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Premanand Maharaj ने बताया भूत कैसे बदलते हैं रूप? जानें डर के पीछे का चौकानें वाला सच?

Premanand Maharaj: भूत प्रेत का नाम सुनते ही अक्सर लोग डरने लगते हैं. कई लोग जानना चाहते हैं कि, भूत आखिर कैसे दिखते हैं और क्या वो सच में इंसानों के पास आ सकते हैं? संत प्रेमानंद महाराज ने क्या कहा?

Premanand Maharaj: भूत-प्रेत का विषय सालों से लोगों के मन में भय और जिज्ञासा दोनों पैदा करता रहा है. कई लोग यह जानना चाहते हैं कि, भूत आखिर दिखते कैसे हैं और क्या सच में वे इंसानों के सामने आ सकते हैं.

संत महात्माओं के मुताबिक भूतों का स्वरूप स्थिर नहीं होता, बल्कि वे पल-पल में अपना रूप बदलते रहते हैं. यही वजह है कि, उन्हें पहचानना आसान नहीं होता. 

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भूतों का रूप लगातार बदलता रहता है!

संतों के मुताबिक भूत किसी एक निश्चित आकृति में नहीं रहते. वे हर पल अपना रूप बदल सकते हैं. कभी वे स्त्री या पुरुष के रूप में दिखाई देते हैं, तो अगले ही क्षण उनका रूप अत्यंत भयावह और वीभत्स हो सकता है. 

कभी वे सामान्य और परिचित स्वरूप में दिखाई देते हैं, तो कभी अचानक अत्यंत सुंदर या फिर डरावना रूप धारण कर लेते हैं. 

यही कारण है कि भूतों का पहचानना आसान नहीं होता, क्योंकि उनकी आकृति हमेशा बदलती रहती है. 

अधोहकि को प्राप्त जीवन बन जाते हैं भूत

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक जब किसी जीवन को अपने कर्मों के कारण अधोगति प्राप्त होती है, तो वह भूत योनि में चला जाता है. ऐसे जीवन अत्यंत कष्टदायक अवस्था में रहते हैं.

कहा जाता है कि, भूत योनि में रहने वाले जीवों की स्थिति बहुत कठिन होती है. उनके सामने नदियां बहती रहती हैं, लेकिन वे एक बूंद पानी भी नहीं पी सकते हैं. भोजन उनके सामने होता है, लेकिन वे उसे खा नहीं सकते. वे केवल वायु के सहारे रहते हैं. 

भूत इंसानों के पास क्यों आते हैं?

मान्यताओं के मुताबिक भूत हर व्यक्ति के पास नहीं जाते. वे सिर्फ वहां जाते हैं, जहां उन्हें लगता है कि, उनके दुख का समाधान हो सकता है. 

यदि किसी संत या साधु के पास जाने से उन्हें मुक्ति या कल्याण की आशा होती है, तो वे उनके पास प्रकट होते हैं. संतों की कृपा या संकल्प से उन्हें मुक्ति मिलने की उम्मीद मानी जाती है. 

भूतों का प्रभाव किन लोगों पर होता है?

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भूतों का प्रभाव मुख्यत: उन लोगों पर अधिक पड़ता है, जो तमोगुण से प्रभावित होते हैं. 
जो लोग गलत आचरण करते हैं, अपवित्र कर्मों में लगे रहते हैं या तंत्र-मंत्र जैसी चीजों का गलत इस्तेमाल करते हैं, उनके ऊपर भूत-प्रेत का प्रभाव होने की संभावना ज्यादा मानी जाती है.

ऐसे लोगों के शरीर पर भूत होकर अपने कष्टों को कम करने की कोशिस करता है.

भगवान का नाम लेने से दूर रहते हैं भूत!

संतों के मुताबिक भूत-प्रेत उन लोगों के पास नहीं आते हैं, जो भगवान का नाम जपते हैं और ईश्वर की भक्ति में लगे रहते हैं. 

मान्यता है कि, जहां भगवान का नाम, मंत्र जप या भक्ति होती है, वहां भूत-प्रेत का प्रभाव नहीं होता है. ईश्वर के नाम में इतनी शक्ति मानी जाती है कि, नकारात्मक शक्तियां उसके पास टिक नहीं पातीं. 

भूतों से क्यों डरना नहीं चाहिए?

धार्मिक शिक्षाओं के मुताबिक, भूत-प्रेत से डरने की जरूरत नहीं है. यदि व्यक्ति ईश्वर का स्मरण करता है, भगवान का नाम का जाप करते हैं और अच्छे कर्म करता है, तो उसे किसी तरह की नकारात्मक शक्ति से भय नहीं रहता. 

इसलिए संत हमेशा यही सलाह देते हैं कि, भय से बचने का सबसे सरल उपाय है, भगवान का नाम लेना और सकारात्मक जीवन को जीना है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

अंकुर अग्निहोत्री (Ankur Agnihotri)

Astrology & Religion Content Writer

अंकुर अग्निहोत्री ABP Live के Astro & Religion सेक्शन से जुड़े डिजिटल पत्रकार हैं, जो दैनिक राशिफल, व्रत-त्योहार, ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय विषयों पर सरल, तथ्य-आधारित और उपयोगी लेखन करते हैं. उनका कंटेंट विशेष रूप से उन पाठकों के लिए तैयार होता है जो ज्योतिष और धर्म को आसान भाषा में समझना चाहते हैं.

अंकुर पिछले 2+ वर्षों से ABP Live (abplive.com) में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और ज्योतिष, अंक शास्त्र, वास्तु शास्त्र, शकुन अपशकुन शास्त्र, हस्तरेखा, स्वप्न शास्त्र, चाइनीच ज्योतिष आदि पर आर्टिकल्स प्रकाशित करते हैं.

उनका काम हाई-फ्रीक्वेंसी कंटेंट प्रोडक्शन, ट्रेंड-आधारित स्टोरी चयन और यूजर-इंटेंट आधारित लेखन पर केंद्रित है, जिससे उनके लेख लगातार अच्छा डिजिटल एंगेजमेंट प्राप्त करते हैं. इसके अतिरिक्त अंकुर अग्निहोत्री निम्नलिखित विषयों पर भी लेखन करते हैं:

  • दैनिक और साप्ताहिक राशिफल
  • ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय प्रभाव
  • व्रत-त्योहार और धार्मिक तिथियां

वे अपने लेखों में जानकारी प्रस्तुत करते समय, पंचांग आधारित तिथि, नक्षत्र और योग का संदर्भ लेते हैं. सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों (ग्रह-स्थिति, गोचर प्रभाव) का उपयोग करते हैं और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित स्रोतों के आधार पर जानकारी देते हैं. अंकुर ABP Live जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के साथ जुड़े हैं और Astro सेक्शन में नियमित रूप से कंटेंट प्रकाशित करते हैं.

उनके लेख धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों और सामान्य स्रोतों पर आधारित होते हैं. वे किसी भी प्रकार के निश्चित या गारंटीड परिणाम का दावा नहीं करते और पाठकों को जानकारी को मार्गदर्शन के रूप में लेने की सलाह देते हैं. इन्होने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई की है.

अंकुर का फोकस ज्योतिष और धर्म को सरल, व्यावहारिक और समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी हर वर्ग के पाठकों तक पहुंच सके.

Personal Interests की बात करें तो अंकुर को अंक शास्त्र, वैदिक ज्योतिष, वास्तु और स्वप्न शास्त्र में रुचि. साथ ही साहित्य और फिल्में देखने का शौक है.

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