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Sawan Somwar Vrat 2025: ऐसे लोगों को नहीं रखना चाहिए सावन सोमवार व्रत, वरना...

Sawan Somwar Vrat 2025: 21 जुलाई को दूसरा सावन सोमवार व्रत है. सावन में सोमवार के दिन व्रत रखना शुभ होता है. लेकिन हर व्यक्ति के लिए सावन सोमवार व्रत उचित नहीं है. इसलिए जान लें कौन ये व्रत न करें.

सावन के पवित्र महीने में हर व्यक्ति की यह इच्छा रहती है कि वह व्रत और उपासना से भोलेनाथ को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सके. इसलिए सावन के पूरे महीने श्रद्धालु हर दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं और शिवजी की पूजा-अराधना में लीन रहते हैं.

शिवभक्ति के लिए सावन का महीना सबसे श्रेष्ठ होता है. इसके पीछे धार्मिक मान्यता है कि, सावन में शिव का वास भूलोक पर होता है. इसलिए सावन में शिवजी को समर्पित कई धार्मिक अनुष्ठान और यात्राएं (कांवड़ यात्रा) की जाती हैं. लेकिन सावन में पड़ने वाले सोमवार के दिन का धार्मिक दृष्टिकोण से महत्व कई गुणा बढ़ जाता है. क्योंकि सावन और सोमवार दोनों ही महादेव को समर्पित है.

श्रावण सोमवार व्रत

बता दें कि इस साल सावन महीने की शुरुआत 11 जुलाई 2025 से हो चुकी है और 9 अगस्त 2025 को सावन माह समाप्त हो जाएगा. इस दौरान कुल 4 सावन सोमवार भी पड़ेंगे, जिसमें श्रद्धालु व्रत रखेंगे. 14 जुलाई को पहला सावन सोमवार व्रत रखा गया था और अब 21 जुलाई को दूसरा सावन सोमवार व्रत रखा जाएगा. इसके बाद 28 जुलाई को तीसरा और 4 अगस्त को चौथा व आखिरी सावन सोमवार व्रत रखा जाएगा. लेकिन हर व्यक्ति के लिए सावन सोमवार का व्रत रखना उचित नहीं होता. तो आइये जानते हैं किन लोगों को नहीं रखना चाहिए सावन सोमवार व्रत.

किन लोगों के लिए उचित नहीं सावन सोमवार व्रत

बीमार या शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को- जो लोग किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं, बुखार से पीड़ित हैं या फिर शारीरिक रूप से व्रत करने के लिए सक्षम नहीं हैं, उन्हें सावन सोमवार का व्रत नहीं रखना चाहिए. ऐसे में आपकी शारीरिक स्थिति और बिगड़ सकती है.

गर्भवती महिलाएं- प्रेग्नेंसी के दौरान भी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं रहती हैं. साथ ही इस समय अधिक समय तक बिना अन्न या जल के रहना प्रेग्नेंट महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए ऐसी महिलाएं भी सावन सोमवार का व्रत न करें. आप केवल पूजा-अर्चना कर या जलाभिषेक करके भी शिव कृपा पा सकती हैं.

पीरियड के दौरान- जिन महिलाओं को सावन सोमवार के समय मासिक धर्म आ जाए, उन्हें धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ या व्रत आदि से दूर रहने की सलाह दी जाती है. इसलिए मासिक धर्म के समय महिलाएं ना ही व्रत रखें और ना ही शिवजी की पूजा करें.

बुजुर्ग और छोटे बच्चे- बुजुर्ग और बच्चों का अधिक समय तक भूखे-प्यासे रहना सही नहीं है. बच्चों के लिए यह चरण शारीरिक विकास का होता है तो वहीं बुजुर्गों को भी अधिक समय तक भूखे प्यासे रहने से समस्या हो सकती है, क्योंकि इस समय शारीरिक क्षमता कमजोर हो जाती है.

श्रद्धा-भक्ति से भी भोले हो जाएंगे प्रसन्न

यदि आप किसी कारण सावन सोमवार का व्रत नहीं रख पाएं, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है कि आपको शिवजी की कृपा प्राप्त नहीं होगी. भोले भंडारी व्रत-उपवास से अधिक श्रद्धा भाव के भूखे हैं. आप मन में श्रद्धा रखकर, शिवलिंग में केवल एक लोटा शुद्ध जल चढ़ाकर या मानसिक जाप से भी भोलेनाथ को प्रसन्न कर सकते हैं. क्योंकि सच्चे मन से की गई भक्ति ही भगवान तक पहुंचती है.

FAQ

Q. सावन सोमवार व्रत में क्या खाया जाता है?
A.
सावन व्रत में केवल सात्विक चीजों का ही सेवन करें. फल, जूस, हलवा या और साबूदाना जैसी चीजें व्रत में खा सकते हैं.

Q. सावन सोमवार व्रत में कौन सी चीजें नहीं खानी चाहिए?
A.
व्रत में अन्न ग्रहण करने से पहले. साथ ही लहसुन-प्याज जैसी चीजों का प्रयोग न करें.

Q. क्या सोमवार के व्रत में चाय पी सकते हैं?
A.
हां, सोमवार व्रत से दौरान चाय या जूस आदि का सेवन किया जा सकता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

पल्लवी कुमारी (Pallawi Kumari)

धर्म-ज्योतिष विशेषज्ञ | डिजिटल मीडिया पत्रकार | कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट
पल्लवी कुमारी एक कुशल डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें मीडिया उद्योग में 7 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC, नई दिल्ली) की पूर्व छात्रा पल्लवी, जटिल धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों को शोध-आधारित, सरल और प्रभावी भाषा में प्रस्तुत करने में विशेषज्ञता रखती हैं.

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