एक्सप्लोरर

Sawan 2026: सावन में पार्थिव शिवलिंग पूजा का क्या है धार्मिक महत्व? जानें बनाने के नियम और बेलपत्र पर स्थापना की सही विधि

Sawan 2026: सावन में मिट्टी का शिवलिंग क्यों बनाया जाता है? जानिए पार्थिव पूजन का धार्मिक महत्व, जरूरी नियम और बेलपत्र पर पार्थिव शिवलिंग बनाने की प्रामाणिक पूजा विधि.

Sawan 2026: सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की आराधना का विशेष विधान है. इस दौरान पार्थिव शिवलिंग (मिट्टी के शिवलिंग) का निर्माण और पूजन अत्यंत फलदायी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में पार्थिव पूजन करने से साधक को सभी प्रकार के कष्टों, रोगों और पापों से मुक्ति मिलती है तथा मनवांछित फल की प्राप्ति होती है.

शास्त्रों और पौराणिक परंपराओं के अनुसार, कलयुग में भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए पार्थिव शिवलिंग का पूजन सबसे सरल, सुलभ और उत्तम साधन माना गया है.

पार्थिव शिवलिंग पूजा का धार्मिक महत्व और पौराणिक संदर्भ
पौराणिक कथाओं के अनुसार, पार्थिव शिवलिंग बनाने और उसकी पूजा करने की परंपरा की शुरुआत सबसे पहले भगवान श्रीराम ने की थी. लंका पर विजय प्राप्त करने और समुद्र सेतु निर्माण से पूर्व उन्होंने समुद्र तट पर बालू (मिट्टी) से शिवलिंग बनाकर भगवान शिव की विशेष आराधना की थी.

मुख्य धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ:

पापों का नाश और मनोकामना पूर्ति: कलयुग में मिट्टी के शिवलिंग की पूजा करने से जाने-अनजाने में हुए पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है.
अकाल मृत्यु और भय से रक्षा: शास्त्रों के अनुसार, पार्थिव पूजन से व्यक्ति को गंभीर बीमारियों, भय और अकाल मृत्यु के योग से मुक्ति मिलती है.
आरोग्य और संतान सुख: निष्काम भाव से की गई यह पूजा परिवार में खुशहाली, सकारात्मक ऊर्जा और आरोग्य लाती है.

पार्थिव शिवलिंग बनाने के नियम
पार्थिव शिवलिंग का निर्माण करते समय शास्त्रों में बताए गए नियमों का पालन करना अनिवार्य है, अन्यथा पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता:

  • पवित्र मिट्टी का चयन: शिवलिंग निर्माण के लिए केवल किसी पवित्र नदी, तालाब, या तुलसी/बेलपत्र के पेड़ के नीचे की मिट्टी का ही उपयोग करें. मिट्टी पूरी तरह शुद्ध होनी चाहिए.
  • दिशा का ध्यान: निर्माण के समय साधक का मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए.
  • पवित्र द्रव्यों का मिश्रण: मिट्टी गूंथते समय उसमें थोड़ा गंगाजल, गाय का दूध, गोबर और भस्म मिलाना अत्यंत शुभ माना जाता है.
  • आकार की सीमा: पार्थिव शिवलिंग बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए. इसका आकार अंगूठे के आकार से लेकर अधिकतम 12 अंगुल (लगभग 9 इंच) तक ही होना चाहिए.
  • तत्काल विसर्जन: पार्थिव शिवलिंग की पूजा उसी दिन की जाती है. पूजा और आरती संपन्न होने के बाद इसे उसी दिन जल में विसर्जित कर देना चाहिए. इसे अगले दिन के लिए घर में रखना वर्जित है.

बेलपत्र पर पार्थिव शिवलिंग कैसे बनाएं? 
बेलपत्र पर पार्थिव शिवलिंग स्थापित करके पूजन करना अति शीघ्र फलदायी माना गया है. इसे बनाने की प्रामाणिक विधि इस प्रकार है:

अखंडित बेलपत्र: सबसे पहले एक सुंदर, स्वच्छ और बिना कटा-फटा तीन पत्तियों वाला बेलपत्र लें.

स्थापन की दिशा: बेलपत्र को पूजा की चौकी पर इस प्रकार रखें कि उसकी डंडी का मुख दक्षिण दिशा की ओर हो और मुख्य (बीच वाली) पत्ती उत्तर या पूर्व दिशा की तरफ हो.

