एक्सप्लोरर

Chaiti Chhath Vrat Katha in Hindi: चैती छठ पर्व क्यों मनाते हैं, नहीं जानते तो पढ़ें ये कथा

Chaiti Chhath Katha in Hindi: चैत्र महीने में पड़ने वाले छठ पर्व को चैती छठ कहा जाता है, जो नवरात्रि के समय मनाया जाता है. पुराणों के अनुसार, चैत्र में सूर्य देव की पूजा विवस्वान नाम से करनी चाहिए.

Chaiti Chhath Katha in Hindi: छठ महापर्व साल में दो बार मनाया जाता है. चैत्र महीने में नवरात्रि के समय मनाए जाने छठ पूजा को चैती छठ के नाम से जाना जाता है. इस वर्ष लोकआस्था का महापर्व चैती छठ 22 मार्च 25 मार्च 2026 तक रहेगा.

पंचांग के अनुसार, चैती छठ चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से सप्तमी तिथि तक मनाया जाता है. छठ पर्व को लेकर ऐसी मान्यता है कि, अगर इस व्रत को पूर्ण निष्ठा और आस्था के साथ किया जाए तो सूर्य देवता और छठी मईया की कृपा से सभी कामनाएं पूरी होती हैं.

पुराणों में मिलता है चैती छठ का जिक्र

भविष्य पुराण में छठ पर्व के महात्मय के बारे में बताया गया है. पुराण के अनुसार, चैत्र महीने में सूर्य देवता की पूजा विवस्वान नाम से की जानी चाहिए. भविष्य पुराण के अनुसार, छठ व्रत से सूर्यलोक में स्थान प्राप्त होता है.

पौराणिक कथाओं के अनुसार, अंगराज कर्ण ने सूर्यषष्ठी पूजा की शुरुआत की. एक अन्य कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम अपने कुल पुरुष सूर्यदेव की प्रसन्नता के लिए सूर्य पूजा और छठ व्रत किया करते थे. धार्मिक कथाओं के अनुसार, 14 वर्ष के वनवास के बाद जब श्रीराम अयोध्या लौटे तब उनपर ब्रह्म हत्या (रावण वध) का पाप लगा था, जिससे मुक्ति पाने और सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए भगवान राम ने सीता के साथ व्रत और पूजा की थी. हालांकि कथा में कार्तिक शुक्ल की षष्ठी का जिक्र मिलता है.

चैती छठ व्रत की दूसरा कथा (Chaiti Chhath Vrat Katha)

छठ पूजा से जुड़ी एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, राजा प्रियवद को कोई संतान नहीं था, जिससे वे दुखी रहते थे. एक बार महर्षि कश्यप ने पुत्रेष्टि यज्ञ कराकर उनकी पत्नी मालिनी को यज्ञाहुति के लिए बनाई गई खीर खिलाई, जिससे रानी गर्भवती हुई. लेकिन दुर्भाग्यवश उन्हें मृत पुत्र पैदा हुआ. इससे राजा प्रियवद और अधिक दुखी हो गए और मृत पुत्र को श्मशान ले गए. पुत्र वियोग में राजा ने भी अपने प्राण त्यागने का फैसला कर लिया. लेकिन उसी समय एक मानस कन्या देवसेना प्रकट हुई, जोकि देवी षष्ठी थीं. उस देवी देवी ने राजा से कहा कि है, तुम मेरा पूजन करो और लोगों को भी इस पूजा के लिए प्रेरित करो. इससे तुम्हारा दुख दूर होगा. राजा ने पुत्र इच्छा से देवी षष्ठी का व्रत और पूजन किया. षष्ठी देवी की कृपा से राजा को स्वस्थ और सुंदर पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई.

बता दें कि, साल में दो बार छठ पूजा का पर्व मनाया जाता है. दोनों छठ पर्व की पूजा विधि, नियम, महत्व और कथा समान है. चैत्र मास में पड़ने के कारण इसे चैती छठ कहा जाता है. वहीं कार्तिक मास में पड़ने वाले छठ पर्व को कार्तिकी छठ कहते हैं.

