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दुआ से पहले दुरूद शरीफ क्यों पढ़ते हैं? जानें इसके 5 बड़े फायदे, जो बदल देंगे आपकी ज़िंदगी!

Durood kiya hai: दुरूद शरीफ पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर अल्लाह की रहमत और शांति की दुआ है. जिसे दुआ मांगने से पहले पढ़ा जाता है. दुआ मांगने से पहले पढ़ने से दुआ कबूल होती है.

Durood sharif kiya hai: दुरूद शरीफ, जिसे सलवात या अस-सलातु अलन-नबी भी कहा जाता है, इस्लाम में एक अरबी वाक्यांश है, जिसका अर्थ है पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और उनके परिवार पर अल्लाह की रहमत और शांति के लिए प्रार्थना करना.

यह मुसलमानों के लिए एक आध्यात्मिक साधना है, जो अल्लाह के प्रति भक्ति और पैगंबर से जुड़ाव को मजबूत करती है और यह कई आशीर्वादों का स्रोत मानी जाती है. 

दुआ मांगने से पहले दुरूद शरीफ क्यों पढ़ते हैं?

मुसलमान दुआ मांगने से पहले दुरूद शरीफ इसलिए पढ़ते हैं क्योंकि यह अल्लाह की रहमत और शांति के लिए पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) पर दुआ करने की एक विधि है और एक हदीस के अनुसार, जब तक पैगंबर पर दुरूद नहीं पढ़ा जाता, तब तक दुआएं अल्लाह तक नहीं पहुंचतीं.

दुरूद पढ़ने से अल्लाह से निकटता बढ़ती है, दुआओं की स्वीकार्यता सुनिश्चित होती है और यह पैगंबर के प्रति प्रेम और श्रद्धा व्यक्त करने का एक तरीका है.

दुआ मांगने से पहले दुरूद शरीफ पढ़ने के कारण

दुआ मांगने से पहले दुरूद शरीफ पढ़ना यह सुनिश्चित करता है कि आपकी दुआ कबूल हो क्योंकि अल्लाह और उसके फ़रिश्ते पैगंबर मुहम्मद पर दुरूद भेजते हैं.

दुरूद शरीफ पढ़ने से अल्लाह से आपकी दुआएं स्वीकार होने की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि यह दुआ को मजबूत बनाता है और अल्लाह की कृपा प्राप्त करने का एक तरीका है. 

अल्लाह के हुक्म का पालन
कुरान में अल्लाह तआला ने खुद पर और फरिश्तों पर भी दुरूद भेजने का हुक्म दिया है (सूरह अल-अहजाब, आयत 56).

पैगंबर मुहम्मद से निकटता
दुरूद शरीफ पढ़ने से अल्लाह के रसूल से प्रेम बढ़ता है और उनके माध्यम से अल्लाह के और करीब आया जाता है.

दुआओं की कबूलियत
हदीस के अनुसार, जब आप पैगंबर मुहम्मद आप पर दुरूद भेजते हैं, तो अल्लाह आप पर दस गुना रहमतें भेजता है और यह आपकी दुआओं के पूरा होने का जरिया बनता है.

गुनाहों की माफी
दुरूद पढ़ने से गुनाह माफ होते हैं और अल्लाह के दर्जे को बढ़ाने का जरिया बनता है, जैसा कि एक हदीस में बताया गया है.
 
इज्जत और बरकत
दुरूद पढ़ने वाले को अल्लाह की रहमतें मिलती हैं, दिल में दया और रोशनी पैदा होता है जिससे खुशियाँ हासिल होती हैं. 

पैगंबर मुहम्मद के लिए सिफारिश
पैगंबर मुहम्मद  को दुरूद भेजकर आप अल्लाह से अपनी जरूरतें पूरी करने की सिफारिश करने की इच्छा भी प्रकट कर सकते हैं. 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के फेनहारा गांव की रहने वाली निशात अंजुम उन तमाम युवाओं की तरह है, जो छोटे शहरों और गांवों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करना चाहते हैं. 25 मई 2005 के दिन इस दुनिया में अपना पहला कदम रखने वाली निशात के पिता अब्दुल वाजिद बिजनेसमैन हैं और गांव में ही मेडिकल हॉल चलाते हैं. मां शाहेदा खातून हाउसवाइफ हैं. तीन भाइयों अब्दुल बासित, अब्दुल अली, अब्दुल गनी और दो बहनों माहेरुख अंजुम व आतिया अंजुम को निशात अपनी ताकत मानती हैं. 

फेनहारा के ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल से 8वीं तक की पढ़ाई करने के बाद निशात ने 2020 में हाजी फरजंद हाई स्कूल फेनहारा से मैट्रिक किया तो 2022 में भगवान सिंह कॉलेज मधुबन से इंटरमीडिएट किया. सिर्फ पढ़ाई-लिखाई ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी की दुनिया में भी निशात का मन रमता है. 2022 ही उन्होंने कौशल विभाग फेनहारा से कंप्यूटर कोर्स किया. फिलहाल, लंगट सिंह कॉलेज मुजफ्फरपुर से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन कर रही हैं, जिसका फाइनल रिजल्ट जल्द आने वाला है. निशात अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं और जिंदगी में कुछ बड़ा करने का मकसद रखती हैं. 

पढ़ाई की शौकीन निशात अपनी जिंदगी में रंग भरने के लिए भी तमाम काम करती हैं. युवा होने के बावजूद ईश्वर से जुड़ाव रखती हैं और रोजाना नमाज पढ़ती हैं. खबरों की दुनिया में बने रहना उन्हें अच्छा लगता है. यही वजह है कि वह रोजाना अखबार, न्यूज वेबसाइट्स और टीवी चैनलों से देश-दुनिया की जानकारी हासिल करती हैं. इसके अलावा उन्हें रील्स देखना, गाने सुनना और खाना बनाना बेहद पसंद है. 

निशात की सबसे अच्छी दोस्त सादिया सिद्दिकी हैं, जिनके साथ वह अपने सुख-दुख बांटती हैं. फेवरेट क्रिकेटर्स की बात हो तो निशात की लिस्ट में विराट कोहली, ऋषभ पंत और अभिषेक शर्मा का नाम लिखा है. वहीं, प्रियंका चोपड़ा और अक्षय कुमार उन्हें काफी पसंद हैं. अगर फिल्म की बात करें तो तारे जमीं पर उन्हें इमोशनली छूती है.

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