मनाही?
23 अगस्त की पूजा के लिए आज ही रख लें तुलसी, एकादशी पर पत्ता तोड़ने की क्यों है मनाही?
Advertisement

वीडियोज

Janhit With Chitra Tripathi: Nripendra Mishra...Champat Rai के टारगेट पर क्यों आए? | Donation Scam
Chirag Paswan Exclusive: CM Samrat को लिखी चिट्ठी का क्या राज? EXCLUSIVE बातचीत में खुला राज!
Sandeep Chadhary: राष्ट्रगीत बहाना...मुस्लिम वोटबैंक पर निशाना? | Vande Mataram Row| BJP | Congress
Sugar Price Hike: चीनी के दाम बढ़े तो सरकार ने कसी लगाम, स्टॉक पर रोक | Breaking | New Price
Chitra Tripathi: 2 छंद Vs 6 छंद, राष्ट्रगीत पर जंग क्योंं? विश्लेषकों का विश्लेषण| Vande Mataram Row
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
तेलंगाना में सियासी भूचाल! CM रेड्डी के खिलाफ जमीन घोटाले की शिकायत दर्ज
तेलंगाना में सियासी भूचाल! CM रेड्डी के खिलाफ जमीन घोटाले की शिकायत दर्ज
UP में 52 नेताओं को मिला सुरक्षा कवच, CM योगी-मायावती और अखिलेश समेत इनके हैं नाम
यूपी में 52 नेताओं को मिला सुरक्षा कवच, CM योगी-मायावती और अखिलेश समेत इनके हैं नाम
‘मैं फ्री में…’, PCB में काम करने को लेकर बोले शोएब अख्तर
‘मैं फ्री में’, PCB में काम करने को लेकर बोले शोएब अख्तर
सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ हिट हुई या फ्लॉप? 8 दिनों के कलेक्शन से जानें पूरी रिपोर्ट
‘बंटवारा 1947’ हिट हुई या फ्लॉप? 8 दिनों के कलेक्शन से जानें पूरी रिपोर्ट
जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने हिरासत में लिया, जानें क्या है इनकी मांग?
जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने हिरासत में लिया, जानें क्या है इनकी मांग?
'झारखंड पर चुप, चर्चा से क्यों भागे', BJP का राहुल गांधी पर तंज
'झारखंड पर चुप, चर्चा से क्यों भागे', BJP का राहुल गांधी पर तंज
सड़क के इतना करीब आया हेलीकॉप्टर, उड़ने लगे लोग; वीडियो वायरल
सड़क के इतना करीब आया हेलीकॉप्टर, उड़ने लगे लोग; वीडियो वायरल
पीरियड की हर परेशानी हार्मोनल नहीं! ये संकेत हो सकते हैं गंभीर बीमारी का इशारा
पीरियड की हर परेशानी हार्मोनल नहीं! ये संकेत हो सकते हैं गंभीर बीमारी का इशारा
Embed widget