ये भी पढ़ें: Chaiti Chhath 2026 Wishes in Hindi: सूरज की किरणें जगमगाए छठ मैया की महिमा गाए, चैती छठ पर्व की भेजें शुभकामनाएं
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

पल्लवी कुमारी (Pallawi Kumari)

धर्म-ज्योतिष विशेषज्ञ | डिजिटल मीडिया पत्रकार | कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट
पल्लवी कुमारी एक कुशल डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें मीडिया उद्योग में 7 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC, नई दिल्ली) की पूर्व छात्रा पल्लवी, जटिल धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों को शोध-आधारित, सरल और प्रभावी भाषा में प्रस्तुत करने में विशेषज्ञता रखती हैं.

वर्तमान में ABP News के साथ एक कंटेंट राइटर के रूप में जुड़ीं पल्लवी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विश्वसनीय और मूल्यवान सामग्री तैयार करने के लिए जानी जाती हैं.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise)
पल्लवी की लेखन शैली पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक डिजिटल आवश्यकताओं का एक बेहतरीन मिश्रण है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता के क्षेत्र निम्नलिखित हैं:

  • ज्योतिष एवं खगोल विज्ञान: वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर और जीवन पर इनके प्रभाव का गहन विश्लेषण.
  • वास्तु एवं अंकशास्त्र: घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा के लिए व्यवहारिक वास्तु उपाय और अंकगणितीय प्रभाव.
  • धर्म एवं संस्कृति: भारतीय व्रत-त्योहारों का महत्व, धार्मिक परंपराएं और पौराणिक संदर्भों की व्याख्या.
  • अध्यात्म एवं लाइफस्टाइल: जीवन प्रबंधन, मानसिक शांति और समकालीन जीवनशैली के साथ आध्यात्मिकता का तालमेल.
  • डिजिटल कंटेंट: SEO-फ्रेंडली राइटिंग, एक्सप्लेनर कंटेंट और फीचर स्टोरी टेलिंग.

पेशेवर सफर (Professional Journey)
अपने सात वर्षों के करियर में, पल्लवी ने देश के प्रमुख मीडिया संस्थानों में अपनी लेखनी का लोहा मनवाया है:

  • ABP News: (वर्तमान) कंटेंट राइटर - धर्म, ज्योतिष और समसामयिक विषयों पर विस्तृत कवरेज.
  • Hindustan, India News & Live India: न्यूज़ राइटिंग, फीचर स्टोरीज़ और डिजिटल मीडिया के विभिन्न पहलुओं में महत्वपूर्ण अनुभव.

इनके लेखन की विशेषता
पल्लवी के लेख पाठकों के बीच अपनी प्रमाणिकता के लिए जाने जाते हैं. उनकी लेखन शैली की मुख्य विशेषताएं हैं:

  • शोध-आधारित दृष्टिकोण: शास्त्रीय ग्रंथों और विश्वसनीय स्रोतों का गहराई से अध्ययन.
  • सरल और स्पष्ट: कठिन विषयों को भी आम पाठक के लिए आसानी से समझने योग्य बनाना.
  • SEO ऑप्टिमाइज्ड: डिजिटल पाठकों की पसंद और सर्च इंजन की आवश्यकताओं के अनुसार लेखन.
  • पाठक-केंद्रित: जानकारी को केवल सूचनात्मक नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन में उपयोगी बनाना.

मेरा उद्देश्य पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक जीवन के बीच एक पुल बनना है, ताकि पाठक प्रामाणिक जानकारी को सरलता से अपने जीवन में उतार सकें."

Read More

Frequently Asked Questions

चैती छठ महापर्व कब मनाया जाता है?

चैती छठ महापर्व चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से सप्तमी तिथि तक मनाया जाता है. यह वर्ष में दो बार मनाए जाने वाले छठ पर्वों में से एक है.

चैती छठ पूजा का महत्व क्या है?

ऐसा माना जाता है कि चैती छठ का व्रत पूरी निष्ठा और आस्था से करने पर सूर्य देवता और छठी मईया की कृपा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

चैती छठ का जिक्र पुराणों में है?

हाँ, भविष्य पुराण में चैती छठ के महात्मय का जिक्र है. इसमें चैत्र महीने में विवस्वान नाम से सूर्य देवता की पूजा करने का विधान है.

क्या चैती छठ की कथाएं हैं?

