एक्सप्लोरर

पितृ पक्ष में बार-बार पुराने घर या गांव का सपना क्यों आता है, क्या इसका पितरों से संबंध है?

Pitru Paksha: पितृ पक्ष में पुराने घर या गांव का सपना क्या पितरों का संकेत है? जानें गरुड़ पुराण का संदर्भ और भारतीय स्वप्न परंपरा में ऐसे सपनों का अर्थ.

Pitru Paksha: जिस घर को बरसों पहले छोड़ चुके हैं, वह अचानक सपने में दिखता है. कभी उसके आंगन में खुद को बैठे देखते हैं, कभी गांव की उस गली में पहुंच जाते हैं जहां बचपन बीता था. पितृ पक्ष में ऐसा सपना बार-बार आए तो सवाल उठता है कि क्या पितर याद कर रहे हैं या कोई बात अधूरी रह गई है? धार्मिक ग्रंथों में पूर्वजों से जुड़े स्वप्नों का वर्णन जरूर है, लेकिन केवल पुराना घर दिखने का अर्थ पितरों की नाराजगी नहीं है.

पुराने घर का सपना क्या बताता है?

पुराना घर सिर्फ दीवारों और कमरों की याद नहीं होता. उसके साथ माता-पिता, दादा-दादी, त्योहार और परिवार में बिताए दिन भी जुड़े होते हैं. पितृ पक्ष में जब उन्हीं लोगों की चर्चा होती है, तो उस घर की याद लौटना स्वाभाविक है. यही याद सपने में आने की एक संभावित वजह हो सकती है.

भारतीय स्वप्न परंपरा भी हर सपने से भविष्यफल निकालने की बात नहीं करती. चरक संहिता के इंद्रियस्थान में देखी, सुनी और अनुभव की हुई बातों के साथ इच्छा तथा कल्पना से बने सपनों का उल्लेख है. इन पांच प्रकार के सपनों को फलरहित बताया गया है. यानी जो जगह पहले देख चुके हैं, उसका सपना आने पर जरूरी नहीं कि कोई घटना होने वाली हो.

गरुड़ पुराण में पितरों के सपने का क्या संदर्भ है?

गरुड़ पुराण के प्रेतखंड में प्रेतावस्था से जुड़े वर्णन में अपने पुराने निवास पर आने और सोते हुए वंशजों को संकेत देने की बात है. श्लोक 6 में मृत पूर्वज के दीन अवस्था में दिखाई देने और अन्न मांगने का जिक्र मिलता है.

दोनों स्थितियों का फर्क समझना जरूरी है. सपने में पूर्वज का दिखाई देना और केवल पुश्तैनी मकान दिखना एक बात नहीं है. यानी ऐसा नियम नहीं मिलता कि पितृ पक्ष में पुराने गांव का सपना आए तो पितर नाराज हैं या घर पर संकट आने वाला है.

सपना आए तो क्या करना चाहिए?

मन में पूर्वजों की याद आई है तो परिवार के साथ उनकी बातें करें. अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार श्राद्ध या तर्पण करें. गरुड़ पुराण के इसी अध्याय में जलतर्पण और यथाशक्ति दान की बात कही गई है. 

पंडित सुरेश श्रीमाली बताते हैं कि सिर्फ सपने के कारण श्राद्ध की तिथि बदलने, पितृ दोष मान लेने या कोई महंगा अनुष्ठान कराने की जरूरत नहीं है. पुराना घर याद आना अपने परिवार से जुड़ाव हो सकता है. उसे केवल डर और अनिष्ट का संकेत नहीं मानना चाहिए.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

हृदेश कुमार सिंह । Hirdesh Kumar Singh 

Senior Vedic Astrologer । Head – Religion & Astrology, ABP Live । Lead – ABP Dharma LIVE

हृदेश कुमार सिंह वरिष्ठ वैदिक ज्योतिषाचार्य और मीडिया पेशेवर हैं. उन्हें ज्योतिष, धर्म और मीडिया के क्षेत्र में 17 साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे ABP Live में Religion & Astrology वर्टिकल का नेतृत्व करते हैं. साथ ही ABP Dharma LIVE की कंटेंट और डिजिटल रणनीति की जिम्मेदारी संभालते हैं.

उनके काम में ज्योतिषीय लेखन, संपादन, वेबसाइट और वीडियो के लिए विषय चयन तथा संपादकीय योजना शामिल है. वे Search, Google Discover और सोशल मीडिया पर पाठकों की रुचि को ध्यान में रखकर धर्म और ज्योतिष की कवरेज तय करते हैं.

पंचांग, राशिफल, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार और धार्मिक परंपराएं उनके लेखन के प्रमुख विषय हैं. वे करियर, विवाह, शिक्षा और व्यापार से जुड़े सवालों पर भी लिखते हैं. राजनीति और सामाजिक घटनाओं पर उनके ज्योतिषीय विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर और मेदिनी ज्योतिष पर आधारित होते हैं. इनमें ग्रह स्थितियों को संभावित संकेतों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), नई दिल्ली से पत्रकारिता और IIMT University, मेरठ से ज्योतिष शास्त्र एवं वास्तु शास्त्र की शिक्षा ग्रहण की है. वे AstroSage और Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म के साथ भी काम कर चुके हैं. उन्होंने Semrush Academy से 'Content Marketing Essentials for SEO and AI Search with Semrush' सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है.

