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Magh Mela 2026: प्रयागराज में श्रद्धालुओं का सैलाब! मेला प्रशासन ने बताया- '25 दिन में 18 करोड़ लोग ने किया पवित्र स्नान'

Magh Mela 2026: प्रयागराज में चल रहे 44 दिनों के माघ मेले में बीते दिन मंगलवार तक 18 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया. इस बात की जानकारी खुद मेला प्रशासन ने जारी की है.

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  • माघ मेला 2026 में 18 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई।
  • मेला 44 दिनों का है, समापन महाशिवरात्रि स्नान के साथ होगा।
  • प्रशासनिक व्यवस्थाओं से श्रद्धालु खुश, संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
  • इस साल श्रद्धालुओं की संख्या 2019 कुंभ के आंकड़ों को पार कर सकती है।

Magh Mela 2026: प्रयागराज में चल रहा माघ मेला 2026 मिनी कुंभ में बदलता दिखाई दे रहा है, क्योंकि इस वार्षिक धार्मिक मेले में आस्था की भीड़ उमड़ रही है. मेला प्रशासन के मुताबिक, बीते दिन मंगलवार तक 18 करोड़ से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने पवित्र संगम में डूबकी लगाई और आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है. 

44 दिनों का माघ मेला अपने समापन की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में महाशिवारात्रि का अंतिम प्रमुख स्नान उत्सव 15 फरवरी 2026 को किया जाएगा, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि, माघ मेले में श्रद्धालु अभी भी ओर बढ़ सकती है. 

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मेला प्रशासन ने दी जानकारी

मेला प्रशासन ने बताया कि, मंगलवार और बुधवार को भारी भीड़ देखने को मिली, हालांकि कि इन दोनों ही दिन किसी भी तरह का प्रमुख स्नान नहीं था और न ही किसी भी तरह का विशेष धार्मिक आयोजन किया गया.

मेला अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालु माघ मेला खत्म होने से पहले पवित्र स्नान करने के लिए उत्सुक हैं और प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं से श्रद्धालु खुश है. 

अचला सप्तमी पर 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया स्नान

25 जनवरी 2026, अचला सप्तमी के मौके पर करीब 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया. हालांकि यह ऑफिशियल तौर पर स्नान उत्सव नहीं है, फिर भी सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालु लगातार स्नान कर रहे हैं.

महाशिवरात्रि आने में अभी भी 18 दिन बचें हैं, इसलिए अधिकारियों को इस बार माघ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. 

मंगलवार, 27 जनवरी 2026 तक माघ मेले में करीब 18 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया. मेले के लिए किए गए इंतजामों की सराहना की जा रही है.

कुंभ मेला 2019 में 24 करोड़ तीर्थयात्रियों ने किया स्नान

गौरतलब है कि, कुंभ मेला 2019 में 55 दिनों तक चले इस भव्य मेले में 24 करोड़ तीर्थयात्रियों ने स्नान किया था. वहीं, वर्तमान माघ मेला 44 दिनों का है, जो एक वार्षिक आयोजन है. मेला अधिकारियों के अनुसार, अगर स्थिति ऐसी बनी रही तो इस साल श्रद्धालुओं की संख्या कुंभ 2019 के आंकड़ों को बड़ी सरलता से पार कर जाएगी, जो आने वाले समय में ऐतिहासिक रिकॉर्ड बन सकता है. 

महाकुंभ में 66.30 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई डुबकी , प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले के शुरुआत होने से पहले 120-150 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान लगाया था. तैयारियों का जायजा लेते हुए उन्होंने भारी जनसमूह की भविष्यवाणी की थी.

खास स्नान दिनों ने पहले ही नए रिकॉर्ड बना दिए हैं और अब स्नान करने वालों की कुल संख्या नए स्तर पर पहुंच गई है. अधिकारियों के मुताबिक, माघ मेले के इतिहास में यही पहली दफा होगा कि, इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु हिस्सा ले रहे हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

अंकुर अग्निहोत्री (Ankur Agnihotri)

Astrology & Religion Content Writer

अंकुर अग्निहोत्री ABP Live के Astro & Religion सेक्शन से जुड़े डिजिटल पत्रकार हैं, जो दैनिक राशिफल, व्रत-त्योहार, ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय विषयों पर सरल, तथ्य-आधारित और उपयोगी लेखन करते हैं. उनका कंटेंट विशेष रूप से उन पाठकों के लिए तैयार होता है जो ज्योतिष और धर्म को आसान भाषा में समझना चाहते हैं.

अंकुर पिछले 2+ वर्षों से ABP Live (abplive.com) में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और ज्योतिष, अंक शास्त्र, वास्तु शास्त्र, शकुन अपशकुन शास्त्र, हस्तरेखा, स्वप्न शास्त्र, चाइनीच ज्योतिष आदि पर आर्टिकल्स प्रकाशित करते हैं.

उनका काम हाई-फ्रीक्वेंसी कंटेंट प्रोडक्शन, ट्रेंड-आधारित स्टोरी चयन और यूजर-इंटेंट आधारित लेखन पर केंद्रित है, जिससे उनके लेख लगातार अच्छा डिजिटल एंगेजमेंट प्राप्त करते हैं. इसके अतिरिक्त अंकुर अग्निहोत्री निम्नलिखित विषयों पर भी लेखन करते हैं:

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वे अपने लेखों में जानकारी प्रस्तुत करते समय, पंचांग आधारित तिथि, नक्षत्र और योग का संदर्भ लेते हैं. सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों (ग्रह-स्थिति, गोचर प्रभाव) का उपयोग करते हैं और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित स्रोतों के आधार पर जानकारी देते हैं. अंकुर ABP Live जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के साथ जुड़े हैं और Astro सेक्शन में नियमित रूप से कंटेंट प्रकाशित करते हैं.

उनके लेख धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों और सामान्य स्रोतों पर आधारित होते हैं. वे किसी भी प्रकार के निश्चित या गारंटीड परिणाम का दावा नहीं करते और पाठकों को जानकारी को मार्गदर्शन के रूप में लेने की सलाह देते हैं. इन्होने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई की है.

अंकुर का फोकस ज्योतिष और धर्म को सरल, व्यावहारिक और समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी हर वर्ग के पाठकों तक पहुंच सके.

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