हाँ, चैती छठ से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं हैं, जिनमें अंगराज कर्ण द्वारा पूजा की शुरुआत और राजा प्रियवद की कथा प्रमुख हैं.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

जितिया का नहाय-खाय आज, निर्जला व्रत कल, पढ़ें 2 अक्टूबर का पंचांग
Aaj Ka Panchang 2 October 2026: जितिया का नहाय-खाय आज, निर्जला व्रत कब? जानें सप्तमी श्राद्ध का समय
Ashtami Shraddha 2026: अष्टमी श्राद्ध 3 अक्टूबर को, लेकिन मृत्यु की तारीख अलग थी… फिर इसी दिन श्राद्ध क्यों?
अष्टमी श्राद्ध 3 अक्टूबर को, लेकिन मृत्यु की तारीख अलग थी… फिर इसी दिन श्राद्ध क्यों?
पापांकुशा एकादशी पर तुलसी में जल चढ़ाना सही या गलत? जान लें ये एक जरूरी नियम
Papankusha Ekadashi 2026: पापांकुशा एकादशी पर तुलसी में जल चढ़ाना सही या गलत? जान लें ये एक जरूरी नियम
Jitiya Vrat 2026: नहाय-खाय से होगी शुरुआत, जानें शाम का शुभ मुहूर्त और पारण का नियम
Jitiya Vrat 2026: 2 अक्टूबर को नहाय-खाय से शुरुआत, जानें पूजा का सही समय, विधि और पारण का नियम

वीडियोज

CJP का अगला मोर्चा Gyanesh Kumar के खिलाफ? सामने आईं 4 मांगें | Dharmendra Pradhan | SIR | EC
SIR Controversy: SIR पर संग्राम...विपक्ष के सवालों के बीच EC ने क्यों बदला तरीका? | Gyanesh Kumar
Chitra Tripathi | Fly Dubai Accident: 174 जिंदगी बचाने वाला 'हिंदुस्तानी हीरो' | ABP News
Fly Dubai Accident: Captain Smit Machchhar ने कैसे बचाई 174 जानें..PM Modi से बताया पूरा सच
SIR Controversy | Mumbai CJP Protest: EC ने माना 'शुद्ध' नहीं SIR? Seedha Sawal | BJP | Congress

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
एक्शन में बंगाल की शुभेंदु सरकार, अब उठाने जा रही ये बड़ा कदम, बढ़ेगी लोगों की मुसीबत
एक्शन में बंगाल की शुभेंदु सरकार, अब उठाने जा रही ये बड़ा कदम, बढ़ेगी लोगों की मुसीबत
परगट सिंह बने पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष, वडिंग के इस्तीफे के बाद नियुक्ति
परगट सिंह बने पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष, वडिंग के इस्तीफे के बाद नियुक्ति
ऑल-टाइम बेस्ट फील्डर्स इलेवन, धोनी-जडेजा समेत 4 भारतीय शामिल; युवराज सिंह को नहीं मिली जगह
ऑल-टाइम बेस्ट फील्डर्स इलेवन, धोनी-जडेजा समेत 4 भारतीय शामिल; युवराज सिंह को नहीं मिली जगह
'दृश्यम 3' बनी 2026 की दूसरी बिगेस्ट ओपनर, तोड़े 'बॉर्डर 2' समेत 9 बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड
'दृश्यम 3' बनी 2026 की दूसरी बिगेस्ट ओपनर, तोड़े 'बॉर्डर 2' समेत 9 बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड
जंतर मंतर पहुंचे विजेता दहिया, बोले- 'कोई प्रदर्शन नहीं चाहता, लेकिन...'
जंतर मंतर पहुंचे विजेता दहिया, बोले- 'कोई प्रदर्शन नहीं चाहता, लेकिन...'
'भारी कीमत चुकानी पड़ेगी', फ्लाईदुबई कॉकपिट घटना पर नेतन्याहू का बड़ा बयान
'भारी कीमत चुकानी पड़ेगी', फ्लाईदुबई कॉकपिट घटना पर नेतन्याहू का बड़ा बयान
‘TVK, भाजपा की एक शाखा...’, एमके स्टालिन का CM विजय पर हमला
‘TVK, भाजपा की एक शाखा...’, एमके स्टालिन का CM विजय पर हमला
दिल्ली में 700 लोग हिरासत में लिए गए, BJP बोली- 'विरोध-प्रदर्शन जायज, लेकिन…'
दिल्ली में 700 लोग हिरासत में लिए गए, BJP बोली- 'विरोध-प्रदर्शन जायज, लेकिन…'
Embed widget