एक्सप्लोरर

Surya Grahan Rules: सूर्य ग्रहण में भूलकर भी न छुएं भगवान की मूर्ति, जानें क्यों बंद रहते हैं मंदिर

Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण में सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं. इस दौरान मूर्ति स्पर्श, पूजा व भोजन वर्जित होता है. ग्रहण काल में केवल मंत्र जाप करें और समाप्ति पर स्नान व दान-पुण्य जरूर करें.

Surya Grahan 2026: साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने जा रहा है. हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण का बहुत बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है. ग्रहण लगते ही देश के सभी बड़े मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. इतना ही नहीं, घरों में भी पूजा-पाठ रोक दी जाती है और भगवान की मूर्तियों को छूने की सख्त मनाही होती है.

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सूर्य ग्रहण के दौरान भगवान की मूर्ति क्यों नहीं छूनी चाहिए? मंदिरों के दरवाजे क्यों बंद कर दिए जाते हैं? आइए आसान भाषा में समझते हैं इसके पीछे का धार्मिक और वैज्ञानिक कारण.

सूर्य ग्रहण में भगवान की मूर्ति क्यों नहीं छूनी चाहिए?

सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, सूर्य ग्रहण के समय पूरे ब्रह्मांड में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) बढ़ जाती है.

सूतक काल का प्रभाव: सूर्य ग्रहण से ठीक 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है. सूतक काल को अशुद्ध समय माना जाता है. इस दौरान इंसान का शरीर और आसपास का वातावरण अशुद्ध हो जाता है. अशुद्ध अवस्था में पूजनीय मूर्तियों को छूना वर्जित माना गया है.

दिव्य ऊर्जा की सुरक्षा: मंदिरों और घरों में रखी मूर्तियां सिर्फ पत्थर या धातु नहीं होतीं, बल्कि उनकी 'प्राण-प्रतिष्ठा' की जाती है. उनमें बहुत अधिक सकारात्मक ऊर्जा होती है. ग्रहण के समय मूर्ति को छूने से इंसान की नकारात्मक ऊर्जा भगवान की मूर्ति में चली जाती है, जिससे उसकी पवित्रता प्रभावित हो सकती है.

मंदिरों के कपाट बंद होने के 3 मुख्य कारण

1. नकारात्मक किरणों से बचाव (वैज्ञानिक दृष्टिकोण)

सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य से निकलने वाली किरणें दूषित और हानिकारक हो जाती हैं. इन किरणों और कॉस्मिक रेडिएशन का असर भगवान की मूर्तियों पर न पड़े, इसलिए मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं और उन पर पर्दा गिरा दिया जाता है.

2. ईश्वर का कष्ट काल

पौराणिक कथाओं के अनुसार, ग्रहण के समय राहु और केतु सूर्य को ग्रस लेते हैं. यह समय ईश्वर के लिए 'कष्ट का समय' माना जाता है. इसलिए भगवान को आराम देने के लिए उनके कपाट बंद कर दिए जाते हैं.

3. तुलसी के पत्ते का सुरक्षा कवच

मंदिर बंद करने से पहले भगवान के भोग और मूर्तियों पर तुलसी के पत्ते रखे जाते हैं. वैज्ञानिक रूप से तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो ग्रहण के हानिकारक असर को रोकते हैं.

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?

क्या न करें? क्या करें?
भगवान की मूर्ति को स्पर्श न करें. मन ही मन भगवान के नाम या 'ऊँ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें.
मंदिरों के कपाट न खोलें और बाह्य आरती न करें. ग्रहण समाप्त होने के बाद सबसे पहले खुद स्नान करें.
सूतक काल में भोजन पकाने या खाने से बचें. पूरे घर और मंदिर में गंगाजल छिड़क कर शुद्धिकरण करें.

12 अगस्त 2026 को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार रात 9:04 बजे से शुरू होकर रात 1:28 बजे तक रहेगा. रात के समय होने के कारण यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल प्रत्यक्ष रूप से मान्य नहीं होगा. हालांकि, अपनी आस्था के अनुसार लोग ग्रहण के बाद स्नान और दान-पुण्य कर सकते हैं.

Hariyali Amavasya 2026: 12 अगस्त को पुष्य नक्षत्र और गजकेसरी योग में मनेगी हरियाली अमावस्या, जानें शुभ मुहूर्त और राशि अनुसार पौधरोपण

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

हर्षिका मिश्रा, एस्ट्रोलॉजर

हर्षिका मिश्रा ABP Live में ‘ज्योतिष और धर्म’ बीट को कवर करने वाली एक डिजिटल पत्रकार हैं. ज्योतिष शास्त्र में 3 वर्षों के अनुभव के साथ, वे पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक संदर्भ में समझाने और पाठकों तक सटीक एवं संतुलित जानकारी पहुंचाने पर काम करती हैं.

नई दिल्ली स्थित AIMC से ‘टेलीविजन और रेडियो प्रोडक्शन’ में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद, हर्षिका ने मीडिया जगत में अपनी एक विशिष्ट और प्रगतिशील पहचान बनाई है. पिछले एक वर्ष में उन्होंने ज्योतिष और धर्म से जुड़े विषयों पर निरंतर कार्य करते हुए एक स्पष्ट, सरल और भरोसेमंद लेखन शैली विकसित की है.

हर्षिका का कार्य पारंपरिक ज्योतिष को आज के समय की जरूरतों से जोड़ना है. वे वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष (Numerology), वास्तु शास्त्र और शकुन शास्त्र जैसे विषयों को केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि उन्हें Gen-Z की सोच, करियर से जुड़े निर्णयों और रिलेशनशिप की समझ के साथ एकीकृत करती हैं. उनका फोकस जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को सरल, व्यावहारिक और उपयोगी रूप में प्रस्तुत करने पर रहता है.

