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Kedarnath Yatra: केदारनाथ धाम यात्रा फिर से शुरू, 10 हजार श्रद्धालु रवाना, देखें पूरा अपडेट

Kedarnath Yatra: 22 अप्रैल से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा मौसम खराबी के कारण रुक गई थी, शनिवार से फिर यात्रा शुरू हो चुकी है. अब तक कितने श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं क्या कुछ खास है जान लें

Kedarnath Yatra: खराब मौसम के कारण अस्थायी रूप से रोकी गई केदारनाथ यात्रा शनिवार सुबह दोबारा शुरू कर दी गई. मौसम में खराबी के कारण यात्रा कुछ समय से रोक दी गई थी. ऐसे में यात्रा के शुरू होते ही श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया. बाबा केदार के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में यात्रा मार्ग पर निकल पड़े. केदारनाथ यात्रा में अब तक 11 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं.  

फिर शुरू हुई केदारनाथ यात्रा

सोनप्रयाग और गौरीकुंड से करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को केदारनाथ धाम के लिए रवाना किया गया. यात्रा दोबारा शुरू होने की खबर मिलते ही यात्रियों में खासा उत्साह देखने को मिला. कई श्रद्धालु पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे थे.वहीं, दर्शन कर लौटने वाले यात्रियों की आवाजाही भी लगातार जारी रही, जिससे पूरे यात्रा मार्ग पर रौनक बनी रही.

बारिश और खराब मौसम से आई यात्रा में अड़चन

गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से केदारनाथ क्षेत्र में बारिश और खराब मौसम का दौर जारी था. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को कुछ स्थानों पर यात्रियों को सुरक्षित पड़ावों पर रोक दिया गया था.  जिला प्रशासन ने बताया कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है. पुलिस, आपदा प्रबंधन और अन्य संबंधित विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए हैं, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

केदारनाथ यात्रा की खास बातें

  • 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल: केदारनाथ धाम को भगवान शिव के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में स्थान प्राप्त है, इसलिए यहां दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है.
  • चारधाम यात्रा का प्रमुख पड़ाव: केदारनाथ, चारधाम यात्रा के चार प्रमुख धामों में से एक है.
  • महाभारत से जुड़ा इतिहास: मान्यता है कि पांडव महाभारत युद्ध के बाद भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए यहां पहुंचे थे.
  • हिंदू मान्यताओं के अनुसार केदारनाथ धाम के दर्शन और भगवान शिव की पूजा से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति, पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है.

समुद्र तल से करीब 11,755 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह पवित्र धाम श्रद्धा, तप और आस्था का केंद्र है. हर साल लाखों भक्त कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इस वर्ष 22 अप्रैल 2026 को केदारनाथ धाम के कपाट भक्तों के दर्शन के लिए खोले गए थे, जो अगले 6 महीने तक खुला रहेगा.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

जागृति सोनी बरसले (Jagriti Soni Bursle)

धर्म, ज्योतिष और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं पर शोध आधारित लेखन करने वाली डिजिटल पत्रकार

जागृति सोनी बर्सले धर्म, ज्योतिष, वास्तु और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों की अनुभवी डिजिटल पत्रकार और लेखिका हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में वह ABP Live (Abplive.com) में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं, जहां वह व्रत-त्योहार जैसे नवरात्रि, करवा चौथ, दिवाली, होली, एकादशी, प्रदोष व्रत, हरियाली तीज आदि, धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय घटनाओं, शुभ मुहूर्त, वास्तु और फेंगशुई, पंचांग जैसे विषयों पर शोध आधारित और प्रमाणिक लेख लिखती हैं.

विशेषज्ञता (Expertise)

जागृति सोनी बर्सले विशेष रूप से इन विषयों पर लेखन करती हैं:

  • व्रत-त्योहार और भारतीय धार्मिक परंपराएं
  • वैदिक ज्योतिष और ग्रह-नक्षत्र आधारित घटनाएं
  • शुभ मुहूर्त और धार्मिक विधि-विधान
  • वास्तु शास्त्र और फेंगशुई
  • आध्यात्मिक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं

उनके लेखों में धार्मिक विषयों को केवल आस्था के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शास्त्रीय स्रोतों और प्रमाणिक ग्रंथों के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है.

शिक्षा और पृष्ठभूमि

जागृति सोनी बर्सले ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से की है.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर डॉट कॉम से की, जहां डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने धर्म, समाज और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लेख लिखे.

डिजिटल मीडिया में काम करते हुए उन्होंने टेक्स्ट और वीडियो दोनों फॉर्मेट में काम किया है और वीडियो सेक्शन में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में भी लंबे समय तक योगदान दिया है. इस अनुभव ने उन्हें आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न फॉर्मेट को समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता दी है.

शास्त्रीय अध्ययन और शोध

जागृति सोनी बर्सले की विशेष रुचि धर्म और ज्योतिष के शास्त्रीय अध्ययन में है.

उन्हें प्राचीन धार्मिक ग्रंथों जैसे:

  • धर्म सिंधु
  • मुहूर्त चिंतामणि

का अच्छा ज्ञान है. इन ग्रंथों के आधार पर वह व्रत-त्योहार, पूजा-विधि, ज्योतिषीय घटनाओं और मुहूर्त से जुड़े विषयों को सरल, प्रमाणिक और शोधपरक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं.

योगदान

जागृति सोनी बर्सले एक फ्रीलांस लेखक के रूप में भी कई मंचों पर आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं.

उनका उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा में विश्वसनीय जानकारी के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक इन विषयों को समझ सकें और सही जानकारी प्राप्त कर सकें.

व्यक्तिगत रुचियां

अध्यात्म और भारतीय परंपराओं के अध्ययन के प्रति उनकी गहरी रुचि है. खाली समय में उन्हें आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ना पसंद है. यह अध्ययन उनके लेखन को और अधिक गहन, तथ्यपूर्ण और संदर्भ आधारित बनाता है.

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