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Kharmas 2026: खरमास में भूलकर भी न करें ये 5 काम! जानें अशुभ समय और बचने के उपाय?

Kharmas 2026: हिंदू पंचांग में खरमास को अशुभ अवधि माना जाता है. जब सूर्य मीन और धनु राशि में प्रवेश करके हैं, तो उस दौरान किसी भी तरह के नए कार्य, शादी, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों नहीं किए जाते हैं.

Kharmas 2026: हिंदू धर्म में खरमास को अशुभ माना जाता है. सौर पंचांग के मुताबिक, यह मीन और धनु राशि के महीनों में पड़ता है. सूर्य हर महीने एक निश्चित समय पर राशि चक्र में प्रवेश करता है और महीने का नाम उस राशि के नाम पर रखा जाता है, जिसमें वह प्रवेश करता है.

वर्तमान में सूर्य कुंभ राशि में है और मार्च में मीन राशि में प्रवेश करेगा, जो खरमास की शुरुआत का संकेत भी है. इस बात पर कुछ मत है कि, खरमास 14 मार्च को शुरू होता है या 15 मार्च को और इस दौरान किन गतिविधियों से बचना चाहिए? जानते हैं. 

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खरमास 2026 की तिथि?

पंचांग के मुताबिक, सूर्य का मीन राशि में प्रवेश रविवार 15 मार्च को सुबह 1 बजकर 8 मिनट पर होगा. कुछ स्त्रोत इसे 14 मार्च की देर रात भी बताते हैं, जिससे खरमास की वास्तविक शुरुआत तिथि को लेकर भ्रम पैदा होता है. 

हालांकि दो संदर्भ एक ही समय को दर्शाते हैं, बस उन्हें अलग-अलग तरीके से व्यक्त किया गया है. अंग्रेजी कैलेंडर में नया दिन रात 12 बजे शुरू होता है, जिससे रात 12.8 मिनट 15 मार्च प्रतीत होता है. फिर भी आम बोलचाल की भाषा में इसे आमतौर पर 14 मार्च की देर रात कहा जाता है. इसलिए भ्रम की कोई बात नहीं है, ऑफिशियल तौर पर खरमास 15 मार्च को शुरू होता है.

खरमास की अवधि

खरमास की शुरुआत 15 मार्च से होगा, जो पूरे 1 महीने तक यूहीं चलेगा. सूर्य 14 अप्रैल को सुबह 9 बजकर 38 मिनट से मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करेगा, जो खरमास के अंत का प्रतीक है.

खरमास का समय कितना होता है?

इस तरह खरमास 15 मार्च से 14 अप्रैल की सुबह तक रहता है. हिंदू पंचांग के मुताबिक, यह चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी से शुरू होकर वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी को समाप्त होगा.

खरमास के दौरान 5 काम पूर्ण रूप से निषेध

खरमास के दौरान किसी भी तरह के नए काम, व्यवसाय या परियोजना को शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे अवांछित परिणाम या देरी का सामना करना पड़ सकता है. 

इस दौरान गृह प्रवेश समारोह आयोजित करने से भी बचना चाहिए. यदि आपका नया घर है, तो उसमें खरमास बीतने के बाद ही जाना शुभ रहता है. 

खरमास के दौरान नए रिश्ते, सगाई या शादी जैसे समारोह को करने से बचना चाहिए. 

इस दौरान मुंडन, जनेऊ और नामकरण जैसे समारोहों से भी परहेज करना चाहिए. नए घर की नींव रखने से आमतौर पर बचना चाहिए और किसी भी तरह की नई संपत्ति या वाहन खरीदने से भी बचें. 

खरमास के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना सही नहीं है. 

खरमास के दौरान क्यों शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं?

दरअसल ग्रहों के राजा कहे जाने वाले सूर्य की गति धीमी हो जाती है. हर साल जब यह बृहस्पति, धनु और मीन राशियों में प्रवेश करता है, तो इसकी गति धीमी हो जाती है. शुभ कार्यों के लिए सूर्य का उच्च स्थान होना बेहद जरूरी है, इसीलिए खरमास को ऐसे कार्यों के लिए अनुपयुक्त माना जाता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

अंकुर अग्निहोत्री (Ankur Agnihotri)

Astrology & Religion Content Writer

अंकुर अग्निहोत्री ABP Live के Astro & Religion सेक्शन से जुड़े डिजिटल पत्रकार हैं, जो दैनिक राशिफल, व्रत-त्योहार, ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय विषयों पर सरल, तथ्य-आधारित और उपयोगी लेखन करते हैं. उनका कंटेंट विशेष रूप से उन पाठकों के लिए तैयार होता है जो ज्योतिष और धर्म को आसान भाषा में समझना चाहते हैं.

अंकुर पिछले 2+ वर्षों से ABP Live (abplive.com) में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और ज्योतिष, अंक शास्त्र, वास्तु शास्त्र, शकुन अपशकुन शास्त्र, हस्तरेखा, स्वप्न शास्त्र, चाइनीच ज्योतिष आदि पर आर्टिकल्स प्रकाशित करते हैं.

उनका काम हाई-फ्रीक्वेंसी कंटेंट प्रोडक्शन, ट्रेंड-आधारित स्टोरी चयन और यूजर-इंटेंट आधारित लेखन पर केंद्रित है, जिससे उनके लेख लगातार अच्छा डिजिटल एंगेजमेंट प्राप्त करते हैं. इसके अतिरिक्त अंकुर अग्निहोत्री निम्नलिखित विषयों पर भी लेखन करते हैं:

  • दैनिक और साप्ताहिक राशिफल
  • ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय प्रभाव
  • व्रत-त्योहार और धार्मिक तिथियां

वे अपने लेखों में जानकारी प्रस्तुत करते समय, पंचांग आधारित तिथि, नक्षत्र और योग का संदर्भ लेते हैं. सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों (ग्रह-स्थिति, गोचर प्रभाव) का उपयोग करते हैं और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित स्रोतों के आधार पर जानकारी देते हैं. अंकुर ABP Live जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के साथ जुड़े हैं और Astro सेक्शन में नियमित रूप से कंटेंट प्रकाशित करते हैं.

उनके लेख धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों और सामान्य स्रोतों पर आधारित होते हैं. वे किसी भी प्रकार के निश्चित या गारंटीड परिणाम का दावा नहीं करते और पाठकों को जानकारी को मार्गदर्शन के रूप में लेने की सलाह देते हैं. इन्होने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई की है.

अंकुर का फोकस ज्योतिष और धर्म को सरल, व्यावहारिक और समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी हर वर्ग के पाठकों तक पहुंच सके.

Personal Interests की बात करें तो अंकुर को अंक शास्त्र, वैदिक ज्योतिष, वास्तु और स्वप्न शास्त्र में रुचि. साथ ही साहित्य और फिल्में देखने का शौक है.

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