नई पीढ़ी के पाठकों के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे प्रारूप पर काम किया है. इसमें पढ़ाई, नौकरी, रिश्तों और रोजमर्रा के फैसलों से जुड़े सवालों को राशिफल में जगह दी गई है. उनके लेख धार्मिक परंपराओं से जुड़े उन प्रश्नों पर भी केंद्रित होते हैं, जो बदलती जीवनशैली में सामने आते हैं.

वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष, शकुन शास्त्र और वास्तु उनके अध्ययन एवं लेखन के विषय हैं. उनका मानना है, 'ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है.'

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर कब है व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जरूरी नियम
1 या 2 नवंबर कब है व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जरूरी नियम
Diwali 2026: 8 नवंबर को लक्ष्मी पूजा और 9 को अमावस्या स्नान-दान, जानें क्यों अलग-अलग दिन होंगे दोनों पर्व
8 नवंबर को लक्ष्मी पूजा और 9 को अमावस्या स्नान-दान, जानें क्यों अलग-अलग दिन होंगे दोनों पर्व
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ का व्रत 28 या 29 अक्टूबर को? जानें आपके शहर में कब निकलेगा चांद
Karwa Chauth 2026 Date: करवा चौथ कब है, जानें चांद निकलने का समय
Karwa Chauth 2026 Live: आपके शहर में कब निकलेगा चांद? जानें पूजा का सही शुभ मुहूर्त, कथा और पारण विधि
आपके शहर में कब निकलेगा चांद? जानें पूजा का सही शुभ मुहूर्त, कथा और पारण विधि
Advertisement

वीडियोज

YRKKH:🫨Badi Dadi ने मेहमानों के सामने Abhira को दिए ताने, बवाल के बीच Maira-Kabir का हुआ सामना #sbs
Bollywood News: लॉस एंजिल्स के रेड कारपेट पर छाया 'रामायण' की स्टार कास्ट का रॉयल लुक (28.10.26)
Sansani: चाची के गहने...भतीजे की थार..गुप्त खेल का खुलासा ! Special Report। ABP News
MLC Election Results: काउंटिंग के बीच पुलिस से भिड़े सपा कार्यकर्ता | Bihar | Congress | NDA | JDU
UP MLC Election Result News: UP में इन सीटों पर BJP की जीत | Uttar Pradesh | Breaking | SP | ABP
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'भारत की खुफिया ताकत समझनी है तो देखें धुरंधर मूवी', अरुणाचल के मंत्री का अजीबोगरीब बयान
'भारत की खुफिया ताकत समझनी है तो देखें धुरंधर मूवी', अरुणाचल के मंत्री का अजीबोगरीब बयान
UP MLC Election Results 2026 Live: सीएम योगी के गढ़ गोरखपुर में बीजेपी की जीत, तीसरे नंबर पर रहे सपा के संजयन त्रिपाठी
CM योगी के गढ़ गोरखपुर में बीजेपी की जीत, तीसरे नंबर पर रहे सपा के संजयन त्रिपाठी
MLC Election Winner List: MLC चुनाव की 28 सीटों में कौन, कहां जीता, पढ़ें पूरी लिस्ट
MLC Election Winner List: MLC चुनाव की 28 सीटों में कौन, कहां जीता, पढ़ें पूरी लिस्ट
अजय देवगन की 'दृश्यम 3' का 26वें दिन भी भौकाल, जानें- 400 करोड़ से रह गई कितनी दूर
'दृश्यम 3' की नहीं थम रही रफ्तार, 26वें दिन भी दमदार हुई कमाई
20वां 'फाइव विकेट हॉल' लेकर मिचेल स्टार्क ने रचा इतिहास, कई दिग्गज पीछे छूटे
20वां 'फाइव विकेट हॉल' लेकर मिचेल स्टार्क ने रचा इतिहास, कई दिग्गज पीछे छूटे
Explained: इजराइल के चुनाव में भारत को क्यों इतनी दिलचस्पी, क्या नेतन्याहू की हार से फायदा होगा?
इजराइल के चुनाव में भारत को क्यों इतनी दिलचस्पी, क्या नेतन्याहू की हार फायदेमंद?
MLC चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ, बिहार-महाराष्ट्र ही नहीं कर्नाटक में भी शून्य
MLC चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ, बिहार-महाराष्ट्र ही नहीं कर्नाटक में भी शून्य
तालिबानियों के बीच पहुंचा भारतीय शख्स, बंदूक पकड़ बोला, ये कैसे....
तालिबानियों के बीच पहुंचा भारतीय शख्स, बंदूक पकड़ बोला, ये कैसे....
Embed widget