Sawan 2026: चांदनी चौक से लेकर छतरपुर तक 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंजी राजधानी; पुलिस मुस्तैद, कांवड़ शिविर भी शुरू
Sawan 2026: सावन में श्रद्धालु व्रत रखते हैं. शिवलिंग पर जल, दूध, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा व भांग अर्पित कर जलाभिषेक करते हैं. परिवार की समृद्धि के लिए रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय जाप कराया जाता है.

Sawan 2026: सावन के पवित्र महीने का शुभारंभ होते ही राजधानी दिल्ली पूरी तरह शिवमय हो गई है. सावन के पहले दिन तड़के (ब्रह्म मुहूर्त) से ही हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने के लिए शहर के प्रमुख शिवालयों में जुटने लगे.
मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं, वहीं प्रशासन और मंदिर समितियों ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं.
प्रमुख शिवालयों में सुबह से लगी भक्तों की भीड़
पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर और झंडेवालान मंदिर समेत शहर के अन्य प्रमुख परिसरों में तड़के से ही भक्ति का माहौल बना हुआ है. द्वारका, लाजपत नगर, कनॉट प्लेस, लक्ष्मी नगर, करोल बाग, छतरपुर, टैगोर गार्डन और नजफगढ़ के स्थानीय शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा.
गौरी शंकर मंदिर में विशेष व्यवस्था
चांदनी चौक स्थित प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर में भोर से ही भीड़ नियंत्रित करने के लिए प्रबंधन ने अतिरिक्त स्वयंसेवकों और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है.
व्यवस्था में बदलाव: दर्शन प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए प्रवेश (Entry) और निकास (Exit) के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं.
सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
बढ़ती भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड पर है:
- सीसीटीवी से निगरानी: संवेदनशील स्थानों और प्रमुख मंदिरों के बाहर CCTV कैमरों के जरिए 24/7 निगरानी की जा रही है.
- अतिरिक्त पुलिस बल: भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
- नगर निगम की सक्रियता: MCD की टीमों को मंदिर परिसरों और आसपास के मार्गों पर निरंतर सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.
कांवड़ शिविरों और भंडारों की शुरुआत
सावन की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा का उत्साह भी चरम पर है. राजधानी में प्रवेश करने वाले कांवड़ियों की सेवा के लिए जगह-जगह शिविर लगाए गए हैं. इन शिविरों में चिकित्सा सहायता, विश्राम, भोजन और शुद्ध पेयजल की निःशुल्क सुविधा दी जा रही है. कई सामाजिक संस्थाएं जगह-जगह भंडारों का आयोजन भी कर रही हैं.
रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय जाप की बढ़ी मांग
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना शिव उपासना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है. परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य के लिए श्रद्धालुओं द्वारा रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय जाप कराने का रुझान काफी बढ़ा है, जिससे पंडितों और आचार्यों की अग्रिम बुकिंग जारी है.
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