मिट्टी का रूप देना: शुद्ध की गई मिट्टी से एक छोटा सा गोल शिवलिंग का आकार तैयार करें.

स्थापना: इस मिट्टी के शिवलिंग को बेलपत्र की बीच वाली मुख्य पत्ती के ऊपर स्थापित करें.

जलाधारी का निर्माण: यदि संभव हो तो शिवलिंग के साथ मिट्टी की छोटी जलाधारी भी बनाएं, जिसका ढलान उत्तर दिशा की तरफ हो.

बेलपत्र और मिट्टी का यह संयोग भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है. बेलपत्र पर पार्थिव शिवलिंग स्थापित कर जब जलाभिषेक, चंदन, अक्षत और पुष्प अर्पित किए जाते हैं, तो महादेव अत्यंत शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों का कल्याण करते हैं.

FAQs:

Q1. पार्थिव शिवलिंग का विसर्जन कब और कैसे करना चाहिए?
उत्तर: पार्थिव शिवलिंग का विसर्जन पूजा वाले दिन ही शाम को या आरती के बाद किसी पवित्र नदी, तालाब या घर के किसी स्वच्छ गमले में जल डालकर कर देना चाहिए.

Q2. क्या घर के गमले की मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाया जा सकता है?
उत्तर: यदि नदी या तालाब की मिट्टी उपलब्ध न हो, तो आप अपने घर में लगे तुलसी या बेलपत्र के पौधे के गमले की साफ़ मिट्टी का निसंकोच प्रयोग कर सकते हैं.

यह भी पढ़े- Kanwar Yatra 2026: क्या है जल चढ़ाने की सही धार्मिक विधि? एक छोटी सी भूल से भी अधूरी मानी जा सकती है यात्रा

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

हर्षिका मिश्रा, एस्ट्रोलॉजर

हर्षिका मिश्रा ABP Live में ‘ज्योतिष और धर्म’ बीट को कवर करने वाली एक डिजिटल पत्रकार हैं. ज्योतिष शास्त्र में 3 वर्षों के अनुभव के साथ, वे पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक संदर्भ में समझाने और पाठकों तक सटीक एवं संतुलित जानकारी पहुंचाने पर काम करती हैं.

नई दिल्ली स्थित AIMC से ‘टेलीविजन और रेडियो प्रोडक्शन’ में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद, हर्षिका ने मीडिया जगत में अपनी एक विशिष्ट और प्रगतिशील पहचान बनाई है. पिछले एक वर्ष में उन्होंने ज्योतिष और धर्म से जुड़े विषयों पर निरंतर कार्य करते हुए एक स्पष्ट, सरल और भरोसेमंद लेखन शैली विकसित की है.

हर्षिका का कार्य पारंपरिक ज्योतिष को आज के समय की जरूरतों से जोड़ना है. वे वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष (Numerology), वास्तु शास्त्र और शकुन शास्त्र जैसे विषयों को केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि उन्हें Gen-Z की सोच, करियर से जुड़े निर्णयों और रिलेशनशिप की समझ के साथ एकीकृत करती हैं. उनका फोकस जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को सरल, व्यावहारिक और उपयोगी रूप में प्रस्तुत करने पर रहता है.

वे मानती हैं कि ज्योतिष का उद्देश्य भय फैलाना नहीं, बल्कि व्यक्ति को सही समय (Timing) की समझ देकर बेहतर और संतुलित निर्णय लेने में सक्षम बनाना है. अपनी स्क्रिप्ट लेखन और वीडियो प्रोडक्शन की समझ के जरिए वे ग्रहों के गोचर और धार्मिक विश्लेषणों को एक ‘प्रैक्टिकल गाइड’ के रूप में प्रस्तुत करती हैं, जिससे पाठक उन्हें अपने जीवन में उतार सकें.

उनका लेखन श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत से प्रेरित है, जो जीवन में संतुलन और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है. ज्योतिष और पत्रकारिता के अलावा, हर्षिका की रुचि संगीत, साहित्य और यात्राओं में है, जो उनके दृष्टिकोण को गहराई और विविधता प्रदान करती हैं.