वे मानती हैं कि ज्योतिष का उद्देश्य भय फैलाना नहीं, बल्कि व्यक्ति को सही समय (Timing) की समझ देकर बेहतर और संतुलित निर्णय लेने में सक्षम बनाना है. अपनी स्क्रिप्ट लेखन और वीडियो प्रोडक्शन की समझ के जरिए वे ग्रहों के गोचर और धार्मिक विश्लेषणों को एक ‘प्रैक्टिकल गाइड’ के रूप में प्रस्तुत करती हैं, जिससे पाठक उन्हें अपने जीवन में उतार सकें.

उनका लेखन श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत से प्रेरित है, जो जीवन में संतुलन और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है. ज्योतिष और पत्रकारिता के अलावा, हर्षिका की रुचि संगीत, साहित्य और यात्राओं में है, जो उनके दृष्टिकोण को गहराई और विविधता प्रदान करती हैं.

हर्षिका का उद्देश्य ज्योतिष को अंधविश्वास के दायरे से बाहर निकालकर एक समझदारीपूर्ण, व्यावहारिक और जीवनोपयोगी मार्गदर्शक के रूप में स्थापित करना है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Surya Grahan Rules: सूर्य ग्रहण में भूलकर भी न छुएं भगवान की मूर्ति, जानें क्यों बंद रहते हैं मंदिर
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण में भगवान की मूर्ति क्यों नहीं छूनी चाहिए? जानिए मंदिरों के कपाट बंद होने का रहस्य
Surya Grahan 2026 Time LIVE: आज 4 घंटे 24 मिनट तक रहेगा सूर्य ग्रहण, भारत में दिखाई देगा या नहीं, अपडेट्स देखें
Surya Grahan 2026 Time LIVE: आज 4 घंटे 24 मिनट तक रहेगा सूर्य ग्रहण, भारत में दिखाई देगा या नहीं, अपडेट्स देखें
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण का बुरा असर क्या सच में गर्भवती पर पड़ता है ?
सूर्य ग्रहण का बुरा असर क्या सच में गर्भवती पर पड़ता है ?
Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा का आखिरी पड़ाव शुरू, रक्षाबंधन पर गुफा पहुंचेगी 'छड़ी मुबारक'
अमरनाथ यात्रा का आखिरी पड़ाव शुरू, रक्षाबंधन पर गुफा पहुंचेगी 'छड़ी मुबारक'
Advertisement

वीडियोज

Mirzapur: The Movie Trailer में Pankaj Tripathi, Ali Fazal और Divyenndu की वापसी, बड़े पर्दे पर मचेगा बवाल Title: English Headline
Bollywood News: अक्षय-सैफ की ब्लॉकबस्टर जोड़ी का कमबैक, 'खिलाड़ी' का एक्शन या 'अनाड़ी' का अंदाज़—कौन जमाएगा रंग? (12-08-26)
Mannat-Vikrant के सेट पर 'truth और dare' का तड़काए, क-दूसरे की पोल खोलते आए नजर!
Trisha Krishnan की Cryptic Post ने Vijay-Sangeetha के बीच बढ़ाई Divorce Buzz पर चर्चा
Gold Silver Price: 1 ही दिन में 10,000 महंगी हुई चांदी! सोना 1.55 लाख के पार, मार्केट में आया भूचाल!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘चर्चा के लिए तैयार, अमित शाह कर रहे इंतजार’, विपक्ष से बोले रिजिजू, लोकसभा स्थगित
‘चर्चा के लिए तैयार, अमित शाह कर रहे इंतजार’, विपक्ष से बोले रिजिजू, लोकसभा स्थगित
प्रशांत किशोर के 10,000 नौकरी वाले बयान पर JDU की दो टूक, 'वह अपना…'
प्रशांत किशोर के 10,000 नौकरी वाले बयान पर JDU की दो टूक, 'वह अपना…'
राहुल द्रविड़ के 3 वर्ल्ड रिकॉर्ड, जिनके आगे बड़े-बड़े दिग्गजों ने मांगा पानी
राहुल द्रविड़ के 3 वर्ल्ड रिकॉर्ड, जिनके आगे बड़े-बड़े दिग्गजों ने मांगा पानी
17 साल की उम्र में रिया चक्रवर्ती की 3 लाख महीने थी सैलरी, बोलीं- चेहरा ठीक करवाने पर किया खर्च
17 साल की उम्र में रिया चक्रवर्ती की 3 लाख महीने थी सैलरी, बोलीं- चेहरा ठीक करवाने पर किया खर्च
‘जल्द शुरू होने जा रहा जंतर-मंतर का सीजन-2’, दीपके बोले- बहुत लोग कर रहे थे कमेंट
‘जल्द शुरू होने जा रहा जंतर-मंतर का सीजन-2’, दीपके बोले- बहुत लोग कर रहे थे कमेंट
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
आखिरी दिन तक नहीं कर पाए रजिस्ट्रेशन तो क्या ऑप्शन, कैसे करें मेडिकल की पढ़ाई?
आखिरी दिन तक नहीं कर पाए रजिस्ट्रेशन तो क्या ऑप्शन, कैसे करें मेडिकल की पढ़ाई?
राम मंदिर में CEO बनने के लिए इंटरव्यू जारी, प्रशासनिक क्षमता के साथ आस्था की भी परीक्षा
राम मंदिर में CEO बनने के लिए इंटरव्यू जारी, प्रशासनिक क्षमता के साथ आस्था की भी परीक्षा
Embed widget