हर्षिका का उद्देश्य ज्योतिष को अंधविश्वास के दायरे से बाहर निकालकर एक समझदारीपूर्ण, व्यावहारिक और जीवनोपयोगी मार्गदर्शक के रूप में स्थापित करना है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Aaj Ka Panchang 5 October 2026: आज दशमी श्राद्ध, इंदिरा एकादशी का व्रत कब रखें?
Aaj Ka Panchang 5 October 2026: आज दशमी श्राद्ध, इंदिरा एकादशी का व्रत कब रखें? जानें तिथि और राहुकाल
पितृ पक्ष में नौकरी या नए बिजनेस का मौका मिले तो क्या छोड़ दें?
पितृ पक्ष में नौकरी मिली या बिजनेस का मौका आया, तो क्या जाने दें?
Indira Ekadashi 2026: व्रत कल, क्या आज रात खाना नहीं खा सकते?
इंदिरा एकादशी कल है, क्या आज रात खाना नहीं खा सकते?
आज का मीन राशिफल 5 अक्टूबर 2026: 5वें चंद्रमा से बढ़ेगा यश, गजकेसरी व सर्वार्थसिद्धि योग से व्यापार में वर्चस्व, बुद्धिमानी से विरोधियों की बोलती बंद
आज का मीन राशिफल 5 अक्टूबर 2026: 5वें चंद्रमा से बढ़ेगा यश, गजकेसरी व सर्वार्थसिद्धि योग से व्यापार में वर्चस्व, बुद्धिमानी से विरोधियों की बोलती बंद
Advertisement

वीडियोज

Sansani | UP News: दगाबाज सनम...बेवफा बवाल ! | Meerut
Protest Against CEC | SIR Controversy: Gyanesh Kumar के खिलाफ ठाकरे बंधुओं का मोर्चा | Congress
Premanand Maharaj: संतों का डेरा या 'धन साधकों' का बसेरा?
Mad Sandhu Murder Case: इन्फ्लुएंसर मैड संधू की गोली मारकर हत्या | ABP News
UP Politics | UP Chunaav 2027: गठबंधन में 'दरार'...27 में कैसे बेड़ापार?। Akhilesh Yadav | Congress
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
नंदीग्राम में वोटिंग से पहले सौरव दास बोले, 'रिपोर्ट से पता चलता है कि...'
नंदीग्राम में वोटिंग से पहले सौरव दास बोले, 'रिपोर्ट से पता चलता है कि...'
SC ने नहीं दी थी फॉर्म 6 की इजाजात? प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं- 'ECI ने तो बताया था कि...'
SC ने नहीं दी थी फॉर्म 6 की इजाजात? प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं- 'ECI ने तो बताया था कि...'
CJP नेताओं की गिरफ्तारी की आशंका पर आशुतोष रांका बोले- 'हमें मार भी दिया तो चिता से...'
CJP नेताओं की गिरफ्तारी की आशंका पर आशुतोष रांका बोले- 'हमें मार भी दिया तो चिता से...'
फिर से ठेला लगा रहीं चंद्रिका दीक्षित, वड़ा पाव की जगह बेच रही ये
फिर से ठेला लगा रहीं चंद्रिका दीक्षित, वड़ा पाव की जगह बेच रही ये
एशियन गेम्स की तरह वैभव-सैमसन WI के खिलाफ एकसाथ उतरेंगे! जानें प्लेइंग XI पर अपडेट
एशियन गेम्स की तरह वैभव-सैमसन WI के खिलाफ एकसाथ उतरेंगे! जानें प्लेइंग XI पर अपडेट
मॉनिटरिंग, डर बनाएं, बीट पेट्रोलिंग... महिलाओं की सुरक्षा के लिए SC के दिल्ली पुलिस को निर्देश
मॉनिटरिंग, डर बनाएं, बीट पेट्रोलिंग... महिलाओं की सुरक्षा के लिए SC के दिल्ली पुलिस को निर्देश
अखिलेश को परेशान करेगी ये तस्वीर! राहुल-प्रियंका से पुराने सहयोगी ने मिलाया हाथ
अखिलेश को परेशान करेगी ये तस्वीर! राहुल-प्रियंका से पुराने सहयोगी ने मिलाया हाथ
नई CNG कार लेने का प्लान, ये 6 नए मॉडल जरूर देखें
नई CNG कार लेने का प्लान, ये 6 नए मॉडल जरूर देखें
